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एक बार फिर होगा 'आनंदपाल का एनकाउंटर'

एक बार फिर होगा 'आनंदपाल का एनकाउंटर'

चूरू। राजस्थान पुलिस फिर से एनकाउंटर करने जा रही है, वह भी कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल का। जी हां, आनंदपाल एनकाउंटर को लेकर सीन रिक्रिएट करने के लिए राजस्थान पुलिस सीबीआई जांच के तहत डमी आनंदपाल का एनकाउंटर करेगी। बता दें कि इस साल 8 जनवरी से आनंदपाल एनकाउंटर की सीबीआई जांच चल रही है। इस जांच के दौरान राजस्थान पुलिस को डमी आनंदपाल का एनकाउंटर करना है। अब ये तो सीबीआई जांच के बाद ही पता चलेगा की यह एनकाउंटर सही था या नहीं और किस तरह उन्होंने आनंदपाल का एनकाउंटर किया था।

गौरतलब है कि कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर के बाद प्रदेश के राजपूूत नेताओं ने वसुंधरा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और इस एनकाउंटर को फर्जी बताया था। साथ ही राजपूत समाज के नेताओं ने इस एनकाउंटरर की सीबीआई जांच की मांग की थी। वहीं इस मामले की सीबीआई जांच चल रही है और राज्य सरकार भी आगामी विधानसभा चुनाव में राजपूत समाज की नाराजगी मोल नहीं लेना चाहती है। इसके चलते सीबीआई जांच भी तेज चल रही है। आनन्दपाल की दहशत का अंत अमावश्या की काली रात को हुआ था, वहीं एनकाउटंर करने वाले पुलिस दल की अग्नि परीक्षा 31 जुलाई को होनी तय हुई है। 

आनंदपाल एनकाउंटर मामले की सीबीआई जांच में सूत्रों की मानें तो सीबीआई की इन्वेस्टिगेशन लगभग पूरी हो गई है और अब सीएफएसल और सीबीआई के अधिकारियों के सामने 31 जुलाई को गांव मालासर में एक बार फिर से आनंदपाल का एनकाउंटर किया जाएगा। इस दौरान आनंदपाल के एनकाउंटर का पूरा सीन रिक्रिएट किया जाएगा और एनकाउंटर में शामिल सभी पुलिसकर्मी भी सीबीआई टीम के सामने मौजूद रहेंगे। दरअसल, एनकाउंटर दल को इस एनकाउटंर की सीबीआई जांच में अग्नि परीक्षा से गुजरना पड़ रहा है। सीबीआई देखना चाहती है कि किस प्रकार 59 अधिकारी व जवानों ने आनन्दपाल का एनकाउंटर किया था।

ये है आनंदपाल एनकाउंटर की पूरी दास्तां :
हम आपको बताते हैं कि आनन्दपाल एनकाउंटर की उस काली रात हुए दशहत के अंत का लाईव कि किस प्रकार एसओजी, हरियाणा पुलिस और राजस्थान पुलिस ने मिलकर आनन्दपाल को ढेर किया। 23 व 24 जून 2017 अमावश्या की रात को गांव मालासर में श्रवणसिंह के मकान पर आनंदपाल का एनकाउंटर किया गया था। एनकाउंटर में चूरू पुलिस अधीक्षक राहुल बारहट भी शामिल थे। एसओजी प्रमुख दिनेश एमएन के नेतृत्व में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। 

एनकाउंटर के वक्त मौजूद पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रात करीब नौ बजे पुलिस के 30-35 कमांडों और जवानों के साथ चुरू और नागौर के पुलिस अधिकारियों के साथ रतनगढ़ के मालासर पहुंचे और वहां श्रवण सिंह के मकान को घेर लिया। पहुंचते ही सबसे मकान के पास खड़ी उसकी गाड़ी को पंक्चर कर दिया तथा उस वक्त घर में आनंदपाल के साथ-साथ तीन महिलाएं और तीन पुरुष तथा कुछ बच्चे मौजूद थे। ये सभी ग्राउंड फ्लोर पर बने कमरों में रह रहे थे। इन सभी को एक कमरे में बंद कर दिया गया।

