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आखिरकार 9 दिनों के बाद गुर्जर आंदोलन खत्म, ये हैं मसौदे की महत्वपूर्ण बातें

आखिरकार 9 दिनों के बाद गुर्जर आंदोलन खत्म, ये हैं मसौदे की महत्वपूर्ण बातें

मलारना डूंगर (सवाईमाधोपुर)। राजस्थान में आरक्षण की मांग को लेकर पिछले नौ दिनों से जारी गुर्जर आंदोलन आज आखिरकार समाप्त हो गया है। आंदोलन की अगुवाई कर रहे कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने आंदोलन समाप्ति का औपचारिक ऐलान कर दिया है। गुर्जरों की ओर की आरक्षण की मांग को लेकर विधानसभा में आरक्षण विधेयक पारित कराए जाने के बाद गुर्जरों को आखिरकार संतुष्ट किया गया है, जिसमें उन्हें कहा गया है कि आरक्षण की राह में यदि किसी तरह की कोई दिक्कत आती है तो सरकार इसमें उनका साथ देगी।

राज्य की गहलोत सरकार की ओर से मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने गुर्जरों को आज ​आखिरकार आंदोलन समाप्त करने के लिए मना लिया है, जिसके बाद अब किरोड़ी बैंसला ने आंदोलन समाप्त करने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। बैंसला ने आरक्षण को लेकर तैयार किए गए सरकार के छह बिंदुओं वाले मसौदे पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस दौरान बैंसला ने विश्वेन्द्र सिंह को प्रदेश का तीसरा मुख्यमंत्री बताया, और प्रदेशवासियों को हुई असुविधआ के लिए माफी मांगी है। इसके साथ ही मंत्री विश्वेन्द्र सिंह और किरोड़ी बैंसला ने पुलवामा हमले में शहीद होने वाले वीर जवानों को नमन करते हुए संवेदना भी जताई।

आरक्षण की मांग के साथ ही विभिन्न मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे गुर्जरों की मांगों में से सरकार ने मसौदे में से छह बिन्दुओं पर सहमति जता दी है, वहीं कुछेक मांगों को लेकर जल्द ही उन्हें पूरा करने का भी आश्वासन दिया है। सरकार ओर से कहा गया कि गुर्जर आंदोलन के चलते देशहित में फैसला लिया गया है, वहीं 1—2 मांगों को भी जल्द ही पूरा किए जाने का आश्वासन दिया गया है। इस पर बैंसला ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मुझे व्यक्तिगत आश्वासन दिया है और मुझे भरोसा है कि वे हमारी बाकी मांगों को भी जल्द पूरा करेंगे। आंदोलन समाप्त करने की घोषणा करते हुए किरोड़ी बैंसला ने कहा कि गुर्जर आरक्षण आंदोलन के कारण प्रदेशवारियों को हुए परेशानी के लिए हम सभी से माफी मांगते हैं।

ये हैं मसौदे की महत्वपूर्ण बातें :
— 5 प्रतिशत आरक्षण को निरंतर बनाए रखने की जिम्मेदारी सरकार की।
— एक निश्चित समय में बैकलॉग से भरे जाएंगे पद।
— 2006 से 2019 तक के मुकदमे लिए जाएंगे वापस।
— समझौतों के शेष रहे बिन्दुओं को पूरा करने के लिए नोडल अधिकारी लगाएंगे।
— 1-2 बिंदु रह गए उनकी बाद में चर्चा की जाएगी।

आरक्षण की राह में कानूनी पेंच :
दरअसल, गुर्जरों के आरक्षण मामले में एक कानूनी पेंच भी है। पूर्व में राज्य सरकार ने गुर्जर सहित पांच जातियों को एसबीसी में 5 फीसदी आरक्षण दिया, लेकिन राजस्थान हाईकोर्ट ने उस पर रोक लगा दी क्योंकि ऐसा करने से प्रदेश में कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक हो गया। नियमों के अनुसार, 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण नहीं दिया जा सकता है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश के कहा कि विशेष पिछड़ा वर्ग (गुर्जर, गाड़िया लुहार, बंजारा और रेबारी) को चार प्रतिशत आरक्षण देने के लिए इन जातियों का छह महीने में सर्वे कराया जाएगा। इन जातियों को मौजूदा समय में मिल रहा एक प्रतिशत आरक्षण जारी रहेगा।

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42 घंटे के बाद मिला बनास नदी में बहे युवक का शव

