Live News »

गूगल इंडिया हैड-south east india vp, राजन आनंदन ने दिया इस्तीफा

गूगल इंडिया हैड-south east india vp, राजन आनंदन ने दिया इस्तीफा

नई दिल्ली। साउथ ईस्ट एशिया के वाइस प्रेसिडेंट और गूगल इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर राजन आनंदन ने रिजाइन कर दिया है। अब वह टेक्नॉलोजी स्टार्टअप में इन्वेस्टमेंट पर फोकस करेंगे। हालांकि, राजन आनंनदन अप्रैल के आखिरी तक गूगल के साथ बने रहेंगे। फिलहाल गूगल ने अंतरिम हेड के तौर पर विकास अग्निहोत्री को नियुक्त किया है। विकास अग्निहोत्री कंट्री डायरेक्टर, सेल्स के तौर पर गूगल से जुड़े हैं।

गूगल के एशिय पेसिफिक प्रेसिडेंट स्कॉट बेयोमॉन्ट ने राजन आनंदन के इस्तीफे के बाद राजन को आगे के भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए गूगल में उनके द्वारा किए कार्यो का आभार जाताया है। बेयोमॉन्ट ने कहा है, कि ‘हम राजन आनंदन द्वारा गूगल में किए बड़े कॉन्ट्रिब्यूशन के लिए उनके आभारी हैं। उनके उद्यमशीलता (entrepreneurial) के उत्साह और लीडर्शिप ने भारत और साउथ इस्ट एशिया में ओवरऑल इंटरनेट इकोसिस्टम ग्रो करने में मदद की है। हम उन्हें आगे के लिए शुभकामनाएं देते हैं’

बतादें, राजन आनंदन गूगल से पहले माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर रह चुके हैं। माइक्रोसॉफ्ट से पहले उन्होंने अमेरिकी टेक कंपनी डेल में भी काम किया है और यहां भी उन्होंने वाइस प्रेसिडेंट और कंट्री मैनेजर के तौर पर काम किया है। मालूम हो, राजन आनंदन पहले से भी इन्वेस्टर रहे हैं और अब वो पूरी तरह से इन्वेस्टमेंट पर फोकस करेंगे। माना जा रहा है कि अब वो इंडिया और साउथ ईस्ट एशिया में अर्ली स्टेज टेक्नॉलजी स्टार्टअप निवेश करेंगे।
 

और पढ़ें

Most Related Stories

बैन के बाद टिकटॉक ने दी सफाई- नहीं शेयर की जानकारी, चीन को भी नहीं दिया डेटा

बैन के बाद टिकटॉक ने दी सफाई- नहीं शेयर की जानकारी, चीन को भी नहीं दिया डेटा

नई दिल्ली: भारत और चीन विवाद के चलते सोमवार को मोदी सरकार ने देश में टिकटॉक समेत 59 ऐप्स पर पाबंदी लगा दी है. इस बैन के बाद वीडियो मेकिंग ऐप टिक टॉक इंडिया ने एक बयान जारी करते हुए सफाई दी है. कहा है कि किसी भी यूजर की जानकारी दूसरे देश, यहां तक कि चीन को भी नहीं दी गई है.

TikTok, UC Browser सहित 59 चीनी ऐप्स बैन, यहां देखें पूरी लिस्ट  

किसी भी भारतीय यूजर की जानकारी साझा नहीं की:  
टिकटॉक के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई ने लिखा है कि सरकार के आदेश का पालन किया जा रहा है, लेकिन उनकी तरफ से किसी भी भारतीय यूजर की जानकारी किसी भी दूसरे देश साझा नहीं की गई है, यहां तक की चीन के साथ भी नहीं. वहीं ट्विटर पर एक पोस्ट के जरिए टिक टॉक इंडिया के हैड निखिल गांधी ने कहा है कि हम भारत सरकार के आदेश को मान रहे हैं. इसके लिए हम सरकारी एजेंसियों से मुलाकात भी करेंगे और अपनी सफाई पेश करेंगे. 

