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इकाना स्टेडियम का बदला नाम, अब कहलाएगा 'भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम'

इकाना स्टेडियम का बदला नाम, अब कहलाएगा 'भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम'

लखनऊ। देश में कई शहरों के नाम बदले जाने के बाद अब इस कड़ी में क्रिकेट स्टेडियम का नाम भी जुड़ गया है। हालांकि इस बार स्टेडियम का नया नाम पूर्व प्रधानमंत्री एवं भाजपा के संस्थापक सदस्यों में से एक दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित किया गया है। इसके तहत लखनऊ के इकाना स्टेडियम को अब 'भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम' के नाम से जाना जाएगा। बता दें कि 24 साल के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट मैच की मेजबानी कर रहे इस स्टेडियम का नाम मैच से एक दिन पहले ही बदल दिया गया है।

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक की अनुमति से लखनऊ के इकाना स्टेडियम का नाम पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक स्टेडियम का नामकरण राज्य सरकार कर सकती है। इसलिए, लखनऊ विकास प्राधिकरण, इकाना स्पोर्ट्स सिटी प्रा.लि. और जीसी कंस्ट्रक्शन ऐंड डिवेलपमेंट इंडस्ट्रीज प्रा.लि. के बीच समझौते के बाद लखनऊ के गोमती नगर विस्तार सेक्टर 7 में स्थित स्टेडियम का नाम पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर रखा गया है।

इकाना स्टेडियम से 'भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम' बना यह स्टेडियम 50 हजार दर्शक क्षमता वाला है, जो करीब 71 एकड़ में फैला है। इसमें एक हजार कार पार्किंग के साथ लगभग पांच हजार टू-वीलर पार्किंग की यहां व्यवस्था है। फ्लड लाइट, मीडिया सेंटर, पवेलियन सहित अन्य सुविधाएं भी यहां विश्व स्तरीय हैं। खास बात यह है कि बारिश होने के कुछ ही घंटो के अंदर आधुनिक तकनीक से पानी को बाहर निकालकर ग्राउंड को खेलने योग्य बना दिया जाता है।

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जयपुर: आज रात साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगने वाला है. यह ग्रहण वास्तविक चंद्र ग्रहण ना होकर एक उपछाया चंद्र ग्रहण होगा. इस ग्रहण का कोई अशुभ प्रभाव नहीं माना गया. इसके साथ ही उप छाया ग्रहण का कोई सूतक भी नहीं लगता है. आज लगने वाला उपछाया चंद्र ग्रहण रात में 11 बजकर 11 मिनट से शुरू होगा और रात में 2 बजकर 34 मिनट पर खत्म होगा. ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बता रहे हैं जो चंद्रग्रहण के बाद करना शुभ माने जाते हैं.

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- चंद्रग्रहण के बाद मंदिर को साफ-सुथरा करके यदि आपके घर में भगवान की प्रतिमा है तो उन्‍हें गंगाजल से स्नान करके नए वस्त्र पहनाएं. उसके बाद पूजा करके भोग लगाएं और खुद भी अन्न और जल ग्रहण करें. 

- चंद्रग्रहण के बाद सफेद वस्‍तुओं का दान करना मंगलकारी होता है. ग्रहण के बाद गुरुजनों, ब्राह्मणों और पुरोहितों एवं जरूरतमंदों को दान करना चाहिए. 

- राणों में चंद्रग्रहण और सूर्यग्रहण के बाद स्‍नान को बेहद आवश्‍यक बताया गया है. एक बात का ध्‍यान रखें कि स्‍नान कपड़े पहनकर करें. शास्‍त्रों में नग्‍न होकर स्‍नान करना वर्जित बताया गया है. 

- ग्रहण के बाद घर में हर जगह गंगाजल का छिड़काव करें. साथ ही पूजा स्‍थल को भी पवित्र करें और सभी मूर्तियों पर गंगाजल छिड़कें. 

- चंद्रग्रहण के बाद रात के बचे हुए पके भोजन को न खाएं. आप चाहें तो इसे सुबह पशुओं को खिला सकते हैं. 

World Environment Day:पर्यावरण संरक्षण की 'फैक्ट्री' है नागौर जिले का रोटू गांव, गांव में खुलेआम विचरण करते है चिंकारा और कृष्ण मृग

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डीडवाना(नागौर): पर्यावरण संरक्षण की फैक्ट्री कहूं तो आप के दिमाग मे यह सवाल जरूर आएगा कि फैक्ट्रियों से ही तो पर्यावरण प्रदूषण फैलता है तो पर्यावरण सरंक्षण की फैक्ट्री कैसे हुई. जी, हां नागौर जिले का एक गांव है रोटू जो सच मे पर्यावरण प्रदूषण रोकने की एक बहुत बड़ी फैक्ट्री से कम नहीं है. इस फैक्ट्री में काम करने वाले ग्रामीण पर्यावरण सरंक्षण, जीव दया और प्रकृति प्रेम के साथ साथ संस्कारों का उत्पादन करते है.