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मलारना डूंगर(सवाई माधोपुर): मलारना डूंगर थाना क्षेत्र के भूरी पहाड़ी बनास नदी की रपट पर रविवार शाम पानी के तेज बहाव में बहे बाइक सवार युवक का आज तीसरे दिन 42 घंटे के बाद बनास नदी में शव मिला. कल शाम अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा. आज सुबह पुलिस और प्रशासन ने एक बार फिर एसडीआरएफ की टीम और स्थानीय गोताखोरों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन जारी किया. जहां एसडीआरएफ की टीम को झाड़ियों में फंसे युवक का शव  मिला. कड़ी मशक्कत के बाद बनास में बहे मृतक के शव को एसडीआरएफ की टीम ने निकाला.

बाइक लोकेशन के आधार पर किया रेस्क्यू ऑपरेशन: 
पुलिस ने मृतक बनी सिंह निवासी जोडली थाना सपोटरा का पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया. गौरतलब है कि रविवार शाम 4 बजे बनास नदी में बाइक सहित बहे युवक की बाइक कल बनास नदी में रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मिली. बाइक लोकेशन के आधार पर एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू किया जिस पर आज एसडीआरएफ की टीम को सफलता मिली. उधर घटनास्थल करौली और सवाई माधोपुर जिले की सीमा पर होने से मलारना डूंगर पुलिस के साथ खंडार एसडीएम, सपोटरा पुलिस और केलादेवी ग्रामीण पुलिस उप अधीक्षक मौके पर रहे. 

बनास नदी में बहे बाइक सवार युवक का दूसरे दिन भी नहीं लगा कोई सुराग

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मलारना डूंगर(सवाई माधोपुर): मलारना डूंगर थाना क्षेत्र के भूरी पहाड़ी बनास नदी की रपट पर रविवार शाम पानी के तेज बहाव में बहे बाइक सवार युवक का आज दूसरे दिन भी कोई सुराग नहीं लगा. रविवार शाम पुलिस ने ग्रामीणों की सहायता से युवक को ढूंढने का प्रयास किया. मगर सफलता नहीं मिली. पुलिस ने आज सुबह एक बार फिर एसडीआरएफ की टीम के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन जारी किया. मगर दोपहर तक युवक का कोई पता नहीं लगा. हालांकि मोटरसाइकिल बनास नदी में मिल गई.

बाइक सवार सवाई माधोपर से जा रहा था अपने गांव: 
उधर सपोटरा पुलिस के साथ केलादेवी ग्रामीण पुलिस उपाधीक्षक व मलारना स्टेशन पुलिस सहित खंडार एसडीएम गिरदावर और पटवारी मौके पर एसडीआरएफ की टीम और ग्रामीण गोताखोरों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन कर युवक को ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं. गौरतलब है कि रविवार शाम बनी सिंह मीणा सवाई माधोपुर से बाइक पर सवार होकर अपने गांव जोड़ली जा रहा था. अचानक भूरी पहाड़ी बनास नदी की रपट पर पानी के तेज बहाव में बनी सिंह बाइक सहित बनास नदी में बह गया. 

अवैध बजरी परिवहन पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एक दर्जन ट्रैक्टर ट्रॉली जब्त

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सवाई माधोपुर: मलारना डूंगर थाना पुलिस ने ग्रामीणों की सूचना पर बड़ागांव कहार में अवैध बजरी परिवहन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक दर्जन बजरी से ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉलियों को जब्त किया है. उधर पुलिस कार्रवाई को देख बजरी माफियाओं में हड़कंप मच गया. दर्जनों ट्रैक्टर ट्रॉली मौका देख कर फरार हो गए. कार्रवाई के दौरान बजरी माफियाओं की दबंगाई भी सामने आई. जब्त ट्रैक्टर ट्रॉली को पुलिस से छुड़ाकर फरार हो गए. हालांकि मौके पर परिवहन के दस्ते ने ट्रैक्टर ट्रॉली का काफी दूर तक पीछा किया. मगर चालक ट्रैक्टर लेकर फरार हो गया.

महिलाओं ने भी किया पुलिस का विरोध: 
कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाओं ने भी पुलिस का विरोध किया. मामले की नजाकत को देखते हुए सवाई माधोपुर से ग्रामीण पुलिस उपाधीक्षक राजवीर सिंह, एसडीएम मनोज वर्मा, तहसीलदार धनराज मीणा, माइनिंग विभाग पुलिस परिवहन और आरएसी का जब्ता बुलाया गया. 5 घंटे तक चली सभी विभागों की संयुक्त कार्रवाई में एक दर्जन वाहनों को 38 पुलिस एक्ट में जब्त किया गया.