उस समय आनंदपाल पहली मंजिल पर था। यहां दो कमरे हैं और इन तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों से आठ-दस कमांडोज की टीम ऊपर जाने का प्रयास करती रही। दूसरी टीम बाहर से निगरानी रख रही थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आनंदपाल को सरेंडर करने के लिए कहा तो उसने बाहर खड़े पुलिस अधिकारियों पर फायर किया। जबाव में सीढ़ियों के पास खड़ी टीम ने फायर किया। 

इसके बाद आनंदपाल कभी बाहर वाली टीम पर तो कभी सीढ़ियों के रास्ते ऊपर पहुंचने वाली टीम पर फायर करता रहा। इस दौरान वह कभी एक कमरे में तो कभी दूसरे कमरे में जाकर फायर करता। करीब एक घंटे तक दोनों ओर से फायरिंग हुई। पुलिस के अनुसार, आनंदपाल ने एके 47 से 100 राउंड फायर किए। पुलिस की ओर से 50 राउंड फायर की बात कही जा रही है, लेकिन कुछ लोग इससे कहीं ज्यादा राउंड फायर होने के दावे कर रहे हैं। इस दौरान वहां एक शीशा रखा था। सीढ़ियों के पास मौजूद टीम के अधिकारियों ने इस शीशे को हॉकी स्टिक की मदद से सीढ़ियों के पास ऐसे स्थान पर सरकाया, जहां से उसमें आनंदपाल का मूवमेंट नजर आता रहे। इस शीशे में देखकर पुलिस ने अपनी ओर से फायरिंग की।

इस बीच कांस्टेबल सोहनलाल और धर्मपाल तथा इंस्पेक्टर सूर्यवीर सिंह छत तक पहुंचने में सफल हो गए, सोहनलाल की गोली आनंदपाल को लगी। इस दौरान आनंदपाल की गोलियां भी सोहनलाल को लग गई। इसके बाद घायल हुए आनंदपाल को अन्य जवानों ने मार गिराया। गोलियों से बचने के चक्कर में एक इस्पेक्टर के छत से कूदने की भी बात सामने आई, ​जिससे उसके हाथ में फ्रेक्चर आ गया। आनंदपाल की मौत के बाद पुलिस ने वहां कमरों की तलाशी ली। यहां पुलिस को तीन मोबाइल फोन और कुछ डायरियां मिली। चुरू एएसपी राहुल बारहठ का कहना है कि इसकी जांच के आधार पर आनंदपाल को पनाह देने वालों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
 
हार्डकोर अपराधी आनंदपाल एनकाउंटर की जांच में आठ जनवरी से जुटी सीबीआई टीम ने अपना इनवेस्टीगेशन लगभग पूरा कर लिया है। अब 31 जुलाई को तहसील के गांव मालासर में सीएफएसएल द्वारा एनकाउंटर सीन रि-क्रिएट करवाया जाएगा। इस दौरान सीबीआई डीएसपी सुनील एस रावत की टीम भी मौजूद रहेगी। इसके लिए एनकाउंटर में शामिल एसओजी, हरियाणा व राजस्थान पुलिस के 59 अधिकारी व जवानों को तलब किया गया है। 31 जुलाई को एनकाउंटर की घटना उसी तरीके से दोहराई जाएगी, जैसे 23 व 24 जून की दरमियानी रात गांव मालासर में श्रवणसिंह के मकान पर आनंदपाल का एनकाउंटर किया गया था।