टिक टॉक भारत के कानून का सम्मान करता है:
उन्होंने आगे कहा कि टिक टॉक भारत के कानून का सम्मान करता है. टिक टॉक ने भारत के लोगों का डाटा चीनी सरकार सहित किसी भी विदेशी सरकार को नहीं भेजा है. अगर हमे ऐसा करने के लिए कहा भी जाता तो भी हम ऐसा नहीं करते. इससे पहले कल ही मोदी सरकार ने टिकटॉक समेत 59 ऐप पर पाबंदी लगाई है. सरकार के इस फैसले को लद्दाख में तनाव के बीच चीन के लिए कड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.

Coronavirus Updates: देश में 24 घंटे में कोरोना के 18522 मामले आए सामने, अब तक 16,893 लोगों की मौत  

14 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध टिक टॉक पर लाखों-करोड़ों यूजर्स:
वहीं टिक टॉक ने यह भी दावा किया है कि 14 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध टिक टॉक पर लाखों-करोड़ों यूजर्स हैं, जिनमें आर्टिस्ट, स्टोरी टेलर, टीचर हैं जो अपनी रोजमर्रा की रोजी रोटी के लिए इस पर निर्भर हैं. इसके साथ ही यह भी कहा कि इनमें से बहुत सारे लोग तो ऐसे भी हैं जो पहली बार इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं. सरकार के बैन के बाद गूगल ने टिक टॉक समेत सभी बैन किए गए ऐप्स को प्ले स्टोर से हटा दिया है. 


 

TikTok, UC Browser सहित 59 चीनी ऐप्स बैन, यहां देखें पूरी लिस्ट

नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख में चीन संग सीमा विवाद के चलते भारत सरकार ने चीन के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई शुरू कर दी है. सोमवार को आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय ने भारत में प्रचलित टिकटॉक (TikTok) और यूसी ब्राउजर (UC Browser) समेत चीन के 59 एप पर प्रतिबंध लगा दिया. सरकार ने इन ऐप्स को सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक बताया है. 

Unlock 2.0 की गाइडलाइंस जारी, ये हैं अनलॉक- 2 की रियायतें, इन चीजों को नहीं मिली इजाजत 

भारत की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के लिए खतरनाक: 
सरकार की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि उपलब्ध सूचना के अनुसार, ये ऐप्स उन गतिविधियों में लगे हुए हैं, जो भारत की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के लिए खतरनाक हैं. सरकार ने कहा कि इन चाइनीज ऐप्स के सर्वर भारत से बाहर मौजूद हैं. इनके जरिए यूजर्स का डेटा चुराया जा रहा था. इनसे देश की सुरक्षा और एकता को भी खतरा था. इसी वजह से इन्हें बैन करने का फैसला लिया गया है. 

