अब प्रदेश के अस्पतालों को प्रदूषण मंडल से लेना होगा प्राधिकार पत्र 

Nirmal Tiwari Published Date 2019/04/04 08:16

जयपुर। अब प्रदेश के अस्पतालों को संचालन के लिए प्रदूषण मंडल से प्राधिकार पत्र लेना होगा। यह निर्णय राज्य में जैव चिकित्सा की समीक्षा के लिए राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के अध्यक्ष  सुदर्शन सेठी की अध्यक्षता में कल राज्य मण्डल के सभागार में बैठक में लिया गया।

कल बैठक मेंं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, स्वायत्त शासन विभाग, पशु पालन विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग, जिला कलेक्टर के प्रतिनिधि, इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन के विभिन्न जिलों के प्रतिनिधि एवं अन्य चिकित्सा संघो के प्रतिनिधि तथा अस्पतालों एवं सामूहिक जैव चिकित्सा अपशिष्ट निस्तारण सुविधा संचालकों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक के आरंभ में राज्य मण्डल की सदस्य सचिव शैलजा देवल द्वारा बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों का स्वागत किया गया। शैलजा देवल द्वारा अवगत कराया गया कि राज्य मण्डल के रिकॉर्ड के अनुसार राज्य मेंं 6 हजार 323 चिकित्सालय (हेल्थ केयर फैसिलिटी) कार्यरत है, जिनमें सरकारी चिकित्सालय शामिल है। आज भी कई चिकित्सालय राज्य मण्डल से प्राधिकार पत्र एवं सम्मति प्राप्त किये बिना संचालित है। 

बैठक में सुदर्शन सेठी द्वारा जैव चिकित्सा अपशिष्ट के सुरक्षित निस्तारण पर बल देते हुए समस्त चिकित्सालयों (हेल्थ केयर फैसिलिटी) को राज्य मण्डल से प्राधिकार पत्र एवं सम्मति प्राप्त की ही संचालन करने के लिए दिशा-निर्देश दिये गये। सेठी द्वारा मानकों की पालना नहीं करने एवं बिना प्रधिकार /सम्मति के कार्यरत करकारी एवं गैर करकारी अस्पतालों के विरूद्ध कठोर कर्यवाही किये जाने की चेतावनी दी गई। सभी अस्पतालों हेल्थ केयर फैसिलिटी को उनसे जनित ठोस उच्छिष्ठ को उनकी प्रकृति के अनुसार निर्धारित रंग के कंटेनर में संग्रहित किया जाना तथा निस्तारण के लिए जैव चिकित्सा अपशिष्ट निस्तारण सुविधा स्थलों पर भिजवाया जाना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त द्रव उच्छिष्ठ को निस्तारण से पूर्व उपचारित किया जाना आवश्यक है। 

इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन और राजस्थान प्राइवेट हॉस्पिटल्स एवं नर्सिग होम संघ के प्रतिनिधियों को जैव चिकित्सा नियमों के प्रावधानों की जानकारी देते हुए समस्त सदस्यों से इन नियमों की पालना सुनिश्चित करवाने के  लिए निर्देशित किया गया। राज्य में कार्यरत 9 जैव चिकित्सा अपशिष्ट निस्तारण सुविधाओं  के सुचारू संचालन एवं संधारण की समीक्ष की गई। बैठक मेें इन सुविधाओं के संचालकों को निर्देशित किया गया कि पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से समस्त नियमों एवं मानकों की पालना सुनिश्चित की जावें। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया  गया कि इन सुविधाओं द्वारा की गई अनुपालना की समय-समय पर जांच/मॉनिटरिंग कर आवश्यक कार्यवाही की जावें। इसके अतिरिक्त राज्य में जिन 6 जैव चिकित्सा अपशिष्ट निस्तारण सुविधाओं को स्थापित करने को कार्य प्रगति पर है, उनकी वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई जिसे उपरांत उक्त सभी 6 सुविधाओं को निर्धारित समयावधि में स्थापित करने हुतु आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये गये।

... सहयोगी ऋतुराज व विकास के साथ निर्मल तिवारी की रिपोर्ट 

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