आयकर राजस्व वसूली में भारी गिरावट, चालू वित्तीय वर्ष में सरकार को लगा बड़ा झटका

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/05/25 02:11

जयपुर: नए वित्तीय वर्ष की आयकर विभाग में शुरुआत काफी ढ़ीली रही है. आयकर राजस्व आंकड़ों के लिहाज से देश भर में आयकर राजस्व न केवल पिछले साल की तुलना में कमजोर रहा है, बल्कि राज्य की स्थिति तो राष्ट्रीय औसत से भी कमजोर हैं. ऐसे में पिछले साल भी आयकर राजस्व लक्ष्य प्राप्त करने में विफल रहे आयकर अधिकारियों की चिंता बढ़ना स्वभाविक है. देखिए राष्ट्रीय स्तर के आयकर राजस्व आंकड़ों का विश्लेषण करती फर्स्ट इण्डिया न्यूज की यह एक्सक्लूसिव खबर...

वित्तीय वर्ष के आयकर राजस्व में आई गिरावट
एक अप्रेल 2019 से शुरू हुआ वित्तीय वर्ष 2019-20 आयकर राजस्व वसूली लिहाज से काफी कमजोर रहा है. NSDLपर 13 मई 2019 को उपलब्ध राजस्व आंकड़ों के अनुसार देश में अब तक 55 हजार 511 करोड़ 10 लाख रुपए का आयकर राजस्व ही एकत्र हो पाया है. यह राशि पिछले साल की समान समयावधि में एकत्र हुए 73 हजार 731 करोड़ 30 लाख रुपए की तुलना में करीब 24.7% कम है. 

13 मई के जारी आंकड़ों में हुआ खुलासा
राष्ट्रीय स्तर पर आयकर राजस्व आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएं तो देश में सर्वाधिक गिरावट मुम्बई में दर्ज हुई है. देश में सबसे अधिक आयकर राजस्व में योगदान देने वाले मुख्य आयकर आयुक्त मुम्बई कार्यालय (CCA) में 13 मई तक महज दो हजार 621 करोड़ 80 लाख रुपए का आयकर राजस्व ही एकत्र हो पाया, जो पिछले साल इसी तारीख तक 14 हजार 662 करोड़ 50 लाख रुपए थी. 

सर्वाधिक गिरावट मुख्य आयकर आयुक्त गुवाहाटी के नाम दर्ज
इस तरह अकेले मुम्बई में करीब 82.10 फीसदी आयकर राजस्व में गिरावट रही. हालांकि सर्वाधिक गिरावट मुख्य आयकर आयुक्त गुवाहाटी के नाम दर्ज है, जहां आंकड़ों के अनुसार आयकर वसूली की ग्रोथ दर (-)191.70% बताई जा रही है. इसी तरह बैंगलुरु कार्यालय की ग्रोथ दर (-) 45.20%, जयपुर कार्यालय की ग्रोथ दर (-) 39.20%, भुवनेश्वर कार्यालय की ग्रोथ दर (-) 29.40% व दिल्ली कार्यालय की ग्रोथ दर (-)17.50% नजर आ रही है. 

वित्तीय वर्ष में आयकर वसूली का लक्ष्य इतना तय था
उल्लेखनीय है कि पिछले वित्तीय वर्ष में केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने देश में कुल आयकर वसूली का लक्ष्य 12 लाख करोड़ रुपए तय किया था..... लेकिन 31 मार्च 2019 को आयकर वसूली के आंकड़ों के अनुसार देश में आयकर राजस्व के रूप में 11,18,062.30 करोड़ रुपए की वसूली ही हो सकी. जो लक्ष्य की तुलना में करीब 7.3% अर्थात 82 हजार करोड़ रुपए की कमी रही. 

राजस्थान की बात करें तो राज्य में भी आयकर वसूली पिछले वित्तीय वर्ष में कमजोर ही रही. CBDT ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए राजस्थान को 22 हजार 240 करोड़ रुपए राजस्व ज़ुटाने का लक्ष्य आवंटित किए थे. जिसे संशोधित कर 23577 करोड़ रुपए कर दिया गया. लेकिन 31 मार्च 2019 को राज्य में 20564.60 करोड़ रुपए की आयकर राजस्व वसूली ही हो सकी. 

संशोधित लक्ष्य के 23577 करोड़ रुपए तो दूर साल की शुरुआत में मिले आयकर वसूली लक्ष्य 22240 करोड़ भी राज्य में नहीं जुट सके. और एकत्र राशि मूल आवंटित बजट से 1675.40 करोड़ रुपए व संशोधित बजट लक्ष्य की तुलना में 3012.40 करोड़ रुपए कम रही. 

यह रहा राजस्थान में पिछले वर्ष आयकर विभाग के राजस्व का हाल वित्तीय वर्ष 2018-19
राज्य में 31 मार्च 2019 को प्राप्त आयकर राजस्व : 20564.60 करोड़ रुपए ( +10% )
राज्य में 31 मार्च 2018 को प्राप्त आयकर राजस्व : 18693.30 करोड़ रुपए  
मूल आवंटित आयकर राजस्व बजट : 22240 करोड़ रुपए ( -1675.40 करोड़ रुपए )
संशोधित आयकर राजस्व बजट : 23577 करोड़ रुपए ( -3012.40 करोड़ रुपए )

आयकर राजस्व में कमी का कारण आयकर रिफण्ड 
चालू वित्त वर्ष की शुरुआत में आयकर राजस्व में कमी का कारण आयकर रिफण्ड जारी होना बताया जा रहा है. सूत्रों का कहना है कि कुल आयकर राजस्व आंकड़ों को ज्यादा दिखाने के लिए विभागीय अधिकारी रिफण्ड पर अघोषित रोक लगा देते हैं. नए वित्त वर्ष के बाद रिफण्ड जारी करने की प्रक्रिया फिर शुरू हो जाती है, जिससे कुल राजस्व आंकड़ों पर असर आता है. 

वैसे इस बार अप्रेल व मई माह में लोकसभा चुनाव भी हो रहे हैं, जिसका असर भी कारोबार पर पड़ रहा है. जिन करदाताओं का TDS जमा होना था, उसमें कुछ कमी के कारण कुल राजस्व आंकड़ों में कमी दर्ज हुई है. चुनाव पूरे होने के बाद उम्मीद है कि शीघ्र ही आयकर वसूली राजस्व आंकड़े पटरी पर लौटेंगे.  

जयपुर से विमल कोठारी की रिपोर्ट

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in