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स्टाइलिश दिखने के लिए फॉलो करें ये टिप्स

स्टाइलिश दिखने के लिए फॉलो करें ये टिप्स

नई दिल्ली। हर दिन ऑफिस जाने से पहले होने वाली कंफ्यूजन से जूझने के लिए हम आपको कुछ टिप्स दे रहे हैं। जिन्हें फॉलो करके आप ऑफिस जाने से पहले किस तरह के कपड़े पहने वाली झंझट से छुटकारा पा लेंगे। अब समय के साथ-साथ ऑफिस वेअर की स्टाइल में बदलाव आया है। एक वक्त था कि ऑफिस वेअर का मतलब स्ट्रिक्ट टू फॉर्मल हुआ करता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। डिजाइनर्स का कहना है कि बेस्ट ऑफिस वेअर फॉर्मल और कैजुअल का मिक्स होता है। 

ऑफिस में न तो बहुत ज्यादा टाइट कपड़े पहनकर जाएं और न ही बहुत ढीले। ऐसे कपड़ें पहने जिनमें आप दिनभर कंफर्टेबल महसूस कर सकें। ऑफिस में ज्यादा तड़क भड़क वाले कपड़ें न पहनें। गर्ल्स के लिए पेंसिल स्कर्ट और लड़कों के लिए ब्राइट करलर्ड शर्ट या टी शर्ट्स के साथ डेनिम और बूट का ऑप्शन बेस्ट हो सकता है। इसके अलावा प्लेन शर्ट और ट्राउजर्स के साथ फुटवेअर के रूप में लोफर्स भी बॉयज पर सूट करेगा। 

बतादें अक्सर ऑफिस वेअर में लोग ब्लैक ऐंड वाइट और ग्रे कलर कॉम्बिनेशन, शेड्स को तरजीह देते हैं। लेकिन इसे रोज पहनेंगे तो स्टाइलिश कैसे दिखेंगे? ट्रेंड के मुताबिक अब ऑफिस वेअर में इस ट्रेडिशनल शेड के अलावा ब्लू और ग्रीम के साथ, पर्पल, यलो, पिंक भी शामिल हो रहा है। ब्लू डेनिम ऑफिस में काफी ट्रेंडी है।


 

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फेफड़े मजबूत करने के लिए खाएंगे ये चीजें तो रोगों से रहेंगे दूर

फेफड़े मजबूत करने के लिए खाएंगे ये चीजें तो रोगों से रहेंगे दूर

जयपुर: शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने वाले फेफड़ों का सही तरीके से काम करना अतिआवश्यक है. यदि फेफड़ों में कोई बीमारी है तो शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है, ऐसे में फेफड़ों का हमेशा ख्याल रखना आवश्यक है. दुनियाभर में कोरोना वायरस से मरने वालों की रिपोर्ट बताती है कि ये वायरस उनके फेफड़ों को कितनी तेजी से खराब करता है. उन्हें सांस लेने में भी तकलीफ इसी वजह से होती है. ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसी चीजें बता रहे हैं जो फेफड़ों को मजबूत करने में सहायता करेगी...

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पानी- पानी पीना फेफड़ों के लिए बहुत आवश्यक होता है. हर दिन 6 से 8 गिलास पानी पीना ही चाहिए. ये फेफड़ों को प्योरीफाई कर उन्हें रोगों से दूर रखता है.

लहसुन- भोजन करने के बाद एक कली लहसुन खाने से फेफड़े साफ होते हैं. लहसुन के सेवन से इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है. 

बीन्स- बीन्स का सेवन भी फेफड़ों के लिए बहुत जरूरी है. बीन्स में शरीर के लिए जरूरी हर तरह के न्यूट्रीशन पाए जाते हैं.

विटामिन ‘सी’-  सभी खट्टे फलों जैसे नींबू, संतरा, कीवी, अंगूर, टमाटर अनानास और स्ट्रॉबेरी आदि में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है. विटामिन ‘सी’  के सेवन से फेफड़े मजबूत होते हैं. 

