दुपहिया वाहनों की बिक्री के साथ हेलमेट अनिवार्य, एक अप्रैल से सभी दुपहिया का तभी होगा पंजीयन

दुपहिया वाहनों की बिक्री के साथ हेलमेट अनिवार्य, एक अप्रैल से सभी दुपहिया का तभी होगा पंजीयन

जयपुर: प्रदेश में एक अप्रैल से दुपहिया वाहनों की बिक्री के साथ हेलमेट अनिवार्य किया गया है. यानी किसी भी दुपहिया वाहन का पंजीयन तभी होगा, जब ग्राहक हेलमेट खरीदने की रसीद पेश करेंगे. परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास की अध्यक्षता में आज परिवहन भवन में दुपहिया वाहन विनिर्माता के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में यह निर्णय किया गया. 

दुर्घटनाओं में लगभग 34 प्रतिशत दुर्घटनाएं दुपहिया वाहनों की:
परिवहन मंत्री ने बैठक में दुपहिया वाहन के विनिर्माताओं के प्रतिनिधियों को कहा कि राज्य में प्रतिवर्ष घटित सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 34 प्रतिशत दुर्घटनाएं दुपहिया वाहनों की होती है. जिससे ज्यादातर बिना हैलमेट लगाने वाले चालक है. राज्य में लगभग 10500 व्यक्तियों की मृत्यु दुघर्टनाओं में हो जाती है जिससे एक तिहाई दुपहिया वाहन चालक है जो काफी चिंता का विषय है. दुपहिया वाहन का इस्तेमाल अधिकांशत निम्न आय वर्ग द्वारा किया जाता है और अज्ञानता के कारण हैलमेट का इस्तेमाल नही करते. इसको देखते हुये राज्य में दुपहिया वाहन बिक्री के साथ ही हैलमेट को अनिवार्य किये जाने की आवश्यकता है.

1 अप्रैल से हेलमेट की रसीद प्रस्तुत करने पर ही दुपहिया वाहन का पंजीयन होगा:
बैठक में परिवहन आयुक्त राजेश यादव ने कहा कि यदि हम हैलमेट को अनिवार्य करते है तो इससे दुपहिया वाहन चालक की मृत्यु एवं घायलों की संख्या में कमी ला सकते हैं. इस सम्बन्ध में तमिलनाडू, आंध्रप्रदेश इत्यादि राज्य इसके उदाहरण है. उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल से राज्य में हेलमेट की रसीद प्रस्तुत करने पर ही दुपहिया वाहन का पंजीयन होगा. बैठक में दुपहिया विनिर्माता के प्रतिनिधियों ने दुपहिया वाहन खरीद के समय हैलमेट उपलब्ध कराने के लिये सहमत थे. बैठक में टीवीएस, बजाज, होंडा, हीरो दुपहियावाहन निर्माताओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे. 

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