ISRO की महत्वाकांक्षी गगनयान योजना को मिली कैबिनेट की मंजूरी

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/12/29 02:30

नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की महत्वाकांक्षी गगनयान योजना को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस योजना को मंजूरी मिली। जानकारी के मुताबिक इसरो  इस योजना पर पिछले एक दशक से काम कर रहा है।इस मिशन पर 10,000 करोड़ रुपये खर्च होगा और 2022 में इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा। इस योजना के तहत इसरो 3 अंतरिक्षयात्रियों को पृथ्वी की कक्षा में 7 दिनों के लिए भेजेगा।  

जानकारी के मुताबिक भारतीय वायुसेना के करीब 200 पाइलटों का टेस्ट लिया जाएगा और उनमें से कुछ को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। तकनीक विकास के लिए मानव अंतरिक्ष मिशन प्रोत्साहन का काम करता है। अगर ISRO मानव अंतरिक्ष मिशन नहीं शुरू करता है तो भारत भविष्य में कुछ अहम अंतरिक्ष तकनीकों में पीछे रह सकता है।

अंतरिक्ष में मानव को भेजना किसी भी देश के लिए बहुत ही बड़ी प्रेरक उपलब्धि होती है। ISRO का इस तरह का मिशन युवाओं को संगठन में भर्ती होने के लिए प्रेरित करने का अच्छा तरीका है। इसके अलावा, सफल मानव मिशन से ISRO की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा बढ़ेगी, जो भविष्य के सहयोग के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कारक है। 

गौरतलब है कि सबसे पहले तो ISRO को लॉन्च वीइकल यानी रॉकेट की जरूरत पड़ेगी। GSLV मार्क 2 अब तक 2 बार उड़ान भर चुका है। मानव को ले जाने से पहले उसे कम से कम 4 बार लगातार सफलतापूर्वक उड़ान भरनी होगी। इसके बाद ही उसे मानव मिशन के लिए जरूरी रेटिंग मिल सकेगी। ह्यूमन रेटिंग के लिए ISRO ने सेफ्टी और इंजन की क्षमता में सुधार की योजना बनाई है।
 

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