नई दिल्ली बतौर सभापति अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, अपने काम से संतुष्ट हूं- एम. वेंकैया नायडू

बतौर सभापति अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, अपने काम से संतुष्ट हूं- एम. वेंकैया नायडू

बतौर सभापति अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, अपने काम से संतुष्ट हूं- एम. वेंकैया नायडू

नई दिल्ली: राज्यसभा के निवर्तमान सभापति एम. वेंकैया नायडू ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिन बुधवार को कहा कि वह अपने काम से संतुष्ट होकर सेवानिवृत्त हो रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने सदन के सदस्यों से विभिन्न मुद्दों को उठाने के लिए नियमों और तरीकों का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करने का आग्रह किया.

नायडू ने महासचिव और सचिवालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुबह एक बैठक में कहा कि राज्यसभा के सभापति के रूप में मैंने पिछले पांच वर्षों के दौरान अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और मैं संतुष्ट होकर इस कार्यालय को छोड़ रहा हूं. बाद में, उन्होंने राज्यसभा के कुछ सदस्यों के साथ मुलाकात की. नायडू ने सदन में कुछ मुद्दों को उठाने के लिए अन्य सभी नियमों को निलंबित कर नियम 267 को लागू किए जाने को लेकर चिंता जताई. 

सूत्रों के अनुसार उन्होंने कहा कि नियम 267 का उपयोग दुर्लभतम मामलों में किया जाना चाहिए जो सदन के अन्य नियमों के निलंबन को उचित ठहराता हो. इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए. समझा जाता है कि नायडू ने सदस्यों से कहा कि उन्होंने सदन के नियमों के अनुसार कुछ मौकों पर सख्त कार्रवाई की और यह सदन के कामकाज के हित में था. नायडू ने कहा कि उन्होंने सदन में छोटे दलों के सदस्यों को अधिक समय देने का पूरा प्रयास किया. सोर्स- भाषा

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