तुलसी-  तुलसी के पत्तों को सुखाकर उसमें कत्था, मैन्थाल और इलायची बराबर मात्रा में पीस लें और इसमे एक चम्मच पिसी हुई चीनी मिलाकर दिन में दो बार आधा चम्मच खाने से फेफड़ों में जमा हुआ कफ कम होता है.

ब्रोकोली- एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर ब्रोकोली फेफड़ों को स्वस्थ बनाए रखने में कारगर है. 

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रात को अच्छी नींद नहीं आने पर करें ये उपाय, स्ट्रेस से मिलेगा छुटकारा

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जयपुर: अच्छी नींद लेना हमारी सेहत के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है. अगर हम रोज अच्छी नींद लेते है तो काफी तरोताजा महसूस करते हैं. इसके साथ ही कई गंभीर बीमारियों से भी दूर रह सकते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं आखिर कैसे आयुर्वेद के अनुसार अपने खान-पान में कुछ बदलाव करके आप अच्छी नींद का मजा ले सकते हैं...

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- सोने से पहले शहद का सेवन करने से उसका सकारात्मक असर पूरे शरीर पर रहता है. शहद एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल और एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है. 

- रात में सोने से पहले गुनगने दूध में चुटकी भर दालचीनी पाउडर और उतना ही इलायची पाउडर डालकर पीने से न सिर्फ दूध का स्वाद अच्छा होगा, नींद भी अच्छी आएगी.

- अगर आपको नींद नहीं आ रही तो बादाम अच्छा विकल्प साबित हो सकते हैं. इससे तेज नींद आने में मदद मिलती है और साथ ही नींद गहरी भी आती है.

- केले में भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं. कार्बोहाइड्रेट्स ट्रिप्टोफेन बनाने में मदद करता है जो दिमाग को अच्छी नींद दिलाता है. 

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जलती गर्मी में लू से बचने के लिए अपनाएं ये टिप्स

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जयपुर: गर्मी बढ़ने के साथ ही लोगों के पसीन छूटने लगे हैं. इस भयंकर गर्मी में लोगों के लिए खुद को हेल्दी बनाए रखना पहले से ज़्यादा जरूरी हो गया है. ऐसे में लोगों को लू के प्रति जागरूक होने की जरूरत है. लू का अगर समय रहते उपचार नहीं किया गया तो यह जानलेवा हो सकता है. लू लगने से सिरदर्द, थकान, चक्कर, शरीर में पानी की कमी और बुखार होने लगता है. व्यक्ति को भूख कम लगती है. इनके लक्षणों में उल्टी और बहुत अधिक पसीना भी शामिल हैं. ऐसे में आज हम आपको लू से बचने के कुछ उपाय बता रहे हैं...

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-  शरीर को पूरी तरह से ढंक कर ही घर से बाहर निकलें और अपनी आंखों को भी धूप से बचाएं. 

- ठंडी जगह से निकलकर अचानक धूप में ना जाएं.

- अधिक से अधिक पानी पिएं और पानी से भरपूर फलों का सेवन करें.

- रोज़ाना खाने में कच्चे प्याज़ का इस्तेमाल करें अगर सफ़ेद प्याज़ का इस्तेमाल करें तो और बढ़िया होगा. 

- अधिक मात्रा में तरल पदार्थ पिएं.

- इसके अलावा सौंफ के बीज भी बड़े काम के साबित हो सकते हैं क्योंकि इसमें ठंडक देने वाले गुण होते हैं.

- नींबू नमक पानी, नारियल पानी आदि के जरिए पानी की पूर्ति करें.

- कटे हुए फल व सब्जियों के सेवन से बचे.

- कच्चे आम को उबालने की अपेक्षा उसे आग में भुनें और ठंडा होने पर उसका गूदा निकालकर उसमें जीरा, धनिया, चीनी, नमक, कालीमिर्च और पानी मिलाकर घोल बना लें. लू लगे व्यक्ति को पना का सेवन उसके ठीक होने तक करवाते रहें. 

