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दुपहिया वाहनों की बिक्री के साथ हेलमेट अनिवार्य, एक अप्रैल से सभी दुपहिया का तभी होगा पंजीयन

दुपहिया वाहनों की बिक्री के साथ हेलमेट अनिवार्य, एक अप्रैल से सभी दुपहिया का तभी होगा पंजीयन

जयपुर: प्रदेश में एक अप्रैल से दुपहिया वाहनों की बिक्री के साथ हेलमेट अनिवार्य किया गया है. यानी किसी भी दुपहिया वाहन का पंजीयन तभी होगा, जब ग्राहक हेलमेट खरीदने की रसीद पेश करेंगे. परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास की अध्यक्षता में आज परिवहन भवन में दुपहिया वाहन विनिर्माता के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में यह निर्णय किया गया. 

दुर्घटनाओं में लगभग 34 प्रतिशत दुर्घटनाएं दुपहिया वाहनों की:
परिवहन मंत्री ने बैठक में दुपहिया वाहन के विनिर्माताओं के प्रतिनिधियों को कहा कि राज्य में प्रतिवर्ष घटित सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 34 प्रतिशत दुर्घटनाएं दुपहिया वाहनों की होती है. जिससे ज्यादातर बिना हैलमेट लगाने वाले चालक है. राज्य में लगभग 10500 व्यक्तियों की मृत्यु दुघर्टनाओं में हो जाती है जिससे एक तिहाई दुपहिया वाहन चालक है जो काफी चिंता का विषय है. दुपहिया वाहन का इस्तेमाल अधिकांशत निम्न आय वर्ग द्वारा किया जाता है और अज्ञानता के कारण हैलमेट का इस्तेमाल नही करते. इसको देखते हुये राज्य में दुपहिया वाहन बिक्री के साथ ही हैलमेट को अनिवार्य किये जाने की आवश्यकता है.

1 अप्रैल से हेलमेट की रसीद प्रस्तुत करने पर ही दुपहिया वाहन का पंजीयन होगा:
बैठक में परिवहन आयुक्त राजेश यादव ने कहा कि यदि हम हैलमेट को अनिवार्य करते है तो इससे दुपहिया वाहन चालक की मृत्यु एवं घायलों की संख्या में कमी ला सकते हैं. इस सम्बन्ध में तमिलनाडू, आंध्रप्रदेश इत्यादि राज्य इसके उदाहरण है. उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल से राज्य में हेलमेट की रसीद प्रस्तुत करने पर ही दुपहिया वाहन का पंजीयन होगा. बैठक में दुपहिया विनिर्माता के प्रतिनिधियों ने दुपहिया वाहन खरीद के समय हैलमेट उपलब्ध कराने के लिये सहमत थे. बैठक में टीवीएस, बजाज, होंडा, हीरो दुपहियावाहन निर्माताओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे. 

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इम्यूनिटी बढ़ाने में असरदार है अंगूर का सेवन, होते हैं ये बेहतरीन फायदे

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जयपुर: दुनियाभर में चल रहे कोरोना वायरस के खतरे के बीच रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं. हेल्थ एक्सपर्ट भी इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत करने की सलाह दे रहे हैं. ऐसे में आज हम अंगूर के गुणों के बारे में बता रहे हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ कई बीमारियों में लाभदायक होता है. अंगूर में एंटीवायरल गुण पाया जाता है जिसकी वजह से यह आपको विभिन्न प्रकार के संक्रामक रोगों से बचाए रखने में सुरक्षा प्रदान कर सकता है. 

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स्ट्रांग इम्यून सिस्टम: 
अंगूर में विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है जो कि इम्यूनिटी बढ़ाने का गुण भी रखता है. इसलिए एक स्ट्रांग इम्यून सिस्टम के लिए अपनी डायट में अंगूर को आज से ही शामिल कर सकते हैं. मजबूत इम्यून सिस्टम होने के कारण आपको किसी भी प्रकार की संक्रामक बीमारी भी आसानी से नहीं होगी.

