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बच्चियों से अश्लील हरकत करने के आरोपी शिक्षक को भेजा जेल, करता था बैड टच

बच्चियों से अश्लील हरकत करने के आरोपी शिक्षक को भेजा जेल, करता था बैड टच

चूरू: जिले के पीथीसर गांव के एक स्कूल में अध्यापक के बच्चियों के साथ गलत हरकतें करने का मामला सामने आने पर अभिभावक सदमें में हैं.  इस बारे में कुछ ने परिजनों को बताया, लेकिन गुरुजी के लाड करने की सोचकर गंभीरता से नहीं लिया. बच्चियों को तो इस बात की समझ नहीं थी कि गुरुजी बैड टच कर रहे हैं. मामला उजागर होने के तीन-दिन पहले एक मासूम ने मां को बैड टच के बारे में बताया और उसके बाद मामला सामने आया. 

कोर्ट ने आरोपी शिक्षक को जेल भेजने के आदेश दिए:  
इधर छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोपी शिक्षक कुंतक सांखोलिया को बुधवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर पॉक्सो न्यायालय में पेश किया गया. जहां न्यायालय ने आरोपी शिक्षक को जेल भेजने के आदेश दिए हैं. पुलिस सूत्रों की माने तो आरोपी शिक्षक की ओर से छेड़छाड़ करने के बजाय दुलार करने की बात कही गई है. हालांकि पुलिस की ओर से पूरे मामले की जांच की जा रही है. इसके बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी. 

घटना के बाद मासूमों में दिखा डर: 
घटना के बाद मासूमों में डर दिखा. पीथीसर स्थित स्कूल में नामांकित 201 विद्यार्थियों में से बुधवार को केवल 141 बच्चें ही पहुंचे. इसमें 70 बच्चे वो थे, जिनकी परीक्षा थी. स्कूल में कुल नौ का स्टाफ है, उपस्थिति सिर्फ तीन की रही. इसमें प्रधानाचार्य को एपीओ किया जा चुका है. आरोपी शिक्षक कुंतल को निलंबित, एक ट्रेनिंग, दो प्रशिक्षण शिविर व एक डेपुटेशन पर है. 

स्कूल की शिक्षिका को बताई थी पीड़ा: 
पीड़ित छात्राओं ने बताया कि अपने साथ हो रही हरकत के बारे में स्कूल की महिला शिक्षिका को बताया था. लेकिन शिक्षिका ने इस बारे में स्कूल प्रशासन को बताने के बजाय बच्चियों को हरकत के बारे में परिजनों को बताने की सलाह दे दी. बालिकाओं ने बताया कि आरोपी शिक्षक पीरियड के दौरान कमरा बंद कर लेता था. बाद में छात्राओं के साथ हरकतें करता था.  

सीओ सिटी ने लिए बयान:  
घटना के बाद में जांच अधिकारी सीओ सिटी सुखविन्द्रपाल सिंह ने ग्रामीणों से बातचीत की. मामले को लेकर छात्राओं के बयान भी लिए हैं. महिला थानाधिकारी राजेश पीड़ित छात्राओं को बयान के लिए कोर्ट लेकर पहुंची. प्रारम्भिक पूछताछ के दौरान आरोपी शिक्षक ने छेड़छाड़ करने की बात से इंकार किया है. 

मामले की जांच की जा रही:  
आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां न्यायालय ने जेल भेजने के आदेश दिए हैं. मामले में पीड़ित छात्राओं व ग्रामीणों के बयान लिए गए हैं. मामले की जांच की जा रही है. 

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150 से 200 लोगों पर भी मुकदमा दर्ज:
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चूरू: तेज गर्मी के साथ ही पेयजल की किल्लत सामने आने लग गई है, प्रदेश के कई जिलों में पानी की समस्याओं को लेकर लोग परेशान है. ताजा मामला चूरू जिले का सरदारशहर तहसील की ग्राम पंचायत काकलासर का है, जहां पर पेयजल की समस्या को लेकर ग्रामीणों में रोष है. आपको बता दें कि पीने की पानी की भारी किल्लत को लेकर ग्रामीण लंबे समय से पीने के पानी की आपूर्ति की मांग कर रहे थे. मगर पीएमसी के अधिकारी गोविंद जांगिड़ की हठधर्मिता के चलते शुक्रवार तक गांव में पीने का पानी सुचारू रूप से नहीं पहुंच रहा है. जिससे क्षुब्ध होकर ग्रामीण आज सैकड़ों की तादाद में  चूरू जिला मुख्यालय की ओर पैदल ही कुछ करने के लिए निकल पड़े.

