यूपी में जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या 109 पहुंची, हरकत में प्रशासन

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/02/10 12:40

लखनऊ। देश में शराब पीने वालों की तादाद बढ़ती जा रही है इनमें ज्यादातर हमारी युवा पीढ़ी लिप्त नज़र आती है,लेकिन आज हम आपको एक ऐसी जानकारी देने जा रहे हैं जिसे सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे,लेकिन आज के समाज के लिए यह जानना बहुत जरूरी है। देश में शराब की बढ़ती मांग को लेकर कई तरह के गोरखधंधे हो रहे हैं। किस तरह से शराब बनाई जा रही है और उसका हमारे समाज पर क्या असर पड़ रहा है। शायद यह जानने में कोई भी दिलचस्पी नहीं लेता। उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड़ में अवैध देशी शराब की 1600 पेटियों को जब्त किया गया है वो भी तब जब अवैध रुप से बनाई जा रही शराब से प्रदेश करीब 150 जाने गंवा चुका। 

बतादें, सहारनपुर में अवैध शराब की भठ्ठियों से 36,100 किलो लहन (कच्चा पदार्थ), 250 लीटर कच्ची शराब और 60 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद हुई है। अकेले सहारनपुर में 16 गांव के लोग इस जहरीली शराब की चपेट में आए थे। मौत की संख्या 100 के पार जाने पर योगी सरकार की सख्ती के बाद प्रशासन ने अवैध शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ 15 दिन का अभियान शुरू किया है। सहारनपुर में अब तक 39 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है

जहरीली शराब के कारण दोनों राज्यों में मिलाकर अब तक 108 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें उत्तर प्रदेश में 77 और उत्तराखंड में 32 लोगों की मौत हुई है। उत्तराखंड के रुड़की में अब तक 32 लोग मारे जा चुके हैं, जबकि यूपी में सहारनपुर में 69 (सहारनपुर में 46 और मेरठ में 23) और कुशीनगर में 8 लोगों की मौत की खबर है। दोनों राज्यों में मौत का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है, क्योंकि रुड़की में अभी भी कई लोगों की तबीयत बहुत गंभीर बनी हुई है।

जहरीली शराब की वजह से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 100 से ज्यादा लोगों के मारे जाने के बाद हरकत में आई उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। उत्तर प्रदेश के आबकारी विभाग के अनुसार हादसे पर अब तक 297 मुकदमा दर्ज करके 175 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
योगी सरकार ने पीड़ितों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा कर दी है। मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और इलाज कर रहे लोगों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा सरकार की ओर से दिया जाएगा।
 

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