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मुंबई आंतकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को टेरर फंडिंग केस में 5 साल की सजा

मुंबई आंतकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को टेरर फंडिंग केस में 5 साल की सजा

नई दिल्ली: मुंबई आंतकी हमलों का मास्टरमाइंड और जमात उद दावा (जेयूडी) प्रमुख हाफिज सईद को टेरर फंडिंग केस में 5 साल कैद की सजा सुनाई गई है. न्यूज एजेंसी ANI और भाषा ने पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से यह खबर दी है. 

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आतंकवादी फंडिंग से जुड़े दो मामलों फैसला रखा था सुरक्षित:
पिछले हफ्ते लाहौर की आतंकवाद रोधी अदालत (एटीसी) ने प्रतिबंधित जमात-उद-दावा (जेयूडी) के सरगना व 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ आतंकवादी फंडिंग से जुड़े दो मामलों में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. ये मामले आतंकवाद रोधी विभाग (सीटीडी) की लाहौर और गुजरांवाला शाखाओं की ओर से दाखिल किए गए हैं.

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हाफिज सईद पर पाकिस्तान में 23 आतंकी मामले दर्ज:
हाफिज सईद पर पाकिस्तान में 23 आतंकी मामले दर्ज हैं. भारत द्वारा उसके खिलाफ आतंकी मामलों की डोजियर के बावजूद, उसे पाकिस्तान में खुलेआम घूमने और भारत विरोधी रैलियों को प्रभावशाली तरीके से संबोधित करने की अनुमति दी गई थी.

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जयपुर: राजस्थान में सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों से चिंतित मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत कमी लाने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में गहलोत ने कहा की जिस तरह से पायलट कड़ी ट्रेनिंग और गाइडलाइन को फॉलो करते हैं प्रदेश में भी इसी तरह के नियम कायदों की पालना होनी चाहिए. भीलवाड़ा डेयरी संघ ने अभिनव पहल करते हुए प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के मकसद से 15000 पशुपालकों को हेलमेट वितरित किये है.

वीसी के जरिए हुआ कार्यक्रम का उद्घाटन:
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए CMR से इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया. मुख्यमंत्री आवास पर भीलवाड़ा से आए दो पशुपालकों को हेलमेट भी दिए गए. इस मौके पर CM  गहलोत ने पहल की सराहना करते हुए कहा कि जैसे दो पशुपालकों को अच्छी क्वालिटी के हेलमेट दिए गए हैं बाकी हेलमेट भी उसी क्वालिटी के होने चाहिए. इस पर डेयरी संघ के अध्यक्ष रामलाल जाट ने आश्वस्त किया कि सभी पशुपालकों को अच्छी क्वालिटी के ही हेलमेट वितरित किए जा रहे हैं.

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रोड सेफ्टी पाठ्यक्रम में भी करवाया जाएगा शामिल:
रॉड शेफटी पर बल देते हुए गहलोत ने कहा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जुर्माना राशि में बढ़ोतरी के साथ साहस का काम किया है. हालांकि जुर्माना राशि अधिक होने की वजह से प्रदेश में इसमें संशोधन किया गया है लेकिन इस संशोधन की पालना पुलिस विभाग को सख्ती से करवानी होगी. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये है कि रॉड सेफ्टी के बारे में पाठ्यक्रम में भी उल्लेख होना चाहिए. सीएम ने कहा पहले राजस्थान की सड़कों की हालत अच्छी नहीं थी लेकिन अब पड़ोसी राज्यों के मुकाबले राजस्थान की सड़कें बेहतर हो गई हैं. मुख्यमंत्री ने कहा जिस तरह से कोरोना के समय भीलवाड़ा मॉडल की तारीफ देशभर में हुई है उसी तरह से भीलवाड़ा के इस प्रयोग वह भी अन्य जिलों में नागरिक फॉलो करेंगे. 