एनकाउंटर में शामिल अधिकारियों व जवानों को जैसे उनके द्वारा सीबीआई के बयानों में बताया गया है कि किस पॉजिशन से उन्होंने कितने फायर किए, किस जगह फायर किए सबको पुनः दोहराया जाएगा। सूत्रों की मानें तो सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री द्वारा एनकाउंटर में शामिल अधिकारियों द्वारा जवानों और आनंदपाल के हथियारों की जांच का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। इसमें किस हथियार से कितने फायर किए गए, इन तमाम बातों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। पूरी मामले में सीएफएसएल रिपोर्ट जांच की अहम भूमिका रहेगी।

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चूरू: चूरू के राजगढ़ में विष्णु दत्त विश्नोई द्वारा आत्महत्या मामले को लेकर धरना जारी है. उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ थाने के आगे पहुंचे. सांसद राहुल कस्वां भी दिल्ली से धरना स्थल पहुंच गए है. भाजपा जिलाध्यक्ष पंकज गुप्ता भी मौजूद हैं. सभी इस मामले पर CBI  जांच की मांग कर रहे है. उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने चूरू जिले के राजगढ़ थानाधिकारी विष्णुदत्त बिश्नोई की आत्महत्या पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए सरकार से उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है. राठौड़ ने इस संबंध में DGP भूपेन्द्र यादव व ACS होम राजीव स्वरूप से बात कर विष्णुदत्त को न्याय दिलाने के लिए उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले राजनीतिज्ञ व पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की. राठौड़ ने कहा कि बिगड़ी सरकारी व्यवस्था व स्थानीय राजनीतिज्ञों के अपराधियों के पक्ष में बेजा दबाव से प्रताड़ित होकर एक जांबाज पुलिस अधिकारी की आत्महत्या मौजूदा पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली पर करारा तमाचा है.

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स्थानांतरण किए जाने पर राजनीतिक दबाव:
राठौड़ ने कहा कि एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी के रूप में जनमानस में बेहद लोकप्रिय छवि के पुलिस अधिकारी विष्णुदत्त का स्थानांतरण किए जाने पर राजनीतिक दबाव पिछले दो माह से पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ था. अपराधियों से गठजोड़ और कमजोर प्रशानसिक क्षमता वाले अधिकारियों के कारण दो दिन पूर्व ही विष्णुदत्त के मातहत काम करने वाले चार कांस्टेबल को लाइन हाजिर करने व विगत एक माह में 7 कांस्टेबल व हैड कांस्टेबल को अपराधियों के विरुद्ध कार्यवाही करने पर अकारण हटाये जाने से विष्णुदत्त काफी व्यतीत थे जिसकी चर्चा आम थी तथा कल उनके द्वारा किए गए वाट्सएप चैट के प्रमाणित दस्तावेज इसकी पुष्टि भी करते हैं जो संलग्न भी है.

विष्णुदत्त के परिजनों को एक करोड़ मुआवजा देने की मांग:
प्रदेश में अपराधियों को खुला राजनीतिक संरक्षण प्राप्त हो रहा है. अपराधों का ग्रााफ लगातार बढ़ रहा है और कोई भी ईमानदार पुलिस अधिकारी फील्ड पोस्टिंग से बचना चाहते हैं. दर्जनों व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संगठनों ने विभिन्न स्तर पर ज्ञापन देकर उन्हें स्थानांतरित नहीं किए जाने की मांग इस बात को प्रमाणित करती है कि वो अत्यन्त जनप्रिय व निष्पक्ष पुलिस अधिकारी थे. पुलिस बेड़े में इस प्रकार की घटना से विभाग में कार्यरत पुलिस कांस्टेबल व अधिकारी भी व्यथित है. राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार तुरंत विष्णुदत्त की आत्महत्या के कारक बने राजनीतिज्ञ, पुलिस अधिकारी का चेहरा बेनकाब करने के लिए न्यायिक जांच करवाये और विष्णुदत्त के परिजनों को एक करोड़ मुआवजा और आश्रितों को नियुक्ति दें. 

