प्राइवेट कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, अब EPFO कसेगा कंपनियों पर नकेल

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/03/02 05:58

नई दिल्ली। ईपीएफओ ने पीएफ यानि भविष्य निधि गणना में विशेष भत्ते को मूलवेतन में शामिल नहीं करने वाली कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में यह व्यवस्था दी कि कर्मचारियों के भविष्य निधि गणना मामले में विशेष भत्ता मूल वेतन का हिस्सा है। सुप्रीम कोर्ट के ईपीएफ गणना में बेसिक सैलरी के हिस्से में विशेष भत्ते को शामिल करने की वयवस्था के एक दिन बाद ही ईपीएओ ने यह निर्णय किया है।

मालूम हो, कर्मचारियों को अपने मूल वेतन का 12 प्रतिशत हिस्सा ईपीएफ की सामाजिक सुरक्षा योजना मद में देना होता है। इतना ही योगदान नियोक्ता भी करता है। मामले से जुड़े एक सूत्र ने कहा, ‘फैसले को देखते हुए ईपीएफओ उन कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा जो ईपीएफ योगदान के लिए विशेष भत्ते को उसमें शामिल नहीं करते। ईपीएफओ फैसले को स्टडी कर रहा है और उसे लागू करने के लिए जल्दी ही पूरा प्लान लाएगा।’ बतादें, ईपीएफओ ने शीर्ष अदालत में कहा है कि मूल वेतन को जानबूझकर कम रखा जाता है और इसी के आधार पर ईपीएफ की गणना होती है।
 

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