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इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए करे तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल, कई गुणों के कारण फायदेमंद

 इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए करे तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल, कई गुणों के कारण फायदेमंद

जयपुर: पहले के समय में खाना पकाने से लेकर खाने तक के लिए तांबे के बर्तन ही देखने को मिलते थे और उसकी वजह से लोगों को बीमारियां भी कम होती थीं. बर्तनों में खाना पकाना भी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है. आयुर्वेद में कहा गया है कि कॉपर यानी तांबे के बर्तन का पानी पीना सेहत के लिए फायदेमंद है. इसके पानी के सेवन से शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं. ऐसे में कई बीमारियां आसानी से खत्म हो जाती है. 

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तांबा इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में होता है मददगार:
तांबा तापमान में बदलाव की जल्दी से प्रतिक्रिया देता है और खाना पकाने के लिए एक शानदार विकल्प है. तांबा इम्यून सिस्टम को मजबूत करने और नई कोशिकाओं के उत्पादन में मदद करने के लिए जाना जाता है. ऐसे में इस समय कोरोना माहामारी के बीच तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल करना बेहद ही फायदेमंद हो सकता है. 

तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल इसके कई गुणों के कारण फायदेमंद:
तांबा अपने एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुणों के लिए जाना जाता है. ऐसे में तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल इसके कई गुणों के कारण फायदेमंद है. तांबे के बर्तनों में पका खाना खाने से शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं जिससे किडनी और लिवर स्वस्थ रहते हैं. तांबा भोजन में वायरस और बैक्टीरिया के साथ प्रतिक्रिया कर सकता है और उन्हें मार सकता है. यानी किचन में कुछ तांबे के बर्तन एक जबर्दस्त रोगाणुरोधी के रूप में कार्य कर सकते हैं. 

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तांबा मनुष्यों के लिए आवश्यक खनिजों में से एक:
तांबा मनुष्यों के लिए आवश्यक खनिजों में से एक है. यह शरीर में प्रोटीन के एक प्रकार कोलेजन बनाने में मदद करता है और आयरन को अवशोषित करता है, जिससे ऊर्जा उत्पादन का काम आसानी से हो पाता है. तांबे के बर्तन में पका खाना खाने से जोड़ों का दर्द और सूजन की दिक्कत कम हो जाती है. 

IIT दिल्ली ने किया दावा, अश्वगंधा कोरोना वायरस के इलाज में कर सकता है मदद

IIT दिल्ली ने किया दावा, अश्वगंधा कोरोना वायरस के इलाज में कर सकता है मदद

नई दिल्ली: पूरी दुनिया में इस समय लाखों लोग कोरोनावायरस से संक्रमित हैं, जिनमें से कई अपनी जान गंवा चुके हैं. अमेरिका से लेकर यूरोप तक हर देश कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन या फिर दवा के रिसर्च में लगा है. इस बीच एक रिसर्च में सामने आया है कि अश्वगंधा में पाए जाने वाले एक तत्व की मदद से इस बीमारी की दवा बनाने में मदद मिल सकती है.

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अश्वगंधा में पाया जाने वाला विथानन कोरोना की दवा बनाने में मददगार संभव:
IIT दिल्ली और जापान में नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस्ड इंडस्ट्रियल साइंस एंड टेक्नोलॉजी की रिसर्च के मुताबिक अश्वगंधा में पाया जाने वाला विथानन कोरोना की दवा बनाने में मददगार हो सकता है. रिसर्च के अनुसार अश्वगंधा और प्रोपोलिस में ऐसे प्राकृतिक तत्व हैं जिनसे कोरोना वायरस से बचाव संभव है. प्रोपोलिस, एक हनी बी प्रोडक्ट है, जिसमें आपके शरीर को क्षति से बचाने और बीमारी से लड़ने के लिए एंटीऑक्सिडेंट्स मौजूद हैं.

