रामलीला मैदान से संसद की ओर बढ़े किसान, कहा-राममंदिर नहीं कर्जमाफी चाहिए

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/11/30 12:19

नई दिल्ली। चुनावों से पहले किसानों ने मंत्रियों की नींद उड़ा दी है।गुरुवार से राजधानी दिल्ली में तीसरा बड़ा किसान आंदोलन हो रहा है। देश भर के किसान इस आंदोलन में हिस्सा ले रहे हैं। आज शुक्रवार को किसान रामलीला मैदान से संसद भवन की ओर बढ़ रहे हैं। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में कई जगह ट्रैफिक रूट को भी बदला गया है। किसानों की सरकार से मांग है कि उन्हें राम मंदिर नहीं चाहिए, कर्ज माफी चाहिए।

अन्नदाताओं का यह आंदोलन किसान मुक्ति मार्च' के बैनर तले हो रहा है। जिसमें लाखों किसान एकत्रित हुए हैं। किसानों के संसद मार्च में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी चीफ शरद पवार, नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता फारुक अब्दुल्ला, लोकतांत्रिक जनता दल के शरद पवार समेत कई नेता शामिल हो सकते हैं।

बतादें अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले लगभग 200 किसान संगठनों, राजनीतिक दलों और अन्य समाजिक संगठनों से किसानों की मांग का समर्थन करते हुये आंदोलन में भागीदारी की है। मालूम हो तीन महीने में किसानों का यह तीसरा बड़ा आंदोलन है।

राजनीतिक कार्यकर्ता और AAP के पूर्व नेता योगेंद्र यादव ने ट्वीट किया है, आज सुबह बिजवासन से महिला किसानों ने हमें दुआ-सलाम किया। वे लोग किसान मुक्ति मोर्चा में भाग लेने के लिए तैयार हैं। यदि आप किसान नहीं हैं, फिर भी हमारे साथ आएं। हमें भोजन देने वालों के साथ हाथ मिलाएं। जय किसान।  

इस मौके पर आज पुलिस के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। किसानों के पैदल मार्च के लिए 3500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।पुलिस ने कहा कि किसानों के मार्च के दौरान सड़कों के दोनों तरफ रस्सी होगी और दूसरी तरफ पुलिस तैनात होगी ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि यातायात प्रभावित नहीं हो।

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in