इन 59 चाइनीज एप पर लगाया गया प्रतिबंध: 
1. टिकटॉक (TikTok) 2. शेयर इट (Shareit) 3. केवई (Kwai) 4. यूसी ब्राउजर (UC Browser) 5. बैडू मैप (Baidu map) 6. शीईन (Shein) 7. क्लैश ऑफ किंग (Clash of Kings) 8. डीयू बैटरी सेवर (DU battery saver) 9.  हेलो (Helo) 10. लाइक (Likee) 11.  यूकैम मेकअप ( YouCam makeup) 12. एमआई कम्युनिटी ( Mi Community) 13.  सीएम ब्राउजर (CM Browers) 14.  वायरस क्लीनर (Virus Cleaner) 15. एपीयूएस ब्राउजर (APUS Browser) 16.  रोमवी (ROMWE) 17.  क्लब फैक्ट्री (Club Factory) 18. न्यूज डॉग (Newsdog) 19.  ब्यूटी प्लस (Beutry Plus) 20.  वीचैट (WeChat) 21. यूसी न्यूज (UC News)  22. क्यू क्यू मेल (QQ Mail) 23. वीबो (Weibo)  24. एक्सएंडर (Xender) 25. क्यू क्यू म्यूजिक (QQ Music) 26. क्यू क्यू न्यूजफीड (QQ Newsfeed) 27.  बीगो लाइव (Bigo Live) 28.  सेल्फी सिटी (SelfieCity) 29.  मेल मास्टर (Mail Master)30. पैरलर स्पेस (Parallel Space) 31. एमआई वीडियो कॉल-शियॉमी (Mi Video Call – Xiaomi) 32. वीसाइन (WeSync) 33.  ईएस फाइल एक्सप्लोरर (ES File Explorer) 34. वीवा वीडियो (Viva Video),  35. मीईटू (Meitu) 36.  वीगो वीडियो ( Vigo Video) 37.  न्यू वीडियो स्टेटस (New Video Status) 38. डीयू रिकॉर्डर (DU Recorder) 39. वॉलट हाइड (Vault- Hide) 40. कैचे क्लीयर डीयू ऐप स्टूडियो (Cache Cleaner DU App studio) 41.  डीयू क्लीनर (DU Cleaner) 42. डीयू ब्राउजर (DU Browser) 43. हगो प्ले विद न्यू फ्रेंड्स (Hago Play With New Friends) 44. कैम स्कैनर (Cam Scanner) 45.  क्लीन मास्टर चीता मोबाइल (Clean Master – Cheetah Mobile) 46. वंडर कैमरा (Wonder Camera) 47.  फोटो वंडर (Photo Wonder) 48. क्यू क्यू प्लेयर (QQ Player) 49. वी मीट (We Meet) 50.  स्वीट सेल्फी (Sweet Selfie) 51.  बैडू ट्रांसलेट (Baidu Translate) 52. वी मेट (Vmate) 53. क्यू क्यू इंटरनेशनल (QQ International) 54. क्यू क्यू सिक्योरिटी सेंटर (QQ Security Center) 55.  क्यू क्यू लॉन्चर (QQ Launcher) 56. यू वीडियो (U Video) 57.वी फ्लाई स्टेटस वीडियो ( V fly Status Video) 58.  मोबाइल लिजेंड्स (Mobile Legends) 59. डीयू प्राइवेसी ( DU Privacy)

ये 10 एप्स भारत में थे काफी पॉपुलर: 
TikTok, Shareit, UC Browser, DU battery saver, Helo, Likee, WeChat, UC News, BigoLive और Vigo Video वो 10 एप्स हैं जो भारत में काफी पॉपुलर थे. 

कंफ्यूज हो गया आज पंचर वाला राजू जब नींद से उठा ! ...क्योंकि उसकी कुर्सी पर बैठे थे सतीश पूनिया

भारत में 80 करोड़ से ज्यादा लोगों के पास स्मार्टफोन: 
मोबाइल एप इंडस्ट्री की बात करें तो भारत में 80 करोड़ से ज्यादा लोगों के पास स्मार्टफोन हैं. बीते साल दुनियाभर में सबसे ज्यादा एप भारत में इंस्टॉल किए गए थे. आंकड़ों के मुताबिक शुरुआती तीन महीने में ही 4.5 अरब से ज्यादा एप डाउनलोड किए गए, जिनमें सबसे ज्यादा टिकटॉक था. टिक टॉक की बात करें तो दुनियाभर में इसके दो अरब से ज्यादा यूजर हैं. इनमें सबसे ज्यादा करीब 30 फीसदी भारतीय हैं. इस एप की कुल कमाई का 10 फीसदी केवल भारत से होता है. 


 

ट्विटर ने नया फीचर VOICE Tweet करा लॉन्च, जानिए बेहद दिलचस्प ये फीचर कैसे करता है काम

ट्विटर ने नया फीचर VOICE Tweet करा लॉन्च, जानिए बेहद दिलचस्प ये फीचर कैसे करता है काम

नई दिल्ली: ट्विटर लगातार अपने यूज़र्स के लिए बदलाव कर रहा है, अब हाल ही में कपनी ने बेहद दिलचस्प वॉयस फीचर अपने यूज़र्स के लिए लॉन्च करा है. इस नए फीचर की मदद से अब आप अपनी आवाज़ रिकॉर्ड करके ट्वीट कर सकेंगे, काफी दिनों की टेस्टिंग के बाद इसे कंपनी ने अपने यूज़र्स के लिए उपलबध कराया है. हालांकि ट्विटर ने जानकारी देते हुए बताया की अभी ये ऐप्प IOS यूजर्स ही यूज़ कर सकेंगे। ट्विटर ने ने अभी तक जानकारी नहीं दी है कि कब तक वॉयस फीचर को एंड्रॉयड यूजर्स के लिए जारी किया जाएगा. 