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चूरू: जिले के राजगढ़ से आज बेहद स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आई. राजगढ़ थानाधिकारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. जिसने भी खबर सुनी वो भौचक्का रह गया. आखिर विष्णु दत्त की गिनती राजस्थान के बेहद काबिल, ईमानदार, स्ट्रिक्ट और अपराधियों को ना बख्शने वाले शख्स के रूप में होती थी. घटना के बाद सवाल उठ रहे है कि आखिर क्यों किया होगा एक बहादूर पुलिस ऑफिसर ने ऐसा....

सादुलपुर CI विष्णुदत्त विश्नोई आत्महत्या प्रकरण में ये अधिकारी करेगा जांच  

अपराधियों में विष्णु के नाम का ही भय था:
1997 बैच का जबांज थानेदार जिस भी थाने में रहा अपने वर्किंग स्टाइल की छाप छोड़ी. जनता में लोकप्रिय थानेदार तो सटोरियों और अपराधियों में विष्णु के नाम का ही भय था. आज सुबह करीब 11 बजे विष्णु दत्त विश्नोई ने अपने सरकारी मकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. first India पर ब्रेकिंग होने के साथ ही खबर आग की तरह फैली हर कोई स्तब्ध दुःखी था. घटना के बाद एसपी तेजस्वनी गौतम राजगढ़ पहुंची. सुसाइड नोट मिला जिसमें विश्नाई ने किसी को जिम्मेदार तो नहीं ठहराया पर अपने इस कृत्य के लिए पिता से माफी मांगी. IG जोस मोहन ने भी इसकी पुष्टि की. वहीं घटना के बाद नेताओं के अलावा जनता और व्यापारी भी घटना की जांच की मांग कर रहे हैं. थाने के बाहर नारे लग रहे थे कि इंसान नहीं भगवान था. घटना के बाद सियासत भी गरमा गई. पूर्व विधायक मनोज न्यांगली धरने पर बैठ गए. सांसद राहुल कस्वा दिल्ली से रवाना हो गए तो प्रतिपक्ष उप नेता राजेन्द्र राठौड़ भी. नोखा के विधायक बिहारी विश्नोई भी CBIजांच की मांग कर रहे हैं. राजगढ़ विधायक कृष्णा पूनिया कुछ दवाब में दिखी लेकिन जांच की मांग की है. 

चैट में राजनीतिक दबाव की बात की:
इधर एडवोकेट गोवर्धन सिंह ने 1 दिन पहले हुई चैट सार्वजनिक करते हुए कहा कि एक ईमानदार ऑफिसर ने दबाव में ये कदम उठाया. चैट में राजनीतिक दबाव की बात कहते हुए आवश्यक सेवानिवृत्ति की बात कही गई थी. हालांकि सूत्र बताते है कि एक दिन पहले हुए बस ऑपरेटर  मर्डर की घटना में 2 लोग घायल भी हुए थे इस घटना को  लेकर भी विष्णु विश्नोई परेशान थे.

सोशल मीडिया पर बेहद पॉपुलर थे CI विष्णुदत्त विश्नोई, हजारों लोग करते थे लाइक और शेयर 

मनोज न्यांगली के अलावा पूर्व सांसद रामसिंह भी धरना स्थल पर:
हालांकि मनोज न्यांगली के अलावा पूर्व सांसद रामसिंह भी धरना स्थल पर पहुंच गए है.
IG जोसमोहन के पहुंचने के बाद परिजनों से बताचीत भी हुई है. लेकिन अभी भी अहम सवाल मुह बाये खड़ा है कि आखिर क्यों एक निष्ठावान और ऑनेस्ट ऑफिसर को ये रास्ता चुनने को मजबूर होना पड़ा.