वायरल संक्रमण से सुरक्षा: 
अंगूर का सेवन आपको वायरल संक्रमण से बचाने में मदद कर सकता है. अंगूर में एंटीवायरल गुण पाया जाता है जिसकी वजह से यह आपको विभिन्न प्रकार के संक्रामक रोगों से बचाए रखने में सुरक्षा प्रदान कर सकता है. खासकर इन दिनों पूरे विश्व में महामारी के रूप में फैल चुका कोविड-19 भी एक संक्रामक रोग है जो एक लोग से दूसरे लोग तक पहुंचता है.

माइग्रेन में असरदार:
अंगूर के सेवन से माइग्रेन की स्थिति में काफी हद तक राहत पाई जा सकती है क्योंकि इसमें सूदिंग का गुण पाया जाता है जो सिर दर्द की स्थिति को कम करने में मददगार साबित हो सकता है.

​किडनी रोग का नहीं होगा खतरा:
किडनी को स्वस्थ्य बनाए रखने के लिए आप भी अपनी डायट में अंगूर को जरूर शामिल करें. क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इन्फ्लेमेटरी क्रिया होने के कारण किडनी से जुड़ी होने वाली कई प्रकार की बीमारियों से बचे रहने में मदद मिल सकती है.

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​​ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम:
अंगूर खाने के फायदे महिलाओं के लिए भी काफी लाभदायक हो सकते हैं क्योंकि इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण एक एंटी कैंसर एजेंट की तरह कार्य करते हैं. ऐसे में ब्रेस्ट कैंसर की रोकथाम में अंगूर का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है. 
 

राज्य सरकार ने किसानों को दी बड़ी राहत, 30 जून तक मिलेगा 5% ब्याज अनुदान का लाभ

राज्य सरकार ने किसानों को दी बड़ी राहत, 30 जून तक मिलेगा 5% ब्याज अनुदान का लाभ

जयपुर: कोरोना संकट के दौर में राज्य सरकार ने किसानों बड़ी राहत देते हुए दीर्घ कालीन कृषि ऋण लेने वाले काश्तकारों को 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना की अवधि को 31 मार्च, 2020 से बढ़ाकर 30 जून, 2020 कर दिया गया है. अब समय पर ऋण का चुकारा करने वाले काश्तकारों को 6.65 प्रतिशत ब्याज दर से कृषि ऋण मिल पाएगा. 

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योजना की अवधि को 31 मार्च से बढ़ाकर 30 जून तक की अनुमति:
क़ोरोना महामारी के चलते देश भर में लॉकडाउन चल रहा हैं, जिसके कारण किसानों को योजना का पूरा लाभ नही मिल पा रहा था. सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को इस संबंध में अवगत कराया गया था, जिस पर मुख्यमंत्री  गहलोत ने तुरंत ही योजना की अवधि को 31 मार्च से बढ़ाकर 30 जून तक करने की अनुमति प्रदान कर दी हैं. उन्होंने बताया कि योजना 1 अप्रैल, 2019 से 31 मार्च, 2020 तक की अवधि में ऋण लेने वाले सभी किसानों पर लागू थीं, जिसे अब तीन माह के लिए बढ़ाया गया हैं ताकि प्रदेश के अधिक से अधिक किसानों को योजना का लाभ मिल पाये.

कृषकों को 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान देकर उन्हें राहत प्रदान की गई: 
दीर्घ कालीन कृषि ऋण 11.65 प्रतिशत की ब्याज दर पर देय होता है तथा समय पर ऋण चुकता करने वाले कृषकों को 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान देकर उन्हें राहत प्रदान की गई है. आंजना ने बताया कि यह योजना सहकारी भूमि विकास बैंकों से दीर्घ कालीन अवधि के लिए लेने वाले ऋणों पर लागू होगी. उन्होंने बताया कि यह ब्याज दर किसी भी वाणिज्यिक बैंक द्वारा ली जाने वाली ब्याज दर से सबसे कम है. रजिस्ट्रार नरेश पाल गंगवार ने बताया कि किसानों को कृषि कार्यों के लिए ऋण की सर्वाधिक आवश्यकता होती है, लेकिन ब्याज दर सर्वाधिक होने के कारण किसान को ब्याज चुकाने में परेशानी का सामना करना पड़ता था और कृषि कार्यों में रूकावट भी पैदा होती थी. सरकार के इस निर्णय से 30 जून तक सहकारी भूमि विकास बैंकों से ऋण लेने वाले सभी किसानों को योजना का लाभ मिलेगा.