जल्द जयपुर में एक बड़े सम्मेलन का होगा आयोजन:
कार्यक्रम में परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहां कि प्रदेश में सड़क दुर्घटना में जागरूकता के लिए जल्दी जयपुर में एक बड़े सम्मेलन का आयोजन करवाया जाएगा. गोपाल मंत्री प्रमोद भाया जैन ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व और भीलवाड़ा डेयरी संघ के प्रयासों की सराहना की. वहीं कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा यह कार्यक्रम अनुकरणीय है ऐसे कार्यक्रम और अधिक होने चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों और पशुपालकों के कई अहम घोषणा कर चुकी है और भविष्य में भी इनके हित को देखते हुए ही फैसले किये जायेंगे. 

प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा सर्वोपरि:
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के लिए प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा सर्वोपरि है. इसलिए सड़क सुरक्षा नियमों की पालना सुनिश्चित करवाने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से वाहन चालन से जुड़े अपराधों के प्रति कड़ा रूख अपनाया जा रहा है. उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय सड़क सुरक्षा संबंधी सभी नियमों की आवश्यक रूप से पालना करें. यह उनके जीवन की रक्षा के लिए बेहद जरूरी है. 

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नई दिल्ली: यूपी के कानपुर में 8 पुलिसवालों की हत्या करने वाला आरोपी विकास दुबे पकड़ा गया है. विकास दुबे को मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार किया गया है, ऐसे में  इसे मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी कामयाबी कहा जा रहा है. विकास दुबे को गिरफ्तारी करने पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उज्जैन पुलिस को बधाई दी.

शिवराज ने दी उज्जैन पुलिस को बधाई:
शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया कि जिनको लगता है कि महाकाल की शरण में जाने से उनके पाप धुल जाएंगे, उन्होंने महाकाल को जाना ही नहीं. हमारी सरकार किसी भी अपराधी को बख्श्ने वाली नहीं है. विकास दुबे की गिरफ़्तारी के लिए उज्जैन पुलिस को बधाई.

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यूपी पुलिस को सौंपा जाएगा विकास दुब: 
इस ट्वीट के अलावा शिवराज सिंह चौहान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी फोन पर बात की. शिवराज के द्वारा गिरफ्तारी की जानकारी दी गई.आपको बता दें कि अब विकास दुबे को मध्यप्रदेश पुलिस यूपी पुलिस को सौंपेंगी. इसकी प्रक्रिया पूरी की जाएगी. क्योंकि ये एक कानूनी प्रक्रिया है, ऐसे में अब मध्य प्रदेश की पुलिस उत्तर प्रदेश पुलिस को सौंपेगी. 

पुलिसवालों की हत्या की गई थी, जिसके बाद से था फरार:
उल्लेखनीय है कि कानपुर में 8 पुलिसवालों की हत्या की गई थी. जिसके बाद से ही विकास दुबे की तलाश की जा रही थी. वो लगातार कानपुर से फरीदाबाद, नोएडा की ओर भाग रहा था. लेकिन अब उज्जैन में पकड़ा गया है. हत्यारे विकास दुबे की गिरफ्तारी कानपुर मुठभेड के 7 दिन के बाद हुई है.

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Coronavirus Updates: पहली बार पिछले 24 घंटे में मिले करीब 25 हजार नए मामले, देश में अब 7.67 लाख केस

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नई दिल्ली: दुनियाभर के साथ भारत में भी कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा अपडेट के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 24,879 नए मामले सामने आए हैं और 487 लोगों की मौत हुई है. ऐसे में देश में अब तक कोरोना के 7 लाख 67 हजार 296 केस हो चुके हैं. जिनमें से 2,69,789 सक्रिय मामले हैं, 4,76,378 लोग ठीक हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और अब तक 21,129 लोगों की मौत हो चुकी है. 

मध्यप्रदेश: उज्जैन से गैंगस्टर विकास दुबे गिरफ्तार 

1,07,40,832 नमूनों का परीक्षण किया गया: 
आईसीएमआर की ओर से जारी आंकड़े के मुताबिक, देशभर में 8 जुलाई तक कोरोना के लिए कुल 1,07,40,832 नमूनों का परीक्षण किया गया. इनमें से 2,67,061 नमूनों का परीक्षण पिछले 24 घंटे में किया गया. देश में सबसे ज्यादा एक्टिव केस महाराष्ट्र में हैं. इसके बाद दूसरे नंबर पर तमिलनाडु, तीसरे नंबर पर दिल्ली, चौथे नंबर पर गुजरात और पांचवे नंबर पर पश्चिम बंगाल है. इन पांच राज्यों में सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं.