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सूचना मिलने पर 2 थानों की पुलिस ने जाकर रास्ते में पैदल चलते हुए ग्रामीणों के को रोक दिया है. यहां पर भाजपा नेता अशोक पिंचा, प्रधान सत्यनारायण सारण, आरएलपी नेता बलदेव सारण सहित अनेक लोग भी मौजूद है. इन आंदोलनकारियों का कहना है कि हमसे कोई प्रशासनिक अधिकारी आकर हमारी उचित मांग को सुने और पीने के पानी की आपूर्ति को सुचारू रूप से चालू करवाएं ना कि पुलिस बल से हमें डराया और धमकाया जाए और हमारी उचित मांगों को कुचला जाना कतई उचित नहीं है.

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खाना भी नहीं मिल रहा है. लगातार प्रताड़ना से परेशान मजदूर वापस स्वदेश आना चाहते है. लगातार इनका वक्त भय और भुख के साथ बीत रहा है. इनमें से सरदारशहर, चूरू, तारानगर, सुजानगढ़ ओर झुंझनु के 9 मजदूर है बाकी 4 मजदूर उतरप्रदेश के निवासी है. कम्पनी ने इन सब पला झाड़ लिया है. जिस कैम्पस में रह रहे है व किराये का है कम्पनी किया भी नहीं भर रही है. इसलिए इन्हें यहां से भी निकाला जा रहा है. फंसे हुए मजदूरों ने सरकार से मदद की मांग की है. 

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मुंबई से श्रमिक स्पेशल ट्रेन पहुंची चूरू, 120 प्रवासियों को चूरू लेकर पहुंची ट्रेन

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चूरू: लॉकडाउन शुरू होने के 65 दिनों के बाद चूरू रेलवे स्टेशन पर पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन पहुंची. ये ट्रेन मुम्बई से रवाना होकर चूरू पहुंची, जिसमें 120 प्रवासी चूरू रेलवे स्टेशन पहुंचे. यह सभी वो प्रवासी लोग हैं जो मुम्बई में कामकाज के सिलसिले में रह रहे थे और लॉक डाउन के बाद मुम्बई में फंस गए.

सोशल डिस्टेेंसिंग की पूरी पालना:
चूरू रेलवे स्टेशन पहुंचने पर कोविड 19 की जारी एडवाइजरी का पालन कराने के लिये प्रशासन, पुलिस और चिकित्सा एवं स्वास्थ विभाग के अधिकारी यहां पहले से ही मौजुद थे. सोशल डिस्टेसिंग का ख्याल रखते हुए सभी लोगों को गोल गहरे में बिठाया गया. छोटे  बच्चों ने भी सोशल डिस्टेसिंग का ख्याल रखा. प्रवासियों को नाश्ता देने से पहले उनके हाथों को सेनेटाइज करवाया गया.

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लोगों की हुई थर्मल स्क्रीनिंग:
ट्रेन के चूरू पहुंचने के बाद पूरी ट्रेन को सेनेटाइज करवाया गया. रेलवे स्टेशन का एनाउन्सर कोविड 19 एडवाइजरी की पालना के लिए अनाउन्स करते रहे. इन लोगों में  श्रीगंगानगर, हनुमानगढ आदि जिलों के लोग भी शामिल हैं, जिन्हे रोडवेज बसों द्वारा नि:शुल्क उनके गन्तव्य जिले और तहसीलों तक पहुंचाया गया. सभी लोगों की लाइन लिस्टिंग के बाद इनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई और ब्लॉक वाइज क्वारेंटाइन किया गया.  बीसीएमओ की टीम ने कोरोना संदिग्ध लोगों के सेम्पल लिए. 

