वायू सेना में 4 'चिनूक हेलिकॉप्टर' शामिल, धनोआ ने कहा- गेम चेंजर साबित होगा

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/03/25 11:46

नई दिल्ली। वायू सेना के बेड़े में सोमवार को अमेरिका से खरीदे गए 4 चिनूक हेलिकॉप्टरों को शामिल किया गया है। इस सिलसिले में चंडीगढ़ में एक समारोह किया गया। वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने इसमें शिरकत की। इस दौरान बीएस धनोआ ने कहा कि चिनूक हेलिकॉप्टर वायू सेना के लिए गेम चेंजर साबित होगा। 

बतादें, भारत ने 2015 में अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग से 15 चिनूक हेलिकॉप्टर खरीदने का सौदा किया था। 2.5 अरब डॉलर (करीब 17 हजार करोड़ रुपए) के इस सौदे में 22 अपाचे हेलिकॉप्टर भी शामिल हैं।

भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने कहा, "जब राफेल सेना का हिस्सा हो जाएगा, हमारी हवाई सुरक्षा कई गुणा बढ़ जाएगी, और वे (पाकिस्तान) नियंत्रण रेखा (LoC) या सीमा के आसपास भी नहीं फटकेंगे, क्योंकि हमारी जो क्षमता होगी, उसके लिए उनके (पाकिस्तान) पास आज कोई जवाब नहीं है..."

इससे पहले अमेरिका के फिलाडेल्फिया में बोइंग ने इसी हफ्ते भारत को पहले चिनूक हेलिकॉप्टर की खेप आधिकारिक रूप से सौंप दी थी। डील के मुताबिक, इस साल के अंत तक भारत को सभी अपाचे और चिनूक हेलिकॉप्टर मिल जाएंगे। इससे वायुसेना की ताकत में काफी इजाफा होगा।
बोइंग के मुताबिक, अपाचे दुनिया के सबसे अच्छे लड़ाकू हेलिकॉप्टर माने जाते हैं। अमेरिकी सेना लंबे समय से अपाचे और चिनूक का इस्तेमाल कर रही है।

भारत अपाचे का इस्तेमाल करने वाला 14वां और चिनूक को इस्तेमाल करने वाला 19वां देश होगा। बोइंग ने 2018 में वायुसेना के पायलटों और फ्लाइट इंजीनियरों को चिनूक हेलिकॉप्टर उड़ाने की ट्रेनिंग भी दी थी।

सीएच-47 चिनूक एक एडवांस्ड मल्टी मिशन हेलीकॉप्टर है, जो भारतीय वायुसेना को बेजोड़ सामरिक महत्व की हेवी लिफ्ट क्षमता प्रदान करता है। यह मानवीय सहायता और लड़ाकू भूमिका में काम आएगा। उंचाई वाले इलाकों में भारी वजन के सैनिक साज सामान के परिवहन में इस हेलीकॉप्टर की अहम भूमिका होगी।

चिनूक बहुउद्देशीय, वर्टिकल लिफ्ट प्लेटफॉर्म हेलीकॉप्टर है जिसका इस्तेमाल सैनिकों, हथियारों, उपकरण और ईधन ढोने में किया जाता है। राहत सामग्री पहुंचाने और बड़ी संख्या में लोगों को बचाने में भी इसका उपयोग किया जा सकता है।

गौरतलब है कि बोइंग CH-47 चिनूक हेलीकॉप्‍टर डबल इंजन वाला है। इसकी शुरुआत 1957 में हुई थी। 1962 में इसको सेना में शामिल कर लिया गया। इसे बोइंग रोटरक्राफ्ट सिस्‍टम ने बनाया है। इसका नाम अमेरिकी मूल-निवासी चिनूक से लिया गया है। यह हेलीकॉप्‍टर करीब 315 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है। वर्तमान में यह अमेरिका का सबसे तेज हेलीकॉप्‍टर में से एक है। फरवरी 2007 में पहली बार नीदरलैंड इस हेलीकॉप्‍टर का पहला विदेशी खरीददार बना था। 

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