फिलहाल ये स्टडी समीक्षाधीन: 
रिसर्च टीम का कहना है कि इस शोध में जो कंपाउंड हमें मिले हैं वह दोनों ही मानव शरीर में वायरस के रेप्लिकेशन के लिए जिम्मेदार सॉर्स-सीओवी-2 के मुख्य एंजाइम मैन प्रोटिएज को खत्म करने की क्षमता रखते हैं. फिलहाल ये स्टडी समीक्षाधीन है और निकट भविष्य में प्रकाशित होने की उम्मीद है.

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दवा बनाने में होगी देरी:
रिसर्च टीम का मानना है कि दवा बनाने के लिए इन तत्वों का लैब में प्राथमिकता के आधार पर टेस्ट और ट्रायल होना चाहिए, ताकि महामारी को रोकने के लिए वैक्सीन बनाने के लिए जारी प्रयासों में और देरी न हो. रिसर्च टीम के अनुसार दवा को बनाने में काफी वक्त लग सकता है और ऐसे में मौजूदा हालात में ये प्राकृतिक तत्व कुछ हद तक इसे रोकने या थैरेपी के तौर पर प्रयोग में लाए जा सकते हैं. 

20 लाख नागरिकों को काढ़ा अश्वगंधा-गिलोय चूर्ण वितरित, चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा की देखरेख में चल रहा कैम्पेन

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जयपुर: राजस्थान में कोरोना की रोकथाम में उपयोगी मानी जाने वाली काढ़ा अश्वगंधा-गिलोय चूर्ण का वितरण लगातार जारी है. चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा की मॉनिटरिंग में पूरे प्रदेशभर में काढ़ा-चूर्ण वितरण का कैम्पेन चलाया जा रहा है, जिसमें अब तक 20 लाख नागरिकों को दवा का वितरण किया जा चुका है.आयुर्वेद मंत्री डॉ रघु शर्मा ने बताया कि विभाग द्वारा काढ़ा वितरण के साथ ही सरल घरेलू उपायों यथा- गर्म पानी का सेवन, नित्य योगाभ्यास, हल्दी एवं हल्दी युक्त दूध, जीरा, धनिया, तुलसी, अदरक, कालीमिर्च, मुनक्का का सेवन, नासिका में सरसों/तिल/नारियल का तेल आदि के बारे में सलाह भी दी जा रही है.

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स्क्रीनिंग कार्य एवं चिकित्सा सेवाएं प्रदान:
डॉ रघु शर्मा ने बताया कि होम्योपैथी विभाग द्वारा औषधि आर्सेनिक एल्बम भी लगभग 3 लाख नागरिकों को वितरित की जा चुकी है.उन्होंने बताया कि केंद्रीय आयुष मंत्रालय के सहयोग से समस्त विभागीय चिकित्सकों एवं नर्स कम्पाउण्डर को कोविड 19 से सम्बन्धित प्रशिक्षण दिया गया है.वर्तमान में समस्त आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी चिकित्साधिकारी एवं नर्स कम्पाउण्डर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर विभिन्न क्वारांराईन सेन्सर्ट, चैक पोस्ट, स्क्रीनिंग कार्य एवं चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहे हैं.

आयुर्वेद औषधियों का किया जा रहा है परीक्षण:
क्वारांटाईन सेन्टर्स पर रह रहे लगभग 8 हजार 200 नागरिकों को 5 दिवस तक आयुर्वेदीय काढ़ा व अष्वगंध व गिलोय चूर्ण दिया जा रहा है.डॉ शर्मा ने बताया कि राजस्थान आयुर्वेद विवि जोधपुर द्वारा 1500 व्यक्तियों पर तथा राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर द्वारा 600 कोरोना वॉरियर्स एवं क्वारांटाईन व्यक्तियों पर आयुर्वेद औषधियों का परीक्षण किया जा रहा है.