...चूरू से संवाददाता लक्ष्मण राघव की रिपोर्ट
 

सादुलपुर CI विष्णुदत्त विश्नोई आत्महत्या प्रकरण में ये अधिकारी करेगा जांच

सादुलपुर CI विष्णुदत्त विश्नोई आत्महत्या प्रकरण में ये अधिकारी करेगा जांच

चूरू: सादुलपुर थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई आत्महत्या प्रकरण की जांच DGP ने क्राइम ब्रांच को दी है. अब ADG बीएल सोनी के निर्देशन में क्राइम ब्रांच मामले की जांच करेगी. जांच मिलते ही ADG क्राइम बीएल सोनी सक्रिय हो गए है. SP CID CB विकास शर्मा को टीम के साथ मौके के लिए रवाना किया है. 

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मुख्यमंत्री गहलोत ने दुःख व्यक्त किया:
वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई आत्महत्या प्रकरण पर ट्विट कर दुःख व्यक्त किया है. उन्होंने विश्नोई की मृत्यु पर संवेदना जताते हुए लिखा कि उनकी राजस्थान पुलिस में सेवाएं उल्लेखनीय रही हैं. विश्नोई की सेवा व कर्तव्यनिष्ठा को सदैव याद रखा जाएगा. दुख की घड़ी में राजस्थान सरकार, पुलिस परिवार के साथ है. 

आत्महत्या प्रकरण में एक के बाद एक नई जानकारी सामने आ रही: 

सादुलपुर थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई आत्महत्या प्रकरण में एक के बाद एक नई जानकारी सामने आ रही है. विश्नोई की एडवोकेट गोवर्धन सिंह से एक दिन पहले की वॉट्सएप चैट में बड़ा खुलासा हुआ है. चैट में विश्नोई बैड पॉलिटिक्स में फंसाने की बात कर रहे थे. गोवर्धन सिंह ने वॉट्सएप चैट को सार्वजनिक किया है. इसके साथ ही गोवर्धन सिंह ने विश्नोई को जांबाज अफसर भी बताया है. 

सोशल मीडिया पर बेहद पॉपुलर थे CI विष्णुदत्त विश्नोई, हजारों लोग करते थे लाइक और शेयर 

सुसाइड नोट की IG जोस मोहन ने भी पुष्टि की:  
वहीं आत्महत्या प्रकरण में सुसाइड नोट की IG जोस मोहन ने भी पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि सुसाइड नोट में विश्नोई ने अपने पिता से माफी मांगी है. IG जोस मोहन ने कहा कि सुसाइड नोट में राजनीति का दबाव का जिक्र नहीं किया है. हालांकि उन्होंने भी जांच की बात कही है.

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चूरू: जिले के सादुलपुर थानाधिकारी विष्णुदत्त बिश्नोई की आत्महत्या का मामला गरमाता जा रहा है. बिश्नोई के प्रति लोगों में एक अलग ही तरह का विश्वास था. इस बात का अंदाजा उनकी सोशल मीडिया पर लोकप्रियता से भी लगाया जा सकता है. CI विष्णुदत्त विश्नोई के फेसबुक पर 69 हजार 272 फॉलाअर है. विश्नोई अक्सर सोशल अवेयरनेस के मसैज जारी करते थे. उन्होंने कोरोना संकटकाल में भी फेसबुक पर कई जागरुकता संदेश चलाए थे. 

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उनके इन मैसेज को हजारों लोग करते थे लाइक और शेयर: 
इतना ही नहीं विश्नोई के मैसेज को हजारों लोग लाइक और शेयर भी करते थे. उन्होंने 13 मई 2020 को आखिरी फेसबुक अपडेट किया था. जिसमें कोरोना जागरूकता और लॉकडाउन से जुड़ा मैसेज अपडेट किया था. CI विष्णुदत्त विश्नोई अपने सकारात्मक कार्यों के चलते अक्सर सुर्खियों में रहते थे. 