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दीर्घ कालीन ऋण भी इस योजना में कवर होंगे:
किसान लघु सिंचाई के कार्य जैसे नवकूप/नलकूप, कूप गहरा करने, पम्पसैट, फव्वारा/ड्रिप सिंचाई, विद्युतीकरण, नाली निर्माण, डिग्गी/हौज निर्माण तथा कृषि यंत्रीकरण के कार्य जैसे ट्रेक्टर, कृषि यंत्रादि, थे्रसर, कम्बाईन हार्वेस्टर आदि को क्रय करने के लिए दीर्घ कालीन अवधि के लिए ऋण ले सकते हैं. डेयरी, भूमि सुधार, भूमि समतलीकरण, कृषि भूमि क्रय, अनाज/प्याज गोदाम निर्माण, ग्रीन हाउस, कृषि कार्य हेतु सोलर प्लांट, कृषि योग्य भूमि की तारबंदी/बाउण्ड्रीवाल, पशुपालन, वर्मी कम्पोस्ट, भेड़/बकरी/सुअर/मुर्गी पालन, उद्यानीकरण, ऊंट/बैल गाड़ी क्रय जैसी कृषि संबद्ध गतिविधियों हेतु लिए गए दीर्घ कालीन ऋण भी इस योजना में कवर होंगे. 

VIDEO: मई-जून के लिए ट्रेनों में 60 फीसदी तक बुक हुई सीटें, रेलवे को एक साथ भीड़ होने से संक्रमण फैलने का डर

जयपुर: लॉक डाउन के बाद 15 अप्रैल से ट्रेनों का संचालन शुरू होगा या नहीं. इस पर अभी रेलवे बोर्ड कोई निर्णय नहीं ले सका है. ट्रेनों की बहाली की खबर पर अभी उत्तर-पश्चिम रेलवे असमंजस में है. हालांकि 15 अप्रैल से पूर्व इंजनों और कोचों का परीक्षण करने के निर्देश मिल चुके हैं, लेकिन अंतिम निर्णय 12 या 13 अप्रैल को होने की उम्मीद है. 

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आखिरी निर्णय आने तक लोगों से धैर्य रखने की अपील:
ट्रेनों का संचालन शुरू करने को लेकर पिछले सप्ताह रेलवे बोर्ड ने सभी 16 जोन और मंडलों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की थी, जिसमें रेलवे अधिकारियों को अपने स्तर पर ट्रेनों के कोच और इंजन तैयार रखने के निर्देश दिए गए थे. हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रेनों का संचालन किस तारीख से शुरू हो जाएगा. रेलवे बोर्ड ने फिलहाल आधिकारिक रूप से आखिरी निर्णय आने तक लोगों से धैर्य रखने की अपील की है. अभी तक ऐसा माना जा रहा है कि यदि लॉक डाउन की अवधि नहीं बढ़ाई गई तो 14 अप्रैल की मध्यरात्रि के बाद ट्रेनों का संचालन सुचारु हो जाएगा. ऐसे में अब जोनल रेलवेज को बोर्ड के उस निर्देश का इंतजार है, जिसमें वह किन-किन ट्रेनों को चलाने और नहीं चलाने का निर्देश जारी करेगा. 