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तुलसी का सेवन करने से मिलेंगे ये फायदे, इन तरीकों से करें इस्तेमाल

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जयपुर: आयुर्वेद में तुलसी का विशेष महत्व बताया गया है. आयुर्वेद की मानें तो तुलसी का हर भाग आपके लिए कई तरह से फायदेमंद है. तुलसी की जड़, उसकी शाखाएं, पत्ती और बीज सभी का अपना-अपना महत्व है. सर्दी, जुकाम, पेट दर्द, सूजन, दिल की बीमारी और मलेरिया में यह काफी फायदेमंद होती है. इसको सूखे पाउडर, पत्तियों और घी के साथ इस्तेमाल किया जाता है. तो आइए आज हम आपको तुलसी के सेवन से होने वाले फायदों के बारें में बताते हैं...

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- अगर खांसी के साथ फेफड़ों में आवाज आए तो तुलसी को मिश्री के साथ मिलाकर सेवन करना फायदेमंद होता है. 

- तुलसी के पत्तों के साथ 4 भुनी लौंग चबाने से खांसी चली जाती है.

- तुलसी के रस को शहद के साथ सेवन करने से हिचकी, अस्थमा और सांसों की बीमारियों को ठीक किया जा सकता है.

- तुलसी के बीजों को गाय के दूध के साथ मिलाकर सेवन करने से यह एंटीऑक्सीडेंट का काम करती है.

- तुलसी का सेवन रक्त को साफ करने में भी ये मददगार है. इसके अलावा मुंह के छाले के लिए भी ये रामबाण इलाज है.

- रोजाना तुलसी की 10 पत्तियों को चबाने से ब्लड प्रेशर में तो आराम मिलता ही है साथ ही ब्लड शुगर को भी यह नॉर्मल करती है. 

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रोजाना खूब हंसने से मिलेंगे कई गजब के फायदे, पड़ेंगे सकारात्मक असर

रोजाना खूब हंसने से मिलेंगे कई गजब के फायदे, पड़ेंगे सकारात्मक असर

जयपुर: हंसना हमारी सेहत के लिए बहुत ही लाभकारी है. हंसी जीवन के एकाकीपन, थकान, मानसिक तनाव और शारीरिक दर्द से भी राहत दिलाती है और आज के इस माहौल में तो यह बेहद जरूरी भी है. हमारे आसपास कई ऐसे लोग भी होते है जो हंसने में बहुत ही ज्यादा कंजूसी करते है जैसे इसमें भी टैक्स लगता हो या फिर उन्हें मुस्कराने के लिए किसी सहारे की जरुरत पड़ती है. आपको बता दें कि अगर आप प्रसन्नचित्त रहेंगे, तो डर पर काबू पाना आपके लिए आसान ही होगा. सकारात्मक रहने में हास्य योग आपकी मदद कर सकता है. ऐसे में आइए आज हम आपको हंसने से होने वाले फायदों के बारे में बता रहे हैं....

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- ठहाके लगाकर हंसने से शरीर में रक्त-संचार की गति बढ़ जाती है, जिसका शरीर पर सकारात्मक असर पड़ता है.

- खुलकर हंसने से फेफड़ों के रोग नहीं होते और पाचन तंत्र भी अधिक कुशलता से कार्य करने लगता है.

- एक शोध के मुताबिक रोजाना 15 मिनट की ठहाके वाली हंसी आपकी जिंदगी को दो दिन और बढ़ा सकती है.

- अगर आपको थोड़ा सा मूड खराब है तो आप थोड़ा मुस्करा ले. इससे आपके चेहरे में चमक के साथ-साथ आपका मूड भी थोड़ा रिलैक्स मिलेगा और आपकी धड़कने भी नॉर्मल हो जाएगी. 

- खुलकर हंसने से चेहरे पर झुर्रियों से बचा जा सकता है और नींद न आना, बात-बात पर तुनकना और मानसिक बीमारियों जैसी समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है.

- अगर आप ज्यादा तनाव में रहते है तो खूब हंसा करें. इससे आपके शरीर में एंडोर्फिन नामक हार्मोन रिलीज होगा. जिससे आपका स्ट्रेस कम होगा. 

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