VIDEO: राजधानी में रिकॉर्ड की ओर बढ़ती बिजली की डिमांड !

Vikas Sharma Published Date 2019/04/14 09:06

जयपुर। गर्मी के तीखे तेवरों ने राजधानी में एक पखवाड़े में ही बिजली की मांग का ग्राफ 40 फीसदी तक बढ़ा दिया है। मार्च अंत तक जहां शहर में रोजाना सवा सौ लाख यूनिट बिजली की आपूर्ति हो रही थी, वहीं अब बिजली की मांग का 180 लाख यूनिट प्रतिदिन पहुंच गई है। एक साथ बढ़ी बिजली की मांग ने पावर इंजीनियर्स की चिंता बढ़ा दी है और वे लोड मैनेजमेंट में जुट गए है। आखिर, भीषण गर्मी में शहर में आपूर्ति का क्या है एक्शन प्लान, पेश है एक रिपोर्ट: 

वैसे तो गर्मी में बिजली की मांग बढ़ना आमबात है, लेकिन इस बार अप्रेल में ही सूरज के तीखे तेवरों ने जयपुराइट्स को हैरान-परेशान कर दिया है। अभी अप्रेल का पहला पखवाड़ा बीता है और हर घर में कूलर-पंखे और एसी का 24 घंटे उपयोग शुरू हो गया है। इसका सीधा इम्पैक्ट बिजली की मांग पर देखा जा रहा है। अप्रेल के शुरूआती 15 दिनों में ही बिजली की मांग 180 लाख यूनिट प्रतिदिन पहुंच गई है। हालांकि, बिजली की पर्याप्त उपलब्धता के चलते कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन मेंटीनेंस अभियान के बीच एकाएक बढ़े इस लोड़ से अभियंताओं की चिंता जरूर बढ़ा दी है, क्योंकि जिस तरह अप्रेल में बिजली की डिमाण्ड बढ़ रही है, उससे लगता है कि मई माह में ही पुराना रिकॉर्ड टूट जाएगा। 

बिजली की रिकॉर्ड की और बढ़ती डिमाण्ड और इससे फील्ड शुरू हुई दिक्कतों की सच्चाई:

—राजधानी में पिछले साल पांच जून को रिकॉर्ड तोड 222 लाख यूनिट बिजली सप्लाई की गई थी।  
—लेकिन इस साल अभी से बिजली की मांग ने पौने दो लाख यूनिट को क्रास कर दिया है। 
—रोजाना 180 लाख यूनिट बिजली फील्ड में आपूर्ति की जा रही है, ऐसे में माना जा रहा है कि पुराना रिकॉर्ड मई माह में ही टूट जाएगा। 
—वैसे पर्याप्त उपलब्ध के चलते बिजली की दिक्कत नहीं है, लेकिन बढ़ते लोड के बीच सिस्टम जवाब दे रहा है।
—एकाएक बिजली का लोड बढ़ने से फाल्ट, पॉवर ट्रिंपिंग, ट्रांसफार्मर जलने की दिक्कतें शुरू हो गई है 
—उपभोक्ताओं की दिक्कतों का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मार्च अंत तक जयपुर डिस्कॉम के कॉल सेन्टर पर 850 शिकायतें रोजाना आ रही थी। 
—अब बिजली का लोड़ बढ़ते ही शिकायतों का ग्राफ 1400 के आसपास पहुंच गया है। 

राजधानी में बिजली की बढ़ती मांग के बीच अभियंताओं ने युद्ध स्तर पर मेंटीनेंस अभियान छेड रख है। अभियान के पीछे का तर्क ये है कि सभी फीडरों को दुरूस्त कर दिया जाए, ताकि बिजली की मांग बढ़ने पर फाल्ट, पॉवर ट्रिंपिंग, ट्रांसफार्मर जलने की घटनाओं से बचा जा सके, लेकिन यह अभियान भी उपभोक्ताओं के लिए परेशानी बना हुआ है। भीषण गर्मी में चार से छह घंटे मेंटीनेंस के नाम पर बिजली गुल रहने से लोगों को दिक्कतों झेलनी पड़ रही है। वहीं दूसरी ओर जरा की मांग बढ़ते ही बिजली की आंखमिचौली शुरू हो जाती है। हालांकि डिस्कॉम प्रशासन का दावा है कि अप्रेल अंत तक मेंटीनेंस पूरी हो जाएगी और इसके बाद लोगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी। 

मेटीनेंस अभियान का रिपोर्ट कार्ड:

—33 केवी के 131 जीएसएस, 33 केवी के 159 फीडर और 11 केवी के 900 फीडरों पर मेंटीनेंस अभियान किया जाना है। 
—डिस्कॉम अभियांताओं की माने तो 50 फीसदी से अधिक काम हो चुका है, शेष जगहों पर अगले 15 दिन में काम पूरा कर लिया जाएगा। 

बिजली की दिक्कत यहां करें फोन :

—डिस्कॉम का कॉलसेन्टर नम्बर 0141-2203000
—डिस्कॉम का टोल फ्री नम्बर - 18001806507
—इसके अलावा सहायक अभियंता कार्यालय में भी किया जा सकता है सम्पर्क 

जयपुर डिस्कॉम प्रशासन के सिटी सर्किल यानी राजधानी में निर्बाध बिजली आपूर्ति अभियंताओं के लिए बड़ी चुनौती रहेगी। इसके पीछे का कारण ये है कि शहर में मुखिया से लेकर नीचे से अधिकांश बड़े पदों पर नए अभियंताओं को लगाया गया है। हालांकि अभियंता टीम डिस्कॉम के रूप में काम कर रहे है, लेकिन देखना ये होगा कि रिकॉर्ड तोड़ बिजली की मांग को देखते हुए निर्बाध बिजली देने में वे कितना सफल हो पाते है। 

... संवाददाता विकास शर्मा की रिपोर्ट 

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