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दुनिया में तीसरा सबसे प्रभावित देश:
कोरोना संक्रमितों की संख्या के हिसाब से भारत अमेरिका, ब्राजील के बाद कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित भारत है. लेकिन अगर प्रति 10 लाख आबादी पर संक्रमित मामलों और मृत्युदर की बात करें तो अन्य देशों की तुलना में भारत की स्थिति बहुत बेहतर है. देश में कोरोना मामले बढ़ने की रफ्तार भी दुनिया में तीसरे नंबर पर बनी हुई है.


 

मध्यप्रदेश: उज्जैन से गैंगस्टर विकास दुबे गिरफ्तार

मध्यप्रदेश: उज्जैन से गैंगस्टर विकास दुबे गिरफ्तार

उज्जैन: मध्यप्रदेश के महाकाल मंदिर से उत्तरप्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. ऐसा माना जा रहा है कि विकास दुबे ने महाकाल मंदिर के बाहर समर्पण किया है. महाकाल मंदिर की सुरक्षा कंपनी उसे संदिग्ध मानकर गिरफ्तार किया है. यूपी पुलिस ने गैंगस्टर की गिरफ्तारी की खबरों को सही बताया है. 

चिल्ला-चिल्ला कर खुद को विकास दुबे बताया: 
सूत्रों से मिली जानाकरी के मुताबिक, मंदिर परिसर में पहुंच कर एक शख्स चिल्ला-चिल्ला कर खुद को विकास दुबे बता रहा था. इसके बाद मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षा गार्ड ने उसे पकड़कर इसकी सूचना पुलिस को दी. उसके बाद महाकाल थाना पुलिस उसे पकड़कर कंट्रोल रूप की तरफ ले गई. पुलिस कंट्रोल रूम फ्रीगंज इलाके में स्थित है. 

मौक पर मीडिया को भी बुलाया: 
बताया जा रहा है कि विकास दुबे ने मौक पर मीडिया को भी बुलाया. उसके बाद मीडिया के साथ स्थानीय पुलिस भी महाकालेश्वर मंदिर के सामने पहुंची और विकास दुबे को गिरफ्तार कर लिया. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विकास दुबे ने सरेंडर करने की सूचना स्थानीय मीडिया और पुलिस को दी थी. 
 

विकास दुबे के दो और साथियों का एनकाउंटर, कानपुर में प्रभात तो इटावा में रणबीर ढेर

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कानपुर: फरीदाबाद में विकास दुबे की मदद करने वाले अपराधी प्रभात मिश्रा और रणबीर शुक्ला को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है. इससे पहले पुलिस ने प्रभात मिश्रा को फरीदाबाद के एक होटल से गिरफ्तार किया था. बताया जा रहा है कि प्रभात मिश्रा पुलिस कस्टडी से भागने का प्रयास कर रहा था. ऐसे में प्रभात को एनकाउंटर को मार दिया. 

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रणबीर शुक्ला को मार गिराया:  
वहीं विकास दुबे के एक दूसरे करीबी रणबीर शुक्ला को मार गिराया गया है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रणबीर शुक्ला ने देर रात महेवा के पास हाईवे पर स्विफ्ट डिजायर कार को लूटा था. उसके बाद पुलिस को जैसे ही लूट की जानकारी मिली तो उसे सिविल लाइन थाने के काचुरा रोड पर घेर लिया. 

तीन साथी भागने में कामयाब रहे:
इस दौरान रणबीर शुक्ला और पुलिस के बीच फायरिंग शुरू हो गई. इस फायरिंग में पुलिस ने रणबीर शुक्ला को ढेर कर दिया. हालांकि इस दौरान उसके तीन साथी भागने में कामयाब रहे. पुलिस ने रणबीर शुक्ला पर 50 हजार का इनाम घोषित कर रखा था. वह भी कानपुर शूटआउट का एक आरोपी था. 

