VIDEO: इलाज में महंगाई का 'डबल डोज', एसएमएस अस्पताल प्रशासन ने तैयार किया मसौदा

Vikas Sharma Published Date 2019/09/17 09:25

जयपुर: राजस्थान के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में इलाज से पहले मरीजों को जेब ढीली करनी होगी. फिर चाहे ओपीडी में मरीज को दिखाने के लिए रजिस्टेशन शुल्क हो या जांच के लिए कटने वाली पर्ची. आईसीयू, OT चार्ज समेत अन्य सेवाओं को भी महंगी करने का अस्पताल अधीक्षक डॉ डीएस मीणा ने मसौदा तैयार किया है. आखिर क्या है अस्पताल प्रशासन का मसौदा और मरीजों पर कैसे आएगा भार, एक्सक्लुसिव रिपोर्ट:

राजस्थान के हर बड़े अस्पताल में सुविधाओं के विस्तार समेत अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए राजस्थान मेडिकल रिलीफ सोसायटी का संचालन किया जाता है. इसके पीछे का उद्देश्य ये था कि अस्पताल की आमद और खर्च का हिसाब किताब रखा जाए. साथ ही किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में अस्पताल में कामकाज प्रभावित नहीं हो. हर तीन माह में आरएमआरएस की बैठक आयोजित की जाती है, जिसमें सदस्य अस्पताल में विभिन्न शुल्क एवं सेवा विस्तार पर मंथन करने है. एसएमएस अस्पताल की 18 सितम्बर यानी कल आरएमआरएस की बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन ऐन वक्त पर इसे रद्द कर दिया गया, लेकिन बैठक के लिए जो प्रस्ताव बनाए गए है, उन्हें यदि स्वीकृति मिली तो मरीजों की जेब पर सीधा असर आएगा. यहीं वजह है कि अस्पताल अधीक्षक प्रस्ताव को लेकर चुप्पी साधे है. 

आरएमआरएस मीटिंग के प्रस्ताव की बानगी:
—हर सामान्य मरीज को रजिस्ट्रेशन के लिए देगा होगा दुगुना शुल्क
—आईटी चार्ज के रूप में 10 रुपए बढ़ाने का प्रस्ताव
—ऐसा हुआ तो हर मरीज को पर्ची कटवाने के लिए देने होंगे 20 रुपए
—इसके साथ ही हर बिल पर पांच रुपए आईटी चार्ज लगाना प्रस्तावित

इन सेवाओं पर महंगाई की मार:
—आईसीयू बैड का चार्ज 200 से बढ़ाकर होगा 400
—मेजर सर्जरी वाले केस में चार्ज : 500 से बढ़ाकर 600
—माइनर सर्जरी वाले केस में चार्ज : 200 से बढ़ाकर 300
—ओपन सर्जरी के लिए अलग से 3000 रुपए का चार्ज प्रस्तावित

दिल के मरीजों का भी बढ़ेगा बिल:
—2डी इको का चार्ज 575 से बढ़ाकर 700 करना प्रस्तावित
—सीटीएमटी का चार्ज 400 से बढ़ाकर 600 करना प्रस्तावित
—टीईई जांच का चार्ज 575 से बढ़ाकर 700 करना प्रस्तावित
—होल्टर का चार्ज 575 से बढ़ाकर 700 करना प्रस्तावित
—इसके साथ ही लैब चार्ज भी डेढ से दो गुना तक बढ़ाने है प्रस्तावित

अस्पताल प्रशासन के प्रस्ताव पर नजर दौड़ाए तो कई विभागों में सेवा विस्तार और कुछ नई जांचें भी शुरू की जानी है, लेकिन इसके साथ ही कमोबेश हर विभाग से जुड़ी सेवाएं महंगी करने का भी प्रस्ताव बनाया गया है. फिर चाहे वो पेट के रोगियों की जांच हो या दांत के दर्द के इलाज के प्रोसिजर. इतना ही नहीं अस्पताल के ऑडिटोरियम का चार्ज भी 80 फीसदी तक महंगा करना प्रस्तावित है. अस्पताल ने क्राउड कंट्रोल की आड़ में मरीज से मिलने आने वाले आगन्तुकों से 50 रुपए लेने का भी मानस बनाया था, लेकिन उच्च स्तर की नाराजगी के बाद इस प्रस्ताव को ठण्डे बस्ते में डाल दिया गया. 

पेट की बीमारियों की जांचें भी होगी महंगी:
—गेस्ट्रोस्कॉपी की जांच का चार्ज 500 से बढ़ाकर 800 करना प्रस्तावित
—कोलनोस्कोपी की जांच का चार्ज 1000 से बढ़ाकर 1500 करना प्रस्तावित
—सिगमोइडोस्कोपी जांच का चार्ज 1750 से बढ़ाकर 2500 करना प्रस्तावित
—ईआरपीपी का चार्ज 1750 से बढ़ाकर 2500, ईयूएस चार्ज दोगुना करना प्रस्तावित
—पीटीबीडी टेस्ट का चार्ज 200 से पांच गुना बढ़ाकर 1000 करना प्रस्तावित
—दंत चिकित्सा से जुड़ी सेवाओं के लिए 50 रुपए से लेकर 500 रुपए तक चार्ज निर्धारित करने का प्रस्ताव

अस्पताल की आरएमआरएस की कल होने वाली बैठक भले ही फिलहाल स्थगित हो गई हो, लेकिन माना जा रहा है कि इसी माह में यह बैठक होगी. अगर पुराने अनुभवों को देखे तो ऐसा नहीं है कि अस्पताल के हर प्रस्ताव को हरी झण्डी मिले. ऐसे में अब सबकी निगाह आगामी बैठक और उसमें अस्पताल के प्रस्तावों को लेकर सदस्यों के रूख पर रहेगी.

... संवाददाता विकास शर्मा की रिपोर्ट

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