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नौतपा में भट्टी सा तपा शेखावाटी, 50 डिग्री पहुंचा चूरू का तापमान  

नौतपा में भट्टी सा तपा शेखावाटी, 50 डिग्री पहुंचा चूरू का तापमान  

जयपुर: नौतपा में राजस्थान का शेखावाटी क्षेत्र भट्टी सा तपा हुआ है. जी हां गर्म हवाओं से हालात खराब हो गए है. लोग घरों से बाहर ​नहीं निकल रहे है. सडकों पर सन्नाटा पसरा हुआ है. हम बात कर रहे है राजस्थान के चूरू जिले की. यहां पर मंगलवार दिन का तापमान 50 डिग्री तक पहुंच गया है. जिसकी वजह से गर्मी से हाल बेहाल हो गए है. 

सड़कों पर पसरा सन्नाटा:
गर्मी की वजह से चूरू की सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है. गर्म हवा चलने की वजह से लोग नजर नहीं आ रहे है. आपको बता दें कि गर्मी से बच्चे और बुजुर्ग बेहाल हो गए है. यहां पर आसमान से आग बरस रही है. नौतपा में शेखावटी इलाका भट्टी सा तपा हुआ है. 
हीट वेव चलने की वजह से सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है.  

Rajasthan Corona Updates: राजस्थान में कुल 7 हजार 476 संक्रमित, 176 नए केस आये सामने, अब तक 167 मरीजों की मौत  

छींटे पड़ने की संभावना:
मौसम विभाग ने कहा कि उत्तर भारत के अनेक हिस्सों में 29-30 मई को धूल भरी आंधी चलने और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है जिससे लू के प्रकोप से राहत मिल सकती है. मौसम विभाग ने बताया कि राजस्थान में जोधपुर, बीकानेर, जयपुर, अजमेर, भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ क्षेत्रों में लू का प्रकोप और बढ़ सकता है. हालांकि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता की वजह से शुक्रवार और शनिवार को जोधपुर, बीकानेर, जयपुर और भरतपुर में हल्की बारिश हो सकती है.

बिहार में 10वीं बोर्ड के नतीजे घोषित, 80.59 फीसदी छात्र उत्तीर्ण, हिमांशु राज बने टॉपर 

SHO विष्णुदत्त विश्नोई आत्महत्या प्रकरण, परिजनों और सरकार में सहमति के बाद हुआ पोस्टमार्टम, पुलिस सम्मान के साथ शव किया सुपुर्द

चूरू: चूरू के राजगढ़ में SHO विष्णुदत्त विश्नोई आत्महत्या प्रकरण में परिजनों और सरकार में सहमति के बाद शव का पोस्टमार्टम किया गया है. पुलिस सम्मान के साथ शव परिजनों को सुपुर्द किया गया है. इससे पहले जनप्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की. IG जोस मोहन, कलेक्टर संदेश नायक, SP तेजस्विनी गौतम, उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, सांसद राहुल कस्वां, पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां पूर्व विधायक मनोज न्यांगली भी ने विष्णुदत्त विश्नोई को श्रद्धांजलि अर्पित की. 

दबंग छवि और बेहद जबांज ऑफिसर थे विष्णुदत्त:
चूरू जिले के सादुलपुर थानाधिकारी विष्णुदत्त बिश्नोई ने शनिवार को आत्महत्या कर ली. जानकारी के अनुसार विश्नोई ने अपने क्वार्टर में फांसी का फंदा लगाकर जीवनलीला समाप्त की है. हालांकि आत्महत्या के कारणों का अभी कोई पता नहीं चला है. वहीं पुलिस अधिकारी अभी कुछ भी बोलने से दूरी बना रहे हैं. बता दें कि बिश्नोई ईमानदार ऑफिसर के साथ पुलिस विभाग में दबंग छवि व बेहद जबांज ऑफिसर थे. 