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पांच सौ बरस पहले गुरु जम्भेश्वर जी ने  पर्यावरण संरक्षण की फैक्ट्री लगाई थी:
नागौर जिले के जायल उपखंड का छोटा सा एक गांव है रोटू जहां पांच सौ बरस पहले विश्नोई सम्प्रदाय के गुरु जम्भेश्वर जी ने एक पर्यावरण संरक्षण की फैक्ट्री लगाई थी जो  आज पांच सौ बरस बाद भी ठीक उसी तरह चल रही है और इस फैक्ट्री में उत्पादन जीव दया और पर्यावरण सरंक्षण का होता है. पांच सौ बरस पहले यहां जम्भेश्वर भगवान ने 3700 पेड़ लगाए थे वो आज भी वट वृक्ष के समान हो गए और पर्यावरण सरंक्षण के अद्भुत कार्य के माइल स्टोन बनकर खड़े है. गांव में खेजड़ी के पेड़ों को शमी यानी तुलसी मानकर पूजा जाता है. काटना तो दूर की बात है यहां गांव में खेजड़ी की छंगाई भी नहीं की जाती. 

6 हजार से ज्यादा हिरण यहां खुलेआम विचरण करते हैं:
पर्यावरण सरंक्षण की वजह ही गांव में आज हजारों की तादात में चिंकारा हिरण और कृष्ण मृग गांव में खुलेआम घूमते नजर आ जाते है, ग्रामीणों के अनुसार गांव के आसपास 6 हजार से ज्यादा हिरण यहां खुलेआम विचरण करते हैं. यह गांव जीव दया और प्रेम की जीवंत कहानी है गांव में हिरण आखेट निषेध है, और कंजर्वेशन क्षेत्र भी घोषित किया जा चुका है. अगर गांव के आसपास में हिरणों का कोई शिकार कर ले या कोशिश भी की जाती है तो गांव के बुजुर्ग युवा और महिलाएं सब जीव को बचाने के लिए एक स्वर में खड़े हो जाते हैं. ग्रामीण कहते है हम अपने बच्चों की तरह जानवरों को पालते हैं हिरणों के बच्चों को औरते अपने बच्चों की तरह दूध पिलाती है. तो उसको मारने कैसे देंगे. 

यहां संस्कारो में पर्यावरण सरंक्षण और जीव दया: 
सरकारे पर्यावरण प्रदूषण से बचाने के लिए तरह तरह के अभियान चलाती है औऱ एनजीटी भी देश मे पर्यावरण प्रदूषण को लेकर अपना काम कर रही है मगर रोटू गांव में बचपन मे ही यहां संस्कारो में पर्यावरण सरंक्षण और जीव दया और प्रेम दिया जाता है. यही वजह है कि गांव आज देशभर में मिशाल बना हुआ है जरूरत है कि सरकारे भी रोटू गांव से सीखे ओर पर्यावरण के प्रति गंभीर हो ताकि प्रकृति का संतुलन बना रहे.  

खेतों में नुकसान पंहुचाने वाले हिरणों को भी ग्रामीण प्रेम से रखते हैं: 
केरल में गर्भवती हथिनी की हत्या के मामले में देशभर में रोष देखा जा रहा है. घटना के बाद रोटू गांव में भी रोष देखा गया है. ग्रामीण बताते है कि खेतों में नुकसान पंहुचाने वाले हिरणों को भी ग्रामीण प्रेम से रखते हैं और किसी को हिरणों को नुकसान नहीं पहुंचाने देते जीव दया रखने वाले रोटू गांव के ग्रामीणों का मानना है कि दोषी को कड़ी सजा दी जाए ताकि दुबारा कोई ऐसे हरकत नहीं करें. 

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ग्लोबल वार्मिंग और ग्लोबल कूलिंग के संकेत भयावह:
पर्यावरण सरंक्षण के लिए आम आदमी को आगे आकर पर्यावरण सरंक्षण करना होगा तभी हम प्रकृति को बचा पाएंगे नहीं तो ग्लोबल वार्मिंग और ग्लोबल कूलिंग के संकेत भयावह नजर आ रहै हैं. वर्तमान में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है ऐसे में रोटू गांव एक प्रेरक बनकर उभरा है. 