किरोड़ी सिंह बैंसला ने गुर्जर आरक्षण पर एक बार फिर दिखाए तीखे तेवर

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सवाई माधोपुर। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने एक बार फिर सरकार पर आरक्षण समझौते पर वादा खिलाफी कर अमल नहीं करने का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ तीखे तेवर दिखाएं है। कर्नल बैंसला ने यह बात मलारना डूंगर स्टेशन पहुंचने पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहीं। बैंसला ने कहा मलारना आंदोलन स्थल पर हुए समझौते पर सरकार अमल नहीं कर रही है। 

उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि 15 दिन में समझौते के अनुसार सरकार कार्रवाई करे अन्यथा गुर्जर समाज चुप नहीं बैठेगा। कर्नल बैंसला ने गुर्जर समाज के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मलारना आरक्षण आंदोलन के बाद 13 फरवरी को लागू किए गए अति पिछड़ा वर्ग के 5 फीसद आरक्षण के तहत प्रक्रियाधीन भर्तियों में गुर्जर, रेवारी, बंजारा, गाड़िया लोहार, आदि जातियों के अभ्यार्थियों को आरक्षण नहीं दिया जा रहा। गुर्जर आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेना भी समझौते में शुमार किया गया, लेकिन सरकार ने इस पर सकारात्मक अमल नहीं किया। 

गुर्जर समाज की मांगों पर विचार करें अन्यथा फिर होगा आंदोलन
बैंसला ने साफ कहा सरकार 15 दिन में गुर्जर समाज की मांगों पर विचार करें अन्यथा गुर्जर समाज एक बार फिर आंदोलन की राह पर होगा। इस दौरान बैंसला के साथ उनके पुत्र विजय बैंसला, भूरा भगत, जगदीश मलारना सहित अन्य गुर्जर नेता मौजूद रहे।

प्रेमी के साथ विवाहिता के संदिग्ध अवस्था में मिलने पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

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सवाई माधोपुर। जिले के मलारना डूंगर थाना क्षेत्र के बसों खुर्द गांव में प्रेमी के साथ एक विवाहिता के संदिग्ध अवस्था में मिलने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रेमी जोड़े को रस्सी से हाथ बांधकर खंभे के बांध दिया और मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। आक्रोशित भीड़ ने प्रेमी जोड़े की जमकर पिटाई की। सूचना के बाद मलारना डूंगर थाना अधिकारी भरत सिंह मय पुलिस जाब्ते के मौके पर पहुंचे। 

प्रेमी जोड़े को रस्सी से खोलकर मलारना डूंगर राजकीय अस्पताल पहुंचाया जहां दोनों का मेडिकल परीक्षण कराया गया। बताया जा रहा है कि विवाहिता का पति सरकारी नौकरी के चलते गांव से बाहर रहता है। उधर घटना के कुछ देर बाद ही सोशल मीडिया पर प्रेमी जोड़े के साथ रस्सी से बांधकर मारपीट के वीडियो वायरल होने से क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। उधर पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुट गई।

खुल कर सामने आ रही बजरी माफियाओं की दंबगई

खुल कर सामने आ रही बजरी माफियाओं की दंबगई

मलारना डूंगर(सवाईमाधोपुर)। मलारना डूंगर थाना क्षेत्र में बजरी माफियाओं की दबंगई खुलकर सामने आ रही है । बजरी माफियाओं का दुस्साहस इतना बढ़ गया कि अब खाकी के खौफ को भी उठाकर ताक में रख दिया है। दरअसल पूरा मामला थाना क्षेत्र के लालसोट कोटा मेगा हाईवे का है जहां बजरी से भरी आधा दर्जन से अधिक ट्रैक्टर ट्रॉलियां भाडौती पुलिस चौकी के सामने से गुजर रही थी पुलिस ने इनको रुकवाने के लिए पांच किलोमीटर तक जीप से पीछा किया और तारनपुर गांव के पास सड़क पर नाकाबंदी की। 