जयपुर से जुड़ी 125 ट्रेनों में 60 फीसदी बुकिंग:
- जयपुर से ऑरिजिनेट होने वाली करीब 35 और बाईपास होकर गुजरने वाली करीब 90 ट्रेनों में 60 फीसदी बुकिंग हुई
- मई और जून माह के लिए हुई है ज्यादा बुकिंग
- हालांकि पिछले सालों के ट्रेंड को देखें तो अवकाश के दिनों के लिहाज से ये बुकिंग है कम
- क्योंकि मई-जून माह के बीच ट्रेनों में वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं होता
- वहीं अभी तक भी करीब 40 फीसदी सीट खाली पडी हुई हैं
- कोरोना के डर से इस बार लोग एसी कोच की बजाय स्लीपर में करा रहे ज्यादा बुकिंग
- कोच खुला होने और तापमान ज्यादा होने से स्लीपर में कम रहता है खतरा
- बुक हुई कुल सीट में करीब 40 फीसदी सीटें स्लीपर क्लास में बुक हुई 
- एसी कोच में कम तापमान और कोच बंद होने की वजह से रहता है ज्यादा खतरा

राजस्थान युवा कांग्रेस चुनाव में गहराया विवाद, अब अमरदीन फकीर ने खड़े किये सवाल 

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि 15 अप्रैल से ट्रेनें चलाई जाती हैं तो सबसे बड़ी चुनौती भयंकर भीड़ की होगी. यह भीड़ अनियंत्रित हो सकती है. क्योंकि लोग लगातार लॉक डाउन से जहां के तहां फंसे हुए हैं. ऐसे में ट्रेन शुरू होते ही सबसे पहले अपने-अपने घरों का रुख करेंगे. ऐसे में लोगों में संक्रमण कम से कम हो इसके लिए रेलवे 6 बर्थ के केबिन में 4 बर्थ ही अलॉट किए जाने पर विचार कर रहा है. इसके अलावा जनरल कोच में भी यात्रियों की संख्या निर्धारित करने पर विचार किया जा रहा है. इसे देखते हुए रेलवे हर स्टेशन पर जनरल टिकट बांटने का कोटा निर्धारित कर सकता है. स्टेशन पर ट्रेन के प्रत्येक कोच पर आरपीएफ को तैनात किया जाएगा. जो यात्रियों को एक निश्चित संख्या और दूरी पर बैठाएंगे. ऐसे में इन सभी दिशा निर्देशों पर रेलवे बोर्ड 12 से 13 अप्रैल के बीच अंतिम निर्णय लेगा. 

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

राजस्थान युवा कांग्रेस चुनाव में गहराया विवाद, अब अमरदीन फकीर ने खड़े किये सवाल

जयपुर: राजस्थान युवा कांग्रेस चुनाव में विवाद गहरा गया है. मुकेश भाकर के निर्वाचन के विरोध में उपाध्यक्ष बने अमरदीन फकीर भी उतर गये है, परिणामों पर सवाल उठाते हुये फकीर ने तो यहां तक कह दिया कि इस पूरे मामले में कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को दखल देना चाहिए. 

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यूथ कांग्रेस चुनाव पर प्रदेश यूथ कांग्रेस के युवाओं का भरोसा उठ गया: 
अमरदीन फ़कीर ने यूथ कांग्रेस राष्ट्रीय नेतृत्व पर सवाल खड़े करते हुए अध्यक्ष की घोषणा वापिस लेने की मांग की है. अमरदीन फ़कीर ने कहा है कि यूथ कांग्रेस चुनाव पर प्रदेश यूथ कांग्रेस के युवाओं का भरोसा उठ गया है. किसी भी प्रकार की पारदर्शिता नहीं है. पहले कुछ और परिणाम आए बाद में कुछ और घोषणा हुई इससे सीधा सवाल यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय पदाधिकारीयों पर उठ रहा है. राष्ट्रीय पदाधिकारी पार्टी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. फ़कीर ने मुकेश भाकर के अध्यक्ष बनने पर असहमति ज़ाहिर की है.