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प्रभात ने पुलिस का हथियार छीनकर भागने का प्रयास किया:
वहीं प्रभात मिश्रा एनकाउंटर के बारे में पुलिस के एक अधिकारी ने बताते हुए कहा कि पुलिस की टीम प्रभात को लेकर फरीदाबाद से आ रही थी. रास्ते में गाड़ी पंचर हो गई, और इस दौरान प्रभात ने पुलिस का हथियार छीनकर भागने का प्रयास किया. इसके बाद हुए एनकाउंटर में प्रभात मारा गया है. कुछ सिपाही भी घायल हुए हैं. इससे पहले पुलिस ने विकास दुबे के दाहिने हाथ अमर दुबे को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था. उस पर भी 50 हजार रुपये का इनाम था. वहीं पुलिस लगातार विकास दुबे की तलाश कर रही है. 
 

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जयपुर: केन्द्र सरकार की ओर से एक साल पहले लागू किए गए नए मोटर व्हीकल एक्ट के संसोधित जुर्मानों की अधिसूचना राज्य सरकार ने बुधवार को जारी कर दी. सरकार ने 36 जुर्मानों में संसोधन किया है. 

नई जुर्माना राशि के तहत अगर अब बिना लाइसेंस बनवाए या फिर बिना वैध लाइसेंस वाहन चलाया तो पांच हजार रुपए जुर्माना देना पड़ेगा. प्रदेश में पहले यह जुर्माना 500 रुपए था. वहीं बिना सीट बेल्ट और हेलमेट के वाहन चलाने पर एक हजार का जुर्माना भरना पड़ेगा. बुधवार शाम को ही जुर्माने लागू हो गए हैं. जुलाई 2019 में केन्द्र सरकार की ओर से नए मोटर एक्ट के प्रावधानों को लागू किया गया था. इसके बाद राजस्थान में एक्ट में भारी जुर्माना राशि बताते हुए सरकार ने रोक लिया दी थी. इसको लेकर एक साल तक केन्द्र और राज्य सरकार के बीच विवाद चलता रहा. संसोधित जुर्मानों में राज्य सरकार ने जुर्मानों में कटौती की है. हालांकि कुछ जुर्माने यथावत रखे हैं. 

प्रदेश में अब दोगुने तक हो गए जुर्माना:
राज्य सरकार की ओर से लागू किए जुर्मानों में प्रदेश के पिछले जुर्माने के मुकाबले भारी वृद्धि हुई है. मोबाइल पर बात करने के जहां 500 रुपए जुर्माना लगता था. इस पर अब एक हजार रुपए तय किया है. वहीं, तेज गति से वाहन चलाने पर जहां 400 रुपए लिए जाते थे. अब एक हजार रुपए तय किए हैं.  


 अपराध                                           राज्य के जुर्माने                    केन्द्र के जुर्माने                         कमी    

मोबाइल पर बात करने पर                    1000                              10,000                                  9000

शराब पीकर वाहन चलाने पर               10000                        10000 और 6 महा की सजा        सजा हटाई

खतरनाक ड्राइविंग करने पर पहले में  1000 दूसरे 10000             10000                                    कुछ नहीं

सामान्य अपराध :            दोपहिया :100 रुपए चारपहिया 200    500—1500                              1300  

आदेशों की अवहेलना करने पर :    500 रुपए                              2000                                            1500

खतरनाक तरीके से वाहन चलाने पर : 1000 दूसरे अपराध पर 10 हजार   5000                                4 हजार 

बिना परमिट वाहन चलाने पर :       10 हजार                         10 हजार                                     कुछ नहीं
  
ओवरलोड वाहन होने पर : 20 हजार रुपए फिर प्रतिटन दो हजार रुपए  20,000                              कुछ नहीं

वर्जित क्षेत्र में वाहन चलाने पर :  20 हजार रुपए                              20 हजार                             कुछ नहीं
 
वाहन का आकार निर्धारित से अधिक होने पर : 20 हजार रुपए
 
बिना शीट बैल्ट लगाए वाहन चलाने पर: एक हजार                           1000                                   कुछ नहीं

दोपहिया वाहन पर दो से अधिक :   एक हजार रुपए                 एक हजार और तीन माह निलंबित     निलंबन हटाया