...नरपत ज़ोया संवाददाता फ़र्स्ट इंडिया न्यूज़ डीडवाना

झारखंड और कर्नाटक में भूकंप से कांपी धरती, तीव्रता 4.7 और 4.0 मापी गई

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नई दिल्ली: देश के दो राज्यों झारखंड और कर्नाटक में आज सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. लोगों ने भूकंप के झटके सुबह 6 बजकर 55 मिनट पर  महसूस किए. झारखंड के जमशेदपुर में 4.7 की तीव्रता से भूकंप आया है. वहीं, कर्नाटक के हम्पी में भी 4.0 की तीव्रता से भूकंप के झटके महसूस किए गए. हालांकि इस दौरान दोनों जगहों पर किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है.

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बुधवार को दिल्ली एनसीआर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए:
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक झारखंड में भूकंप का केंद्र जमशेदपुर रहा. जबकि कर्नाटक में भूकंप का केंद्र हम्पी रहा. इससे पहले बुधवार को दिल्ली एनसीआर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. नोएडा में रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.2 थी. एक हफ्ते में दूसरी बार नोएडा में झटके महसूस किए गए थे. बीते कुछ दिनों में दिल्ली-एनसीआर में कई बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. 

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Rajasthan Corona Updates: पिछले 24 घंटे में 4 लोगों की मौत, 210 नए पॉजिटिव केस आये सामने, कुल मरीजों की संख्या पहुंची 9862

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जयपुर: राजस्थान में लगातार कोरोना वायरस के मरीज बढ़ते जा रहे है. गुरुवार रात 8.30 बजे तक 4 मरीजों की मौत हो गई. जबकि 210 नए पॉजिटिव केस सामने आये है. राजस्थान में अब तक 213 लोगों की कोरोना वायरस की वजह से मौत हो चुकी है. वहीं कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या 9 हजार 862 पहुंच गई. राजस्थान में पॉजिटिव से नेगेटिव कुल 7104 मरीज हुए. अस्पताल से कुल 6490 मरीज डिस्चार्ज किए गए. कुल 2545 एक्टिव मरीज अस्पताल में उपचाररत है. कुल कोरोना पॉजिटिव प्रवासियों की संख्या 2843 पहुंच गई है.

जयपुर एयरपोर्ट से आज रहीं 7 फ्लाइट रद्द, स्पाइसजेट की 4, इंडिगो की 2 फ्लाइट रहीं रद्द

सर्वाधिक 49 केस अकेले भरतपुर में आये सामने:
जयपुर,भरतपुर,सवाई माधोपुर और एक अन्य राज्य के मरीज की मौत हो गई. सर्वाधिक 49 केस अकेले भरतपुर में सामने आये है. अजमेर 6, बारां 8, बाड़मेर 3, भीलवाड़ा 5 पॉजिटिव, बीकानेर 1, बूंदी 2, चित्तौड़गढ़ 8, चूरू 25, जयपुर 12 पॉजिटिव, जालोर 6, झुंझुनूं 6, जोधपुर 29, करौली एक, कोटा 7 पॉजिटिव, नागौर 6, पाली 5, राजसमंद तीन, सवाई माधोपुर 1 पॉजिटिव, सीकर 12, सिरोही 2, उदयपुर में 8 और दूसरे राज्य के 5 पॉजिटिव सामने आये है. 

जयपुर में कोरोना का बढ़ता दायरा:
राजधानी जयपुर में कोरोना वायरस का दायरा बढ़ता जा रहा है. पिछले 24 घंटे में एक मरीज की मौत हो गई. जबकि 12 पॉजिटिव केस सामने आये है. सबसे ज्यादा चांदपोल बगरू वाले के रास्ते में 4 मरीज,  इसके अलावा ब्रह्मपुरी में एक, जेएनयू में एक, बनीपार्क 1 पॉजिटिव, नाहरी का नाका एक, गणगौरी बाजार एक, सेन्ट्रल जेल 2 पॉजिटिव, पानीपेच में एक मरीज पॉजिटिव मिला है. जयपुर में अब तक 101 मरीजों की कोरोना की वजह से मौत हो चुकी है. वहीं कुल मरीजों की संख्या 2136 पहुंच गई है. 