सादुलपुर CI विष्णुदत्त विश्नोई आत्महत्या प्रकरण में ये अधिकारी करेगा जांच

अपराधियों में विष्णु के नाम का ही भय था:
1997 बैच का जबांज थानेदार जिस भी थाने में रहा अपने वर्किंग स्टाइल की छाप छोड़ी. जनता में लोकप्रिय थानेदार तो सटोरियों और अपराधियों में विष्णु के नाम का ही भय था. आज सुबह करीब 11 बजे विष्णु दत्त विश्नोई ने अपने सरकारी मकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. first India पर ब्रेकिंग होने के साथ ही खबर आग की तरह फैली हर कोई स्तब्ध दुःखी था. घटना के बाद एसपी तेजस्वनी गौतम राजगढ़ पहुंची. सुसाइड नोट मिला जिसमें विश्नाई ने किसी को जिम्मेदार तो नहीं ठहराया पर अपने इस कृत्य के लिए पिता से माफी मांगी. IG जोस मोहन ने भी इसकी पुष्टि की. वहीं घटना के बाद नेताओं के अलावा जनता और व्यापारी भी घटना की जांच की मांग कर रहे हैं. थाने के बाहर नारे लग रहे थे कि इंसान नहीं भगवान था. घटना के बाद सियासत भी गरमा गई. पूर्व विधायक मनोज न्यांगली धरने पर बैठ गए. सांसद राहुल कस्वा दिल्ली से रवाना हो गए तो प्रतिपक्ष उप नेता राजेन्द्र राठौड़ भी. नोखा के विधायक बिहारी विश्नोई भी CBIजांच की मांग कर रहे हैं. राजगढ़ विधायक कृष्णा पूनिया कुछ दवाब में दिखी लेकिन जांच की मांग की है. 

चैट में राजनीतिक दबाव की बात की:
इधर एडवोकेट गोवर्धन सिंह ने 1 दिन पहले हुई चैट सार्वजनिक करते हुए कहा कि एक ईमानदार ऑफिसर ने दबाव में ये कदम उठाया. चैट में राजनीतिक दबाव की बात कहते हुए आवश्यक सेवानिवृत्ति की बात कही गई थी. हालांकि सूत्र बताते है कि एक दिन पहले हुए बस ऑपरेटर  मर्डर की घटना में 2 लोग घायल भी हुए थे इस घटना को  लेकर भी विष्णु विश्नोई परेशान थे.

COVID-19: पूरे विश्व में अब तक 54 लाख 04 हजार 586 कोरोना पॉजिटिव केस, अब तक 3 लाख से ज्यादा लोगों की हो चुकी है मौत

सादुलपुर SHO विष्णुदत्त आत्महत्या प्रकरण, CBI जांच की मांग पर अड़े उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ और सांसद राहुल कस्वां

सादुलपुर SHO विष्णुदत्त आत्महत्या प्रकरण, CBI जांच की मांग पर अड़े उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ और सांसद राहुल कस्वां

चूरू: चूरू के राजगढ़ में विष्णु दत्त विश्नोई द्वारा आत्महत्या मामले को लेकर धरना जारी है. उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ थाने के आगे पहुंचे. सांसद राहुल कस्वां भी दिल्ली से धरना स्थल पहुंच गए है. भाजपा जिलाध्यक्ष पंकज गुप्ता भी मौजूद हैं. सभी इस मामले पर CBI  जांच की मांग कर रहे है. उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने चूरू जिले के राजगढ़ थानाधिकारी विष्णुदत्त बिश्नोई की आत्महत्या पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए सरकार से उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है. राठौड़ ने इस संबंध में DGP भूपेन्द्र यादव व ACS होम राजीव स्वरूप से बात कर विष्णुदत्त को न्याय दिलाने के लिए उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले राजनीतिज्ञ व पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की. राठौड़ ने कहा कि बिगड़ी सरकारी व्यवस्था व स्थानीय राजनीतिज्ञों के अपराधियों के पक्ष में बेजा दबाव से प्रताड़ित होकर एक जांबाज पुलिस अधिकारी की आत्महत्या मौजूदा पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली पर करारा तमाचा है.

Exclusive: सादुलपुर सीआई आत्महत्या पर सस्पेंस!... WhatsApp चैट पर बड़ा खुलासा

स्थानांतरण किए जाने पर राजनीतिक दबाव:
राठौड़ ने कहा कि एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी के रूप में जनमानस में बेहद लोकप्रिय छवि के पुलिस अधिकारी विष्णुदत्त का स्थानांतरण किए जाने पर राजनीतिक दबाव पिछले दो माह से पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ था. अपराधियों से गठजोड़ और कमजोर प्रशानसिक क्षमता वाले अधिकारियों के कारण दो दिन पूर्व ही विष्णुदत्त के मातहत काम करने वाले चार कांस्टेबल को लाइन हाजिर करने व विगत एक माह में 7 कांस्टेबल व हैड कांस्टेबल को अपराधियों के विरुद्ध कार्यवाही करने पर अकारण हटाये जाने से विष्णुदत्त काफी व्यतीत थे जिसकी चर्चा आम थी तथा कल उनके द्वारा किए गए वाट्सएप चैट के प्रमाणित दस्तावेज इसकी पुष्टि भी करते हैं जो संलग्न भी है.