बिना अनुमति रेसिंग करने पर :  प्रथम पांच हजार फिर 10 हजार      जुर्माना 5000                           कुछ नहीं
 
 
बिना रजिस्ट्रेशन और फिटनेस वाहन चलाने पर :दोपहिया : दो हजार फिर पांच हजार  : पांच हजार से 10 हजार :   5 हजार 

तेज गति से कार या बाइक चलाने पर : एक हजार रुपए -                    1000                                    कुछ नहीं
 
तेज गति से भारी वाहन चलाने पर : दो हजाररुपए                                2000                                 कुछ नहीं

लाइसेंस एक्सपायर और निलंबित होने पर   5000                     5000 तीन माह की सजा                  सजा हटाई

असुरक्षित वाहन चलाने पर दुपहिया-      तिपहया 500 बाकी सभी का 1000 कार्मशियल 2000 - 1500 से 5000   3000
 
यात्री वाहनों के लिए: 5 हजार और दूसरे अपराध पर 10 हजार            10 हजार                               5000

बिना हेलमेट :           एक हजार -                             एक हजार तीन माह लाइसेंस निलंबित               निलंबन हटाया
 
इमरजेंसी वाहनों को रास्ता नहीं देने पर : 10 हजार रुपए-  10 हजार और छह माह की सजा                सजा हटाई 
 
बिना बीमा वाहन चलाने पर : दो हजार दूसरे अपराध में चार हजार     दो हजार                                   कुछ नहीं

ओवरलोड यात्रीभार मिलने पर : 100 रुपए प्रति यात्री                  200 रुपए प्रति यात्री               100 रुपए यात्री कम


 

Chandra Grahan 2020: साल का तीसरा चंद्र ग्रहण खत्म, जानिए अब कब लगेगा ग्रहण 

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नई दिल्ली: साल 2020 का तीसरा चंद्र ग्रहण आज खत्म हो गया है. यह चंद्रग्रहण रविवार को भारत समयानुसार सुबह 8 बजकर 37 मिनट पर लगा था. रविवार को लगने वाला चंद्र ग्रहण उपछाया चंद्र ग्रहण था. जानकारी के मुताबिक जब पृथ्वी, सूरज और चांद के बीच तो आती है लेकिन तीनों सीधी रेखा में नहीं होते और ऐसे में पृथ्वी अपने बाहरी हिस्से से ही सूरज की रोशनी को चांद तक पहुंचने से रोक पाती है, जिसे पेनंब्र कहा जाता है. 

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भारत में नहीं दिखा चन्द्र ग्रहण:
इस कारण से वर्ष 2020 का तीसरा चंद्र ग्रहण उपछाया चंद्र ग्रहण है. हालांकि, इस बार यह चंद्र ग्रहण भारत में नजर नहीं आया. इस ग्रहण को दक्षिणी/ पश्चिमी यूरोप, अफ्रीका के अधिकतर हिस्से, उत्तरी अमेरिका के अधिकतर हिस्से, दक्षिणी अमेरिका, भारतीय महासार और अंटार्टिका में देखा गया. 

साल का तीसरा चन्द्र ग्रहण:
उल्लेखनीय है कि इस साल 6 ग्रहण लगने वाले हैं. इनमें 4 चंद्र गहण और 2 सूर्य ग्रहण है. साल का पहला चन्द्र ग्रहण जनवरी में लगा था. दूसरा 5 जून लगा था, यह भी चंद्र गहण था. इसके बाद 21 जून को सूर्य ग्रहण लगा. चौथा ग्रहण आज लगने वाला है. पांचवा ग्रहण 30 नवंबर को लगेगा,जो चंद्रग्रहण होगा. छठा ग्रहण 14 दिसंबर को लगेगा, जो सूर्यग्रहण होगा. यह भारत में नहीं दिखेगा.