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जानिए कैसा रहेगा ग्रहण का असर ? साल 2020 का दूसरा चंद्रग्रहण कल, 21 जून को होगा सूर्य ग्रहण

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नई दिल्ली: देश में इस वर्ष लगातार 3 ग्रहण पड़ने वाले है. 5 जून को वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण होगा. हालां​कि इसका प्रभाव भारत में नहीं होगा. वहीं 21 जून को सूर्य ग्रहण होगा, जो भारत में प्रभावशील रहेगा. इसके बाद तीसरा 5 जुलाई और साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 30 नवंबर को लगेगा. 

ऐसा रहेगा चंद्रग्रहण:
5 जून 2020 को यानी शुक्रवार को वर्ष 2020 का दूसरा चंद्र ग्रहण लगने वाला है. हिंदू पंचांग के मुताबिक ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि पर चंद्रग्रहण लगेगा. यह चंद्रग्रहण उपछाया ग्रहण होगा. ग्रहण 5 जून की रात 11 बजकर 15 मिनट से लगना आरंभ होगा जो अगले दिन रात के 2 बजकर 34 मिनट तक रहेगा. ग्रहण के समय चंद्रमा वृश्चिक राशि में भ्रमण करेगा. जब भी चंद्रग्रहण लगता है तो उससे पहले चंद्रमा पृथ्वी की उपछाया में प्रवेश करता है. चंद्रग्रहण की प्रकिया में इसे penumbra कहा जाता है. उपछाया में पूर्ण चंद्र ग्रहण नहीं पड़ता इसमें चंद्रमा सिर्फ धुंधला सा दिखाई पड़ता है इस वजह से इसे चंद्र मालिन्य भी कहते हैं. 

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21 जून को होगा सूर्य ग्रहण: 
21 जून 2020 को सूर्य ग्रहण पड़ने जा रहा है. अगर बात करें ज्‍योतिषीय दृष्‍टी की, तो  इसका असर बहुत अच्‍छा नहीं मिलने जा रहा है. पहले से ही नाजुक दौर से गुजर रही अर्थव्यवस्था में और गिरावट आने के संकेत हैं. मृत्युदर और बढ़ोतरी हो सकती है.  तूफान और भूकम्प जैसी प्राकृतिक आपदाएं भी आ सकती हैं. ये सूर्य ग्रहण मृगशिरा नक्षत्र और मिथुन राशि में होगा. जिनका जन्म नक्षत्र मृगशिरा और जन्म राशि या जन्म लग्न मिथुन है. उनके लिए यह विशेष अरिष्ट फल प्रदान करने वाला होगा. सूर्य ग्रहण प्रात: 9:26 बजे से अपराह्न 3:28 तक रहेगा. भारत में यह ग्रहण प्रात:10 बजे से 14:30 बजे तक अर्थात साढ़े चार घंटे रहेगा. इस ग्रहण के दौरान सूर्य 94 प्रतिशत ग्रसित हो जाएगा. दिन में अन्धेरा जा जाएगा. कुछ जगह तारे भी दिखाई दे सकते हैं.
 
धीरे धीरे होगा कोरोना का प्रकोप कम:
दुनियाभर में कोरोना वायरस ने हाहाकार मचा दिया है. अभी इसकी वैक्सिन नहीं बन पाई है. वैज्ञानिक लगातार इस पर रिसर्च करके दवा बनाने में लगे हुए है. वहीं बात करें ज्योतिषियों की, तो उनके मुताबिक कोरोना महामारी ग्रहों की दशा बदलने की वजह से ज्यादा विकराल हुई है. आकाश मंडल में सूर्य, शनि, चंद्र, केतु के विपरीत प्रभाव के चलते कोरोना महामारी दुनिया में फैली है. ज्योतिषियों के मुताबिक जून माह में पड़ रहे सूर्य ग्रहण के प्रभाव से कोरोना का प्रकोप कम होने लगेगा और 5 जुलाई को पड़ रही गुरु पूर्णिमा तक विषाणु, कीटाणु प्रभावशील रहेंगे. जब ग्रह वापस अपने मूल स्वरूप में आएंगे, तभी कोरोना का प्रकोप समाप्त होने लग जाएगा. 

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जयपुर: एसएचओ विष्णु दत्त आत्महत्या मामले की CBI जांच होगी. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने फाइल पर मुहर लगा दी है. सीएम गहलोत ने CBI जांच के अनुशंसा पत्र पर मुहर लगाई. विष्णु दत्त के परिजनों के मुताबिक CBI जांच का फैसला लिया. 

आपको बता दें कि चूरू के राजगढ़ पुलिस थाने के थानाधिकारी विष्णु दत्त विश्नोई द्वारा 23 मई को की गई आत्महत्या के प्रकरण की जांच सीबीआई से करवाए जाने पर सीएम अशोक गहलोत ने सैद्धान्तिक सहमति दे दी है. 