इस दौरान सर्कल की टीम भी इन वाहनों का पीछा करती हुई तारनपुर पहुंची है। बजरी माफियाओं का दुस्साहस सिर चढ़कर बोल रहा है। पुलिस ने ट्रैक्टर ट्रॉलियों को रुकवाने का प्रयास किया मगर ट्रैक्टर चालक पुलिसकर्मियों पर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास कर पुलिस से बचकर फरार हो गए।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले बजरी माफियाओं ने पुलिस कांस्टेबल को टक्कर मार कुचलने का प्रयास किया था जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने बनास के आसपास मुख्य मार्गों पर चेक पोस्ट स्थापित कर पुलिस के साथ आरएसी के जवानों का जाब्ता तैनात किया मगर फिर भी बजरी माफिया बनास से अवैध खनन कर बजरी का परिवहन कर रहे हैं। पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय पुलिस अधिकारियों से बात करने की कोशिश की कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।

VIDEO : गुर्जर आरक्षण आंदोलन को लेकर मसौदे की इन महत्वपूर्ण बातों पर बनी सहमति

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मलारना डूंगर (सवाईमाधोपुर)। राज्य की गहलोत सरकार की ओर से मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने गुर्जरों को आज ​आखिरकार आंदोलन समाप्त करने के लिए मना लिया है, जिसके बाद अब किरोड़ी बैंसला ने आंदोलन समाप्त करने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। बैंसला ने आरक्षण को लेकर तैयार किए गए सरकार के छह बिंदुओं वाले मसौदे पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस दौरान बैंसला ने विश्वेन्द्र सिंह को प्रदेश का तीसरा मुख्यमंत्री बताया, और प्रदेशवासियों को हुई असुविधआ के लिए माफी मांगी है। इसके साथ ही मंत्री विश्वेन्द्र सिंह और किरोड़ी बैंसला ने पुलवामा हमले में शहीद होने वाले वीर जवानों को नमन करते हुए संवेदना भी जताई।

आरक्षण की मांग के साथ ही विभिन्न मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे गुर्जरों की मांगों में से सरकार ने मसौदे में से छह बिन्दुओं पर सहमति जता दी है, वहीं कुछेक मांगों को लेकर जल्द ही उन्हें पूरा करने का भी आश्वासन दिया है। सरकार ओर से कहा गया कि गुर्जर आंदोलन के चलते देशहित में फैसला लिया गया है, वहीं 1—2 मांगों को भी जल्द ही पूरा किए जाने का आश्वासन दिया गया है। इस पर बैंसला ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मुझे व्यक्तिगत आश्वासन दिया है और मुझे भरोसा है कि वे हमारी बाकी मांगों को भी जल्द पूरा करेंगे। आंदोलन समाप्त करने की घोषणा करते हुए किरोड़ी बैंसला ने कहा कि गुर्जर आरक्षण आंदोलन के कारण प्रदेशवारियों को हुए परेशानी के लिए हम सभी से माफी मांगते हैं।

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— 5 प्रतिशत आरक्षण को निरंतर बनाए रखने की जिम्मेदारी सरकार की।
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— समझौतों के शेष रहे बिन्दुओं को पूरा करने के लिए नोडल अधिकारी लगाएंगे।
— 1-2 बिंदु रह गए उनकी बाद में चर्चा की जाएगी।

बनते-बनते फिर अटक गई बात, नहीं बनी आंदोलन समाप्ति पर सहमति

बनते-बनते फिर अटक गई बात, नहीं बनी आंदोलन समाप्ति पर सहमति

मलारना डूंगर (सवाईमाधोपुर)। पिछले आठ दिनों से चला आ रहा गुर्जर आरक्षण आंदोलन आज भी खत्म नहीं हो पाया है। इससे पूर्व उम्मीद की जा रही थी कि शाम तक आंदोलन समाप्ति को लेकर सहमति बन सकती है और आंदोलन के अगुवा कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला आंदोलन समाप्त किए जाने की घोषणा कर सकते हैं। लेकिन अब एक बार फिर से बैंसला ने आंदोलन समाप्त करने को लेकर अपनी सहमति जाहिर नहीं की है।

राजस्थान में 5 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर पिछले 8 दिनों से जारी गुर्जर आंदोलन आज भी खत्म नहीं हो सका है। बता दें कि इससे पहले गुर्जर आंदोलन समाप्ति का काउंटडाउन शुरू हो गया था, क्योंकि मंत्री विश्वेंद्र सिंह के पास मुख्य सचिव डीबी गुप्ता का मैसेज आया था। इस मैसेज में लिखा था कि आधा घंटे में पत्र भेज देंगे, CM गहलोत से एप्रूवल करवा रहे हैं। इसके बाद शाम को सरकार के पत्र का इंतजार खत्म हुआ और सरकार के पत्र का प्रिंट निकाला गया, जिसे लेकर चर्चा की गई।

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