नया फीचर ऐसे होगा इस्तेमाल:
Voice Tweet यूज़ करने का तरीका बेहद आसान है और इसे वैसे ही ट्वीट करते हैं जैसे आप टेक्स्ट ट्वीट करते थे. कंपोज़ ट्वीट पर टेप करने के बाद आपको वेवलेंथ के साथ एक नया आइकन दिखाई देगा, उसपे टेप करते ही आप अपनी आवाज़ में रिकॉर्ड करके ट्वीट कर  सकेंगे।आपको बता दे यहां पर भी टाइम लिमिट है, यानी 140 सेकेंड के ऑडियो को ही रिकॉर्ड कर ट्वीट कर पाएंगे. TWITTER इसे जल्द ही आने वाले हफ्तों में IOS यूजर के लिए उपलब्ध कराएगा. 

Twitter लगातार बदलाव कर रहा है:
हाल ही में ट्विटर ने  "स्टोरीज़" फॉर्मेट को 'Fleets' नाम से टेस्ट करने के लिए भारत में Android और iOS यूज़र्स के लिए उपलब्ध कराया था. Instagram, Facebook और WhatsApp स्टोरीज़ की तरह ही फ्लीट्स भी 24 घंटे के बाद टाइमलाइन से आटोमेटिक रिमूव हो जाते हैं. 

चीन की चालाकी पर ट्विटर की कार्रवाई, चीनी समर्थन वाले 1.7 लाख अकाउंट किए सस्पेंड

चीन की चालाकी पर ट्विटर की कार्रवाई, चीनी समर्थन वाले 1.7 लाख अकाउंट किए सस्पेंड

नई दिल्ली: अपनी चालबाज़ी और साजिशो के लिए दुनियाभर में आलोचना झेल रहे चीन की एक और चालाकी सामने आयी है और इस पर कार्रवाई करते हुए ट्विटर ने 1.7 लाख अकाउंट को बंद कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ये एकाउंट्स सीधे तौर पर चीन की नीतियों और कदमों को सही ठहरा कर उनका प्रचार प्रसार कर रहे थे. गौरतलब है की हॉन्गकॉन्ग में चीन विरोधी प्रदर्शन और covid-19 को लेकर दुनियाभर में चीन की कड़ी आलोचना हो रही है ऐसे में ट्विटर पर लाखों अकाउंट्स चीन को सही ठहरा रहे थे. 

हॉन्गकॉन्गन और covid-19 की ज्यादा चर्चा 
अकाउंट की तरफ से गलत जानकारी भी फैलाई जा रही थी. ऐसे कई अकाउंट्स थे जिनके जरिए यह दावा किया जा रहा था कि covid-19 को लेकर चीन ने सही वक्त पर सही कदम उठाए वही दूसरी ओर हॉन्गकॉन्गन में नए कानून पारित को लेकर दुनियाभर में चीन की निंदा हो रही है लेकिन, ट्विटर पर हजारों अकाउंट्स ऐसे थे जो चीन के कदम को सही ठहरा रहे थे.  

विदेश में रहने वाले चीनी नागरिक थे टारगेट
ट्विटर की तरफ से जारी बयान में कहा गया है की 23,750 अकाउंट की पहचान की है, जो चीन का समर्थन कर रहे थे. इसके साथ 1.50 लाख अकाउंट ऐसे भी थे, जो इन अकाउंट से किए गए ट्वीट को रीट्वीट कर दुनियाभर में प्रमोट करने काम करते थे. इसके अलावा ऑस्ट्रेलियन स्ट्रैटेजिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस चीनी अभियान का मकसद विदेश में रहने वाले चीनी नागरिकों को टारगेट करना था.