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चुनावों में कोई पारदर्शिता नहीं रही:
उन्होंने कहा कि पहले जब नतीजे आए तब लगा था कि सही चुनाव हुआ होगा, लेकिन अब नतीज़ों से लग रहा है कि यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय पदाधिकारीयों ने सही काम नहीं किया, चुनावों में कोई पारदर्शिता नहीं रही है. अमरदीन फ़कीर ने कोरोना के बीच हुई अध्यक्ष पद की घोषणाओं को वापिस लेने के मांग की कैबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद के छोटे भाई है अमरदीन. सुमित भगासरा पहले ही विरोध जता चुके है. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए योगेश शर्मा की रिपोर्ट

राजस्थान युवा कांग्रेस चुनाव में गहराया विवाद, अब अमरदीन फकीर ने खड़े किये सवाल

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जयपुर: राजस्थान युवा कांग्रेस चुनाव में विवाद गहरा गया है. मुकेश भाकर के निर्वाचन के विरोध में उपाध्यक्ष बने अमरदीन फकीर भी उतर गये है, परिणामों पर सवाल उठाते हुये फकीर ने तो यहां तक कह दिया कि इस पूरे मामले में कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को दखल देना चाहिए. 

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यूथ कांग्रेस चुनाव पर प्रदेश यूथ कांग्रेस के युवाओं का भरोसा उठ गया: 
अमरदीन फ़कीर ने यूथ कांग्रेस राष्ट्रीय नेतृत्व पर सवाल खड़े करते हुए अध्यक्ष की घोषणा वापिस लेने की मांग की है. अमरदीन फ़कीर ने कहा है कि यूथ कांग्रेस चुनाव पर प्रदेश यूथ कांग्रेस के युवाओं का भरोसा उठ गया है. किसी भी प्रकार की पारदर्शिता नहीं है. पहले कुछ और परिणाम आए बाद में कुछ और घोषणा हुई इससे सीधा सवाल यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय पदाधिकारीयों पर उठ रहा है. राष्ट्रीय पदाधिकारी पार्टी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. फ़कीर ने मुकेश भाकर के अध्यक्ष बनने पर असहमति ज़ाहिर की है.

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चुनावों में कोई पारदर्शिता नहीं रही:
उन्होंने कहा कि पहले जब नतीजे आए तब लगा था कि सही चुनाव हुआ होगा, लेकिन अब नतीज़ों से लग रहा है कि यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय पदाधिकारीयों ने सही काम नहीं किया, चुनावों में कोई पारदर्शिता नहीं रही है. अमरदीन फ़कीर ने कोरोना के बीच हुई अध्यक्ष पद की घोषणाओं को वापिस लेने के मांग की कैबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद के छोटे भाई है अमरदीन. सुमित भगासरा पहले ही विरोध जता चुके है. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए योगेश शर्मा की रिपोर्ट

Rajasthan Corona Update: प्रदेश में पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा पहुंचा 348, देश में मरने वालों का आंकड़ा पहुंचा 149

जयपुर: राजस्थान में कोरोना वायरस का ग्राफ लगातार बढ़ता ही जा रहा है. प्रदेश में पिछले 12 घंटे में कोरोना के पांच और नए मामाले सामने आए हैं. उनमें से सर्वाधिक तीन मामले जयपुर शहर में सामने आए. इसके अलावा बीकानेर और बांसवाड़ा में एक-एक केस चिन्हित किया गया है. ऐसे में अब प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 348 पहुंच गया है. 

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मंगलवार को 42 नए पॉजिटिव मरीज सामने आये: 
इससे पहले मंगलवार को 42 नए पॉजिटिव मरीज सामने आये. इनमें से 9 जोधपुर के हैं, जिसमें 6 संक्रमित लोग व्यक्ति के परिवार के हैं. इनके अलावा, 13 मामले जैसलमेर में कोरोना पॉजिटिव मिले हैं. वहीं, बांसवाड़ा में 7, जयपुर में 6, भरतपुर और बीकानेर में तीन-तीन, और चूरू में एक मामला कोरोना का आया है. राजस्थान में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 348 हो गई है. राजस्थान में अब तक कोरोना की चपेट में आने से 6 लोग जान गंवा चुके है. 