विष्णुदत्त के परिजनों को एक करोड़ मुआवजा देने की मांग:
प्रदेश में अपराधियों को खुला राजनीतिक संरक्षण प्राप्त हो रहा है. अपराधों का ग्रााफ लगातार बढ़ रहा है और कोई भी ईमानदार पुलिस अधिकारी फील्ड पोस्टिंग से बचना चाहते हैं. दर्जनों व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संगठनों ने विभिन्न स्तर पर ज्ञापन देकर उन्हें स्थानांतरित नहीं किए जाने की मांग इस बात को प्रमाणित करती है कि वो अत्यन्त जनप्रिय व निष्पक्ष पुलिस अधिकारी थे. पुलिस बेड़े में इस प्रकार की घटना से विभाग में कार्यरत पुलिस कांस्टेबल व अधिकारी भी व्यथित है. राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार तुरंत विष्णुदत्त की आत्महत्या के कारक बने राजनीतिज्ञ, पुलिस अधिकारी का चेहरा बेनकाब करने के लिए न्यायिक जांच करवाये और विष्णुदत्त के परिजनों को एक करोड़ मुआवजा और आश्रितों को नियुक्ति दें. 

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चूरू: जिले के राजगढ़ से आज बेहद स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आई. राजगढ़ थानाधिकारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. जिसने भी खबर सुनी वो भौचक्का रह गया. आखिर विष्णु दत्त की गिनती राजस्थान के बेहद काबिल, ईमानदार, स्ट्रिक्ट और अपराधियों को ना बख्शने वाले शख्स के रूप में होती थी. घटना के बाद सवाल उठ रहे है कि आखिर क्यों किया होगा एक बहादूर पुलिस ऑफिसर ने ऐसा....

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1997 बैच का जबांज थानेदार जिस भी थाने में रहा अपने वर्किंग स्टाइल की छाप छोड़ी. जनता में लोकप्रिय थानेदार तो सटोरियों और अपराधियों में विष्णु के नाम का ही भय था. आज सुबह करीब 11 बजे विष्णु दत्त विश्नोई ने अपने सरकारी मकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. first India पर ब्रेकिंग होने के साथ ही खबर आग की तरह फैली हर कोई स्तब्ध दुःखी था. घटना के बाद एसपी तेजस्वनी गौतम राजगढ़ पहुंची. सुसाइड नोट मिला जिसमें विश्नाई ने किसी को जिम्मेदार तो नहीं ठहराया पर अपने इस कृत्य के लिए पिता से माफी मांगी. IG जोस मोहन ने भी इसकी पुष्टि की. वहीं घटना के बाद नेताओं के अलावा जनता और व्यापारी भी घटना की जांच की मांग कर रहे हैं. थाने के बाहर नारे लग रहे थे कि इंसान नहीं भगवान था. घटना के बाद सियासत भी गरमा गई. पूर्व विधायक मनोज न्यांगली धरने पर बैठ गए. सांसद राहुल कस्वा दिल्ली से रवाना हो गए तो प्रतिपक्ष उप नेता राजेन्द्र राठौड़ भी. नोखा के विधायक बिहारी विश्नोई भी CBIजांच की मांग कर रहे हैं. राजगढ़ विधायक कृष्णा पूनिया कुछ दवाब में दिखी लेकिन जांच की मांग की है. 

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मनोज न्यांगली के अलावा पूर्व सांसद रामसिंह भी धरना स्थल पर:
हालांकि मनोज न्यांगली के अलावा पूर्व सांसद रामसिंह भी धरना स्थल पर पहुंच गए है.
IG जोसमोहन के पहुंचने के बाद परिजनों से बताचीत भी हुई है. लेकिन अभी भी अहम सवाल मुह बाये खड़ा है कि आखिर क्यों एक निष्ठावान और ऑनेस्ट ऑफिसर को ये रास्ता चुनने को मजबूर होना पड़ा.

...चूरू से संवाददाता लक्ष्मण राघव की रिपोर्ट
 

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