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चीन का सर्मथन 
ट्विटर का कहना है कि निलंबित खातों में मुख्य रूप से चीनी भाषा में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के समर्थन में ट्वीट करा जाता था. हालाँकि आपको बता दें की चीन में आधिकारिक तौर पर ट्विटर ब्लॉक है पर वहां के लोग वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क, यानी वीपीएन कनेक्शन के जरिये सोशल मीडिया साइट्स पर पहुंचते हैं.

चीनी मोबाइल कंपनी की साजिश या लापरवाही ? भारत में एक ही IMEI नंबर पर एक्टिव मिले 13 हज़ार मोबाइल

चीनी मोबाइल कंपनी की साजिश या लापरवाही ? भारत में एक ही IMEI नंबर पर एक्टिव मिले 13 हज़ार मोबाइल

मेरठ (यूपी) : सभी मोबाइल फ़ोन में एक ही IMEI नंबर अलॉट होता हे, तो आप भी सोच रहे होंगे ये कैसे मुमकिन हो सकता है. अपनी चालबाज़ी और साजिशो के लिए दुनियाभर में आलोचना झेल रहा चीन का एक और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. चीन की मोबाइल निर्माता कंपनी VIVO के एक आईएमईआई (International Mobile Equipment Identity) नंबर पर 13 हजार से ज्यादा मोबाइल फोन एक्टिव पाए गए हैं. मेरठ जोन पुलिस की साइबर क्राइम सेल की जांच में यह खुलासा हुआ है ऐसे में यह भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से कंपनी की बड़ी लापरवाही मानी जा रही है.

क्या होता है आईएमईआई नंबर: 
हर व्यक्ति की पहचान के लिए उसके पास आइडेंटिटी प्रूफ होता है, उसी तरह हर मोबाइल की पहचान उसका IMEI नंबर होता है. कॉल हिस्ट्री, मैसेज व लोकेशन ट्रैक इत्यादि की जानकारी भी IMEI के जरिये मिलती है. ऐसे में कोई अपराध हुआ तो  अपराधी को पकड़ा भी नहीं जा सकेगा.

मोबाइल की स्क्रीन टूटने पर हुआ खुलासा: 
इसका मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस महानिदेशक मेरठ के कार्यालय में तैनात सब इंस्पेक्टर आशाराम के वीवो कंपनी मोबाइल की स्क्रीन टूट गयी, जिसके बाद इंस्पेक्टर ने वीवो सर्विस सेंटर में फोन ​रिपेयर के लिए दिया और सर्विस सेंटर से रिपेयर होने के कुछ दिनों बाद ही मोबाइल यूज़ में दिक्कत आने लगी और फोन स्क्रीन पर बार बार एरर आने लगा. इसके बाद मामले की शिकायत की गयी और  मेरठ जोन पुलिस की साइबर क्राइम सेल को जांच के निर्देश दिए. जांच में खुलासा हुआ की आशाराम के मोबाइल के बॉक्स पर जो आईएमईआई लिखा हुआ है, वह वर्तमान में मोबाइल में मौजूद आईएमईआई से अलग है और साथ ही मोबाइल में मौजूद IMEI नंबर पर देशभर में 13 हज़ार से भी ज्यादा मोबाइल एक्टिव है. यह बात जब वीवो सर्विस सेंटर पहुॅंची तो उन्होंने साफ कर दिया कि फोन की IMEI नहीं बदली गई है,लिहाजा अब कंपनी से फोन का डाटा मांगा गया है. 

नियमों का उल्लंघन : 
कुछ वर्षों पहले जब चाइनीज फोन आए थे तब उनका आईएमईआई नंबर एक ही होता था, तब सरकार द्वारा सभी नंबरों को ब्लैक लिस्ट किया था. इसके बाद ट्राई के नियम लागू हुए जिसके तहत एक आईएमईआई सिर्फ एक मोबाइल को दिया जा सकता है.

धोखाधड़ी का मामला दर्ज: 
मेरठ के एडीजी राजीव सबरवाल ने बताया की पुलिस ने Vivo Mobile और सर्विस सेंटर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है ओर साइबर सेल ने पूरे मामले में वीवो इंडिया के नोडल अधिकारी हरमनजीत सिंह को 91 सीआरपीसी के तहत नोटिस दिया है साथ ही इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इस मामले की जांच गहनता से की जाएगी.