जयपुर शहर में कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज:
अगर बात करे प्रदेश की राजधानी जयपुर की, तो यहां पर कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 109 (2 इटली के नागरिक) हो गई है. ये राजस्थान में सबसे ज्यादा आंकडा जयपुर का ही है. यहां पर प्रशासन सतर्क हो गया है. जयपुर के रामगंज क्षेत्र में कोरोना के मामले मिले है. इसके बाद पूरे परकोटे में लॉकडाउन और कर्फ्यू तो पहले ही था. अब सरकार के आदेश के बाद परकोटे की सीमाएं सील कर ​दी गई. अब यहां पर ना कोई अंदर आएगा, ना ही कोई बाहर जा सकेगा. हर जगह पुलिस जाब्ता तैनात है. 

जोधपुर में 66 मरीज:
अब बात करते है जोधपुर जिले की, यहां पर कोरोना पॉजिटिव मरीजों का आंकडा 66 पहुं गया है. इसमें 36 ईरान से आये हुए लोग है. वहीं भीलवाड़ा स्थिति काबू में है. यहां पर पहले सबसे ज्यादा मरीज कोरोना के मिले थे. लेकिन प्रशासन की सख्ती के बाद यहां पर मामले स्थिर हो गए है. यहां पर कोरोना के 27 मामले सामने आये है.

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देशभर में मरीजों की संख्या 5000 के पार:
वहीं अगर देशभर की बात करें तो यहां कोरोना के मरीजों की संख्या 5000 को पार कर चुकी है. वहीं मरने वालों का आंकड़ा 149 तक पहुंच गया है. हालांकि 400 से अधिक मरीज कोरोना को मात देकर घर लौट चुके हैं. इसके अलावा दुनिया के देशों की बात करें तो अब तक 1,430,941 केस सामने आ चुके हैं और 82,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है. कोविड-19 से सबसे ज्यादा 17,127 मौत इटली में हुई हैं. 
 

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जयपुर: प्रदेश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. यहां पर कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढकर 344 हो गई है. मंगलवार को 42 नए पॉजिटिव मरीज सामने आये. इनमें से 9 जोधपुर के हैं, जिसमें 6 संक्रमित लोग व्यक्ति के परिवार के हैं. इनके अलावा, 13 मामले जैसलमेर में कोरोना पॉजिटिव मिले हैं. वहीं, बांसवाड़ा में 7, जयपुर में 6, भरतपुर और बीकानेर में तीन-तीन, और चूरू में एक मामला कोरोना का आया है. राजस्थान में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 344 हो गई है. राजस्थान में अब तक कोरोना की चपेट में आने से 6 लोग जान गंवा चुके है. 

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जयपुर शहर में कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज:
अगर बात करे प्रदेश की राजधानी जयपुर की, तो यहां पर कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 106 (2 इटली के नागरिक) हो गई है. ये राजस्थान में सबसे ज्यादा आंकडा जयपुर का ही है. यहां पर प्रशासन सतर्क हो गया है. जयपुर के रामगंज क्षेत्र में कोरोना के मामले मिले है. इसके बाद पूरे परकोटे में लॉकडाउन और कर्फ्यू तो पहले ही था. अब सरकार के आदेश के बाद परकोटे की सीमाएं सील कर ​दी गई. अब यहां पर ना कोई अंदर आएगा, ना ही कोई बाहर जा सकेगा. हर जगह पुलिस जाब्ता तैनात है. 

जोधपुर में 66 मरीज:
अब बात करते है जोधपुर जिले की, यहां पर कोरोना पॉजिटिव मरीजों का आंकडा 66 पहुं गया है. इसमें 36 ईरान से आये हुए लोग है. वहीं भीलवाड़ा स्थिति काबू में है. यहां पर पहले सबसे ज्यादा मरीज कोरोना के मिले थे. लेकिन प्रशासन की सख्ती के बाद यहां पर मामले स्थिर हो गए है. यहां पर कोरोना के 27 मामले सामने आये है.

झुंझुनूं में 23, टोंक में 20:
झुंझुनूं जिले में कोरोना के 23 मामले सामने आये है. वहीं टोंक में 20 मामले कोरोना संक्रमण के सामने आये है. चूरू में 11 मरीज तो प्रतापगढ़ में 2 कोरोना पॉजिटिव मिले है. डूंगरपुर और अजमेर में 5-5, अलवर में 5 कोरोना पॉजिटिव मिले है. 