अब पीड़ित परिजनों को यह विकल्प दिया गया है कि वे चाहें तो केस की जांच सीबी सीआईडी कर सकती है, वे चाहें तो न्यायिक जांच भी हो सकती है और यदि वे चाहते हैं कि मामले की जांच सीबीआई करे तो इस पर भी सरकार को कोई आपत्ति नहीं है. 

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राजस्थान विश्वविद्यालय की UG, PG फाइनल की परीक्षाएं 13 जुलाई से, करीब 180 परीक्षा केंद्रों पर होंगी आयोजित

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जयपुर: उच्च शिक्षा में परीक्षा आयोजन को लेकर सरकार के निर्देश के बाद राजस्थान विश्व विद्यालय ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है. 2 जून को सरकार ने जुलाई के दूसरे सप्ताह में परीक्षा आयोजन के निर्देश दिए हैं तो वहीं राविवि कुलपति आरके कोठारी ने परीक्षा नियंत्रक सहित कमेटी के साथ बैठक कर परीक्षाओं को आयोजन को लेकर कवायद शुरू कर दी है. 

रिश्वत लेते रंगे हाथों एसीबी के हाथ लगा जीपीएफ विभाग का कर्मचारी

20 नये परीक्षा केंद्रों को भी चिन्हित कर लिया गया:
राजस्थान विश्व विद्यालय में यूजी फाइनल, पीजी फाइनल और सेमेस्टर फाइनल की परीक्षा 13 जुलाई से शुरू हो जाएंगी. राविवि ने करीब 160 परीक्षा केन्द्रों को सुरक्षा की दृष्टि से सही पाया है. साथ ही 20 नये परीक्षा केन्द्रों को भी चिन्हित कर लिया गया. जल्द ही राविवि टीम इन सेंटरों का दौरा करेगी और टीम की हरी झंडी के बाद सेंटर्स को फाइनल किया जाएगा. परीक्षा से पहले सभी विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रिनिंग की जाएगी तो वहीं फेस मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जाएगा. इसके साथ ही हर परीक्षा के बाद सेंटर को सेनेटाइज किया जाएगा. 

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सिर्फ नियमित विद्यार्थियों को ही प्रमोट किया जाएगा: 
कुलपति आरके कोठारी ने कहा की सरकार के निर्देशानुसार परीक्षा आयोजित करवाई जाएगी. साथ ही यूजी, पीजी और सेमेस्टर में फाइनल के अलावा सभी विद्यार्थियों को प्रमोट किया जाएगा और परिस्थितियां अनुकुल होने पर अगस्त में इनकी परीक्षा आयोजित हो सकती है. साथ ही कुलपति आरके कोठारी ने बताया कि सिर्फ नियमित विद्यार्थियों को ही प्रमोट किया जाएगा. स्वयंपाठी विद्यार्थियों का औसत परिणाम बहुत कम रहता है. ऐसे में उनको प्रमोट करना संभव नहीं है. ऐसे में जब भी परिस्थितियां अनुकुल होगी तब इनकी परीक्षा का आयोजन करवाया जाएगा. 

रिश्वत लेते रंगे हाथों एसीबी के हाथ लगा जीपीएफ विभाग का कर्मचारी

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जयपुर: राजधानी जयपुर शहर में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. इस दौरान एसीबी की टीम ने जीपीएफ विभाग के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा है. GPF विभाग के कनिष्ठ लिपिक रघुवीर सिंह ने परिवादी से उसके GPF का बिल बनाने की एवज़ में 2500 रुपया की रिश्वत मांगी थी. परिवादी का क़रीब 10 लाख रुपये से ज़्यादा क़ा बिल बन रहा था. इसके लिए आरोपी रघुबीर ने परिवादी से पहले 500 रुपये ले लिए. बावजूद इसके आरोपी रघुवीर ने परिवादी का बिल नहीं बनाया.

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एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही: 
परिवादी काफी समय से विभाग के चक्कर काट रहा था. जब कोई बात नहीं बनी तो परिवादी ने एसीबी में आरोपी बाबू की शिकायत कर दी. एसीबी ने पूरे मामले का सत्यापन कराया जो कि सही पाया गया. योजना के तहत एसीबी की टीम ने आज आरोपी बाबू को सांगानेर स्थित नगर निगम के ज़ोन कार्यालय के पास ढाई हज़ार रुपया की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ़्तार कर लिया. बहरहाल एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है. 

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