चीन में हड़कंप मचाने वाले Remove China Apps और Mitron app को गूगल प्‍लेस्‍टोर ने हटाया

चीन में हड़कंप मचाने वाले Remove China Apps और Mitron app को गूगल प्‍लेस्‍टोर ने हटाया

नई दिल्ली: पिछले कुछ दिनों से काफी पॉप्युलर हो रहे Remove China Apps और Mitron app को गूगल प्ले स्टोर ने हटा दिया है. चीनी एप को हटाने के लिए विकसित किए गए 'रिमूव चाइना एप' को व्‍यापक समर्थन मिला और रिकॉर्ड 50 लाख से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया. इस ऐप के जरिए आप अपने स्मार्टफोन में मौजूद सभी चीनी ऐप्स को डिलीट कर पाते थे. 

देशी नस्ल के गौवंश की डेयरी स्थापना के लिए मिलेगा 90 प्रतिशत तक ऋण, चुकाने पर 30 प्रतिशत सब्सिडी 

यह एक दिन में दूसरा पॉप्युलर ऐप: 
जिन यूजर्स के फोन में यह ऐप पहले से डाउनलोडेड है, उनके फोन में यह काम करता रहेगा. यह एक दिन में दूसरा पॉप्युलर ऐप है जिसे गूगल ने रिमूव किया. इससे पहले मंगलवार को ही प्ले स्टोर से टिकटॉक की तरह ही काम करने वाले Mitron ऐप को भी हटाया गया है. मिट्रोन ऐप चीनी ऐप टिक टोके का विकल्प था. दोनों ऐप भारत में हाल ही में बहुत लोकप्रिय हो रहे थे.

Coronavirus Vaccine: रूस ने किया कोरोना वैक्सीन तैयार करने का दावा, सैनिकों पर हो रहा है ट्रायल 

जयपुर की कंपनी OneTouchAppLabs ने डिवेलप किया:
रिमूव चाइना ऐप को जयपुर की कंपनी OneTouchAppLabs ने डिवेलप किया था. गूगल के रिमूव करने पर कंपनी 'वन टच एपलैब' ने ट्वीट कर कहा है कि एप को प्‍लेस्‍टोर से हटा दिया गया है. हालांकि ऐसा क्‍यों किया गया है कंपनी ने भी कुछ नहीं बताया है. हालांकि गूगल प्‍ले स्‍टोर की ओर से अभी इस बात की पुष्टि नहीं की गई है कि इस एप को क्‍यों हटाया गया है या यह भविष्‍य में गूगल प्‍ले स्‍टोर पर उपलब्‍ध होगा या नहीं. 


 

जानिए क्यों चीनी ऐप TikTok को टक्कर देने के लिए सुर्ख़ियों में आया 'Mitron' ऐप को गूगल ने प्ले स्टोर से हटाया

जानिए क्यों चीनी ऐप TikTok को टक्कर देने के लिए सुर्ख़ियों में आया 'Mitron'  ऐप को गूगल ने प्ले स्टोर से हटाया

नई दिल्ली: चीनी ऐप tiktok के विकल्प में और उसे टक्कर देने के लिए तैयार किया गया mitron ऐप को गूगल ने प्ले स्टोर से हटा दिया है. कई लोगों में यह विचार था की mitron स्वदेशी ऐप है, जिसके चलते यह ऐप बहुत ही कम समय में धमाल मचा कर सुर्ख़ियों में आ गया. आपको एक रोचक बात बता दे की यह ऐप नया नहीं है तो सवाल यह है की फिर कंपनी ने इसे पहले क्यों नहीं हटाया.