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बीकानेर में 14 मामले:
बात करते है बीकानेर जिले की, यहां पर 14 कोरोना पॉजिटिव मिले है. उदयपुर में 4 मामले सामने आये है. वहीं भरतपुर में अब तक 8 मामले सामने आये है. दौसा में 6, बांसवाड़ा में 9, पाली में 2, कोटा में 10, जैसलमेर में 14 , करौली, नागौर, धौलपुर और सीकर में 1-1 कोरोना पॉजिटिव मिला है. 

हनुमान जयंती आज : कोरोना संकट हरेंगे संकटमोचन हनुमान, ऐसे करें घरों में पूजा -आराधना

हनुमान जयंती आज : कोरोना संकट हरेंगे संकटमोचन हनुमान, ऐसे करें घरों में पूजा -आराधना

जयपुर: आज देशभर में हनुमान जयंती मनाई जा रही है, ऐसा सालों में पहली बार हो रहा है, जब संकट मोचन हनुमान जी की जयंती सादगी से मनाई जा रही है. कोरोना से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है. इसलिए पूरे देशभर में लॉक डॉउन है. आज हनुमान मंदिरों में बिना भक्तों के संकट मोचन हनुमान जी की पूजा आराधना होगी. वहीं मंदिरों में पूजारी पूजा पाठ करके कोरोना जैसी गंभीर बीमारी से निजात दिलाने के लिए भगवान से प्रार्थना करेंगे. बुधवार को घर-घर में हनुमान जी पूजा की जाएगी. घरों में भक्त भगवान हनुमान को प्रसाद का भोग लगाकर, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड पाठ करके भगवान से प्रार्थना करे, कि देश पर कोरोना जैसा संकट आया है इससे भगवान जल्द ही मुक्ति दिलाये. संकटमोचन हनुमान अष्टक का पाठ करने से सारे कष्ट और संकट दूर हो जाते है. 

ऐसे कीजिए पूजा:
सुबह जल्दी उठकर घर की सफाई करें और गंगाजल या गौमूत्र के छिड़काव से पवित्र कीजिए फिर नहा लीजिए. इसके बाद घर के पूजा स्थान पर हनुमानजी समेत श्रीराम और सीताजी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित कीजिए. भगवान को साक्षी मानकर दिनभर व्रत रखने का संकल्प लीजिए. श्रीराम और माता सीता की पूजा कीजिए. उसके बाद प्रमुख देवता हनुमान जी की पूजा आराधना कीजिए. उसके बाद भगवान को फूल, धूप-दीप, वस्त्र, फल, पान और अन्य चीजें चढ़ाएं. इसके बाद सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ कीजिए. फिर बाद में आरती करके प्रसाद बांट दीजिए. 

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चैत्र मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है हनुमान जयंती:
आपको बता दें कि चैत्र मास की पूर्णिमा के दिन हनुमान जयंती मनाई जाती है. शास्त्रों के मुताबिक हनुमान जी की अंजनी माता है, पिता वानरराज केसरी है. इसलिए इन्हें केसरीनंदन भी कहते हैं. हनुमान जी को शिव के 11वें रुद्रावतार हैं. हनुमान जयंती पर भगवान शंकर को देसी घी के बने लड्डुओं का भोग लगाना बेहद शुभ होता है. 

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हनुमान भगवान धरती पर अवतरित:
संकटमोचक भगवान हनुमान जी का पूजा-पाठ कर कोरोना महामारी से मुक्ति की प्रार्थना की जाएगी. लॉक डाउन के चलते मंदिरों में प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए सामान्य पूजा होगी.कहा कि जब जब मनुष्य पर संकट पड़ा है हनुमान भगवान धरती पर अवतरित होते रहे हैं और मनुष्य की हर विपदा को हरा है. हमें हनुमान भगवान से पुलिस, डॉक्टर, नर्स, नगर निगम व मीडियाकर्मियों के उत्तम स्वास्थ्य की भी कामना करनी होगी.

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