डार्क जोन के मोहरे से चुनावी शतरंज, चुनावी वर्ष में रिकॉर्ड अवैध बोरिंग

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/06/25 07:42

पुष्कर (लोकेश वैष्णव)। आगामी विधानसभा चुनावों की सरगर्मियां तेज हो गई है और साथ ही शुरू हो गए हैं मतदाताओं को लुभाने के लिए तरह तरह के जतन। केंद्रीय भूजल प्राधिकरण ने पुष्कर क्षेत्र में अति जलदोहन को देखते हुए एक सर्वे के बाद 30 सितंबर 2003 को पुष्कर सहित सम्पूर्ण क्षेत्र को नोटिफाइड एरिया घोषित किया था, जिसके तहत इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के नए कुए, ट्यूबवैल की खुदाई पर प्रतिबंध लगाया गया था। यह रोक तो लगाई गई, लेकिन कभी ठोस कानूनी ताकत नहीं मिली। कानूनी शिथिलता और प्राशासनिक मिलीभगत ने बोरिंग माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हुए कि रोक के बाद बोरिंग में रिकॉर्ड उछाल आया।

अजमेर जिला कलेक्टर कार्यलय की ओर से डिस्कॉम को भी आदेश दिए गए थे कि विभाग नए ट्यूबवैल और कुओं के लिए कनेक्शन ना दें और पूर्व में जो दिए गए हैं, उनकी जानकारी भी दें। इस प्रतिबंध को डिस्कॉम ने शुरू से ही अनदेखा किया, जिससे निरन्तर अवैध बोरिंग जारी है। अवैध बोरिंग की मॉनिटरिंग करने के लिए पांच सदस्यीय समिति को ट्यूबवैल करने वाली गाड़ी को सीज करने का अधिकार तक दिया गया। इस कमेटी में उपखंड अधिकारी के अलावा अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका, थानाधिकारी, तहसीलदार और हल्का पटवारी को शामिल किया गया।

नियम के अनुसार केवल विशेष परिस्थितियों में जिला कलेक्टर ही बोरिंग की अनुमति दे सकते हैं। इतने दवाब के बाद चार गुना कीमतें वसूल कर पुष्कर सहित आसपास के क्षेत्रों में बदस्तूर बोरिंग का काम और धड़ल्ले से शुरू हो गया, जो समय के साथ बढ़ता ही जा रहा है। अब जब इस साल के अंत मे विधानसभा चुनाव होने हैं तो बोरिंग कराने वाले लोगों ने  नेताओं से भी सीधी सौदेबाजी शुरू कर दी है। कस्बे के नाला क्षेत्र में पिछले कई महीनों से औसतन एक अवैध बोरिंग हो रहा है और पूरी व्यवस्था असहाय बनकर देख रही है। 

शनिवार और रविवार को कस्बे में और अन्य दिनों मे ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध बोरिंग हो रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार, केवल इसी साल अब तक 250 बोरिंग हो चुके हैं। विधानसभा चुनावों का जो दवाब है, वह नेताओं पर साफ देखा जा रहा है और यह दवाब प्रशासन और पुलिस पर भी साफ देखा जा सकता है। यही कारण है कि भीषण पेयजल संकट और सूखते सरोवर के हालातों के बाद भी स्तिथि नियंत्रण से बाहर है। यदि अब भी कोई ठोस कार्यवाही नहीं होती है तो चुनावों को देखते हुए अवैध बोरिंग में और भी उछाल देखने को मिल सकता है।

पिछले कई दिनों से दवाब के बाद बीती रात पुष्कर पुलिस ने उपखंड अधिकारी के निर्देश पर कार्यवाही करते हुए 2 बोरिंग की मशीनें जप्त की, जिनके खिलाफ केवल फौरी कार्यवाही अमल में लाई गई। जब इस मामले में उपखंड अधिकारी वीके गोयल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पटवारी रिपोर्ट के बाद नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। बहरहाल, अब सभी की निगाहें अगली कार्यवाही पर टिक गई है।

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