भारतीय ऐप होने की धारणा के चलते हुआ 'हिट': 
भारत में चीनी प्रोडक्ट्स और ऐप को बॉयकॉट करने की मुहीम जोर पकड़ रही है ओर ऐसे में  धीरे धीरे लोगों ने चीनी ऐप और प्रोडक्ट्स के विकल्प खोजना चालू कर दिया है. यही बड़ा कारण है की गूगल प्ले स्टोर पर इस ऐप की रेटिंग्स 4.8 थी और इसे बहुत ही कम समय में  50 लाख से ज्यादा लोगों द्वारा डाउनलोड किया जा चुका था, हालांकि यह ऐप भारतीय हे या नहीं इस पर बहस जारी है.  

'Mitron' ऐप को क्यों हटाया गया: 
इसे स्पैम और मिनिमम फंक्शनैलिटी पॉलिसी के वॉयलेशन के लिए गूगल प्ले स्टोर से हटाया गया. Google प्ले स्टोर की नीति में कहा गया है कि किसी भी मूल परिवर्तन किए बिना या अन्य मूल्य से सामग्री को कॉपी करना एक उल्लंघन है, “हम उन ऐप्स की अनुमति नहीं देते हैं जो केवल Google Play पर पहले से ही अन्य एप्लिकेशन के समान अनुभव प्रदान करते हैं। 

मित्रों का पाकिस्तान की एक कंपनी से सामने आया कनेक्शन: 
दरअसल पाकिस्तान की Qboxus नामक सॉफ्टवेयर डेवलपर कंपनी ने दावा किया हे की उन्होंने ऐप का सोर्स कोड मित्रों के प्रमोटर को करीब 2,600 रुपये में बेचा है और उनके द्वारा मित्रों ऐप को केवल रीब्रैंड किया गया है.Qboxus कंपनी के सीईओ इरफान शेख का कहना है की यह सीधे तौर पर नकल की श्रेणी में आता है, फ़िलहाल मित्रों ऐप की तरफ से कोई बयान जारी नहीं किया गया है. 

दमदार 6000 mAh बैटरी के साथ Samsung Galaxy M31 का नया वैरिएंट भारत में लॉन्च

दमदार 6000 mAh बैटरी के साथ Samsung Galaxy M31 का नया वैरिएंट भारत में लॉन्च

जयपुर: दक्षिण कोरिया की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी सैमसंग ने अपना गैलेक्सी एम31 स्मार्टफोन नए वेरियंट के साथ भारत में लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस स्मार्टफोन फ़ोन में रेम बड़ा कर 8GB में इसे लॉन्च करा है, आपको बता दे की इससे पहले कंपनी ने गैलेक्सी एम31 Samsung को 6 जीबी रैम के साथ 64 जीबी और 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट में भारत में लॉन्च कर दिया था | तो आइए जानते हैं सैमसंग गैलेक्सी एम31 के नए वेरिएंट की कीमत और स्पेसिफिकेशन के बारे में... 

Samsung Galaxy M31 की स्पेसिफिकेशन:
कैमरे की बात करें तो गैलेक्सी एम31 में क्वाड-रियर कैमरा सेटअप है। हैंडसेट में अपर्चर एफ/1.8 के साथ 64 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरा है, 8 मेगापिक्स सेकंडरी, 5 मेगापिक्सल मैक्रो और 5 मेगापिक्सल डेप्थ सेंसर भी आपको इसमें मिल जायेगा। सेल्फी के लिए बेहतरीन 32 मेगापिक्सल कैमरा है। वीडियो के लिए भी गैलेक्सी एम31 में 6.4 इंच फुल एचडी प्लस (1080x2340 पिक्सल) इनफिनिटी-यू डिस्प्ले होगी। सैमसंग गैलेक्सी एम31 स्मार्टफोन एंड्रॉयड 10 पर आधारित वनयूआई पर काम करता है, फोन में ऑक्टा-कोर एक्सीनॉस 9611 प्रोसेसर है | 

Samsung Galaxy M31 की कीमत:
सैमसंग कंपनी ने अपने फ़ोन गैलेक्सी एम31 के 8 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 19,999 रुपये रखी है, वही सैमसंग गैलेक्सी एम31 के 6 जीबी रैम व 64 जीबी स्टोरेज वेरियंट की कीमत 15,999 रुपये है और 6 जीबी रैम व 128 जीबी स्टोरेज वेरियंट 16,999 रुपये में आता है।

Open Covid-19