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चूरू: जिले के सादुलपुर थानाधिकारी विष्णुदत्त बिश्नोई की आत्महत्या का मामला गरमाता जा रहा है. सादुलपुर थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई आत्महत्या प्रकरण में एक के बाद एक नई जानकारी सामने आ रही है. विश्नोई की एडवोकेट गोवर्धन सिंह से एक दिन पहले की वॉट्सएप चैट में बड़ा खुलासा हुआ है. चैट में विश्नोई बैड पॉलिटिक्स में फंसाने की बात कर रहे थे. गोवर्धन सिंह ने वॉट्सएप चैट को सार्वजनिक किया है. इसके साथ ही गोवर्धन सिंह ने विश्नोई को जांबाज अफसर भी बताया है. 

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आत्महत्या प्रकरण अब राजनीतिक रंग भी लेता नजर आ रहा:
वहीं विश्नोई आत्महत्या प्रकरण अब राजनीतिक रंग भी लेता नजर आ रहा है. पूर्व सांसद रामसिंह और पूर्व विधायक मनोज न्यांगली सादुलपुर थाने में धरने पर बैठ गए है. इस दौरान सुसाइड नोट सार्वजनिक करने की मांग उठा रहे हैं. साथ ही बसपा और भाजपा के नेताओं ने थानाधिकारी की आत्महत्या पर सवाल उठाए हैं. इसके साथ CBI जांच की मांग करते हुए राजनीतिक दबाव का आरोप लगाया जा रहा है. 

विधायक कृष्णा पूनिया ने घटना पर दुख जताया:
सादुलपुर विधायक कृष्णा पूनिया ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि मेरी दो तीन बार विश्नोई से मुलाकात हुई है. उन्होंने कहा कि विश्नोई बेहद ईमानदार छवि के और सुलझे हुए अफसर थे. पूनिया ने पूरी घटना की उच्च स्तरीय जांच की बात कही.

सुसाइड नोट की IG जोस मोहन ने भी पुष्टि की:  
वहीं आत्महत्या प्रकरण में सुसाइड नोट की IG जोस मोहन ने भी पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि सुसाइड नोट में विश्नोई ने अपने पिता से माफी मांगी है. IG जोस मोहन ने कहा कि सुसाइड नोट में राजनीति का दबाव का जिक्र नहीं किया है. हालांकि उन्होंने भी जांच की बात कही है.

1200 KM साइकिल चलाकर घायल पिता को लेकर बिहार पहुंची 15 साल की ज्योति, इवांका ट्रंप भी हुई मुरीद  

पैतृक गांव में छाई शोक की लहर:
सादुलपुर थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई के आत्महत्या करने की जानकारी मिलने पर उनके पैतृक गांव रायसिंहनगर के लूणेवाला गांव में शोक की लहर छा गई. किसी को उनके आत्महत्या करने पर विश्वास नहीं हो रहा है. जानकारी के मुताबिक विष्णुदत्त के माता-पिता और एक भाई गांव में रहता है. 

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चूरू: जिले के सादुलपुर थानाधिकारी विष्णुदत्त बिश्नोई ने आत्महत्या कर ली. जानकारी के अनुसार विश्नोई ने अपने क्वार्टर में फांसी का फंदा लगाकर जीवनलीला समाप्त की है. हालांकि आत्महत्या के कारणों का अभी कोई पता नहीं चला है. वहीं पुलिस अधिकारी अभी कुछ भी बोलने से दूरी बना रहे हैं. बता दें कि बिश्नोई ईमानदार ऑफिसर के साथ पुलिस विभाग में दबंग छवि व बेहद जबांज ऑफिसर थे. 

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पुलिस महकमे में हड़कंप: 
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. पुलिस अधीक्षक एसपी तेजस्वनी समेत अन्य आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं. वे मामले की जांच-पड़ताल में जुटे हैं. पुलिस को मौके से सुसाइड नोट भी मिलना बताया जा रहा है, हालांकि अधिकारियों ने अभी कुछ भी कहने से इनकार किया है.