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राजस्थान में जून माह में कोरोना की भयावह तस्वीर, 23 दिन में हुईं 45 फीसदी मौतें

जयपुर: राजस्थान में जून माह में कोरोना भी भयावह तस्वीर निकल कर सामने आ रही है.अब इसे लॉकडाउन खुलने का साइड इफेक्ट कहे या फिर कोरोना का स्प्रेड, लेकिन सच्चाई ये है कि राजस्थान में मौतों का ग्राफ जून माह में 45 फीसदी तक बढ़ा है.पॉजिटिव मरीजों की संख्या में भी 42 फीसदी तक बढ़ोत्तरी हुई है. राजस्थान में जून माह में कोरोना की तस्वीर पूरी तरह बदल कर रख दी है.

दो मार्च को सामने आया था कोरोना का पहला केस:
प्रदेश में दो मार्च को कोरोना का पहला केस सामने आया था.इसके बाद से लेकर 31 मई तक कोरोना मरीजों की संख्या 8831 रहीं, लेकिन जून माह के 23 दिनों में ही यह आंकड़ा बढ़कर 15 हजार को पार कर गया है.चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने खुद इसकी स्वीकारोक्ति की है.हालांकि, उनका कहना है कि गहलोत सरकार कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर गंभीर है.कोरोना की रोकथाम के लिए गांव-ढाणियों से लेकर शहरों में जागरूकता अभियान शुरू किया गया है.इस अभियान से उम्मीद है कि काफी हद तक कोरोना के मामलों पर ब्रेक लगाया जा सकेगा. 

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प्रदेश में कोरोना से मौतों का बढ़ता ग्राफ !
-राजस्थान में कोरोना की जून माह बदली तस्वीर
-दो मार्च को आया था राजस्थान में कोरोना का पहला केस
-31 मई तक राजस्थान में हुई कुल 194 मौतें
-यानी 90 दिनों में रोजाना औसतन 2 लोगों की हो रही थी मौत
-लेकिन जून के 23 दिनों में ही हो गई 162 लोगों की मौत
-यानी जून माह में रोजाना 7 लोग गंवा रहे है अपनी जान

आपकी जागरुकता, आपकी सुरक्षा !
-राजस्थान में कोरोना की जून माह बदली तस्वीर
-प्रदेश में 31 मई तक कोरोना के 8831 पॉजिटिव केस
-यानी रोजाना 98 के आसपास सामने आए पॉजिटिव केस
-लेकिन जून माह के 23 दिनों में ही 6600 केस की बढ़ोत्तरी
-यानी रोजाना तीन गुना तक बढ़ रहा कोरोना पॉजिटिव का ग्राफ 

केस का बढ़ना कम्यूनिटी स्प्रेड नहीं: 
राजस्थान के बढ़ते मामलों पर गौर करें तो कुछ जिलों में जून माह में ही सर्वाधिक केस आए है.इन जिलों में भरतपुर और धौलपुर का नाम टॉप पर है.हालांकि, चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा का कहना है कि केस का बढ़ना कम्यूनिटी स्प्रेड नहीं है.भरतपुर में सुपर स्प्रेडर से केस बढ़ रहे है.धौलपुर में ही कुछ ऐसी ही रिपोर्ट सामने आ रही है, जहां बाहर से आए लोगों के चलते कोरोना के केस एकाएक बढ़ रहे है.

बढ़ते मामलों ने उड़ाई चिकित्सा विभाग की नींद: 
कोरोना के जून माह के बढ़ते मामलों ने पूरे चिकित्सा विभाग की नींद उड़ा रखी है.हालांकि, राहत की बात ये है कि इस दरमियान जिस गति से केस बढ़ रहे है, उसी गति से मरीजों के ठीक होने का सिलसिला भी जारी है.यहीं वजह है कि अभी तक कोरोना के बढ़ते मामलों के बावजूद एक्टिव केस तीन हजार के आसपास ही चल रहे है.ऐसे में उम्मीद ये है कि प्रदेशभर में कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए चलाया जा रहा अभियान के अच्छे परिणाम निकलेंगे.क्योंकि यदि अभियान के जरिए लोगों को जागरूक करने में सरकारी तंत्र कामयाब रहा तो निश्चिततौर पर कोरोना के बढ़ते मामलों को कंट्रोल किया जा सकता है.

राज्य सभा चुनावों के बाद सियासी नियुक्तियों की सुगबुगाहट! जल्द लग सकती है  सियासी नियुक्तियों पर मुहर

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