..और इस तरह एक जूस वाला बन गया गुलशन कुमार

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/05/05 01:04

नई दिल्ली। भारत के लगभग सभी मंदिरों में बजने वाले गीतों के पीछे एक आवाज़ एसी है, जो भक्तों को श्रध्दा से भावविभोर कर देती है। ये आवाज़ है गुलशन कुमार की, जिनकी हत्या तो अंडरवर्ल्ड ने कर दी लेकिन उन्हें लोगों के दिलों से उन्हें नहीं निकाल सकी।

गौरतलब है गुलशन कुमार का जन्म आज ही के दिन साल 1951 को हुआ था और उनका पूरा नाम गुलशन कुमार दुआ था। संगीत जगत में तहलका मचाने वाले इस कलाकार के बारे में वैसे ये बात बहुत ही कम लोगों को पता है कि वो दिल्ली की दरियागंज मार्केट में जूस की दुकान चलाते थे और म्यूजिक वर्ल्ड में आने से पूर्व दिल्ली में ही कैसेट्स की दुकान संभालते थे।

कुछ लोगों का मानाना है कि संगीत के जादूगर कहलाने वाले कुमार कभी मुंबई नहीं आना चाहते थे, लेकिन सुपर कैसट इंडस्ट्री नाम से ऑडियो कैसट्स ऑपरेशन खोलने के बाद उन्होंने नोएडा में खुद की म्यूजिक प्रोडेक्शन कंपनी खोली और बाद में मुंबई शिफ्ट हो गए। बाद में कुमार ने टी सीरीज कैसेट के जरिये संगीत में जो धमाल मचाया उसने अच्छे-अच्छे संगीतकारों को हैरान कर दिया। 

ये देश का दुर्भागय है देश को इतना कुछ देने वाले गुलशन कुमार की हत्या 12 अगस्त, 1997 को मुंबई में एक मंदिर के बाहर गोली मारकर अंडरवर्ल्ड द्वारा कर दी गई और कानून बस लाचार सा रह गया। 

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