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विश्नोई पिछले कुछ समय से तनाव में चल रहे थे: 
जानकारी के अनुसार सुसाइड नोट में आत्महत्या के बारे में नहीं लिखा गया है. लेकिन जानकारो के अनुसार विश्नोई पिछले कुछ समय से तनाव में चल रहे थे. शुक्रवार देर रात तक वे हत्या के एक मामले की जांच कर रहे थे. उसके बाद क्या हुआ फिलहाल इसका पता नहीं चल पाया है. 
 

शादीशुदा महिला के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे युवक की हत्या, मामला दर्ज

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सादुलपुर(चूरू): लिव इन रिलेशनशिप के विरोध में एक युवक की हत्या कर हमीरवास थानान्तर्गत गांव भैंसली व नवां के बीच रास्ते पर शव को फेंककर अज्ञात आरोपी फरार हो गए. घटना की सूचना हमीरवास पुलिस को मिलने पर  पर पुलिस मौके पर पहुंची तथा घटना स्थल का मौका-निरीक्षण किया. थानाधिकारी तेजवंत सिंह ने घटना पर मिले वजह-सबूत के आधार पर मृतक की शिनाख्त दूधवाखारा थानान्तर्गत गांव लादड़िया निवासी ओमप्रकाश के रूप में हुई है. 

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प्रेमिका के पति ने दी थी धमकी:
थानाधिकारी तेजवंतसिंह ने बताया कि गांव लादड़िया निवासी रणवीरसिंह ने मामला दर्ज करवाकर बताया कि उसके दो पुत्र हैं. जिनमें एक नाम ओमप्रकाश है, जो जालौर में प्राइवेट नौकरी करता है तथा उसके पुत्र ओमप्रकाश के पास हमारे गांव की प्रियंका देवी, जो कि लिव इन रिलेशनशिप में रहती है. जिसके कारण प्रियंका का पति सुरेश कुमार उसके पुत्र ओमप्रकाश से रंजिश रखने लगा तथा उसे जान से मारने की धमकी देने लगा. दर्ज मामले में बताया कि मृतक ओमप्रकाश प्रियंका के पास गांव लादड़िया में आया हुआ था तथा अपने घर में ही रह रहा था. 

प्रेमिका को पीहर छोड़ने गया था मृतक:
दिनांक दो मई को उसका पुत्र ओमप्रकाश व प्रियंका देवी आठ बजे शाम को मोटरसाइकिल लेकर गांव बेरी (झुंझुनूं) के लिए रवाना हुए थे तथा प्रियंका को उसके पीहर में छोड़कर उसी दिन सुबह साढ़े दस बजे के लगभग वापस गांव के लिए रवाना हो गया. लेकिन उसका पुत्र सुबह तक घर नहीं पहुंचा. जिस पर वह प्रियंका देवी के पास फोन किया एवं जानकारी प्राप्त की तो प्रियंका ने बताया कि आते ही रास्ते में मेरे परिवार के राजकुमार उर्फ लीलिया, संजय कुमार, सुरेश कुमार लादड़िया तथा उसके साथ दो-तीन अन्य व्यक्ति थे, जो बिना नंबर की कैंपर गाड़ी लिए हुए थे, जो भैंसली गांव में मिले थे, जिन्होंने हमारी मोटरसाइकिल का पीछा भी किया था. जो ओमप्रकाश के साथ कोई अप्रिय घटना घटित कर सकते हैं.  

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ओमप्रकाश के शरीर पर जगह-जगह चोट के निशान थे:
ओमप्रकाश का फोन भी रिसीव नहीं हो रहा था. तीन मई को नवीन कुमार थिरपाली बड़ी ने बताया कि ओमप्रकाश की हत्या हो गई है. जिसका शव भैंसली गांव की रोही मे पड़ा हुआ है. सूचना पर परिवार के लोगों के साथ मौके पर पहुंचे, तो देखा कि ओमप्रकाश के शरीर पर जगह-जगह चोट के निशान थे. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्यावक मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम करवाकर शव उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया है. 

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