पाक ने छिपा रखे हिन्दुस्तान के दुश्मन और ये खूंखार आतंकी

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/02/15 01:18

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश में शोक की लहर छाई हुई है। 40 जवानों की शहादत पर पूरा देश रो रहा है। पक्ष और विपक्ष सभी राजनीतिक दलों ने इस घटना पर अपनी संवेदना जताते हुए कहा कि इस दुखद खड़ी में पूरा देश एकजुट है। आतंकी ताकतों की देश को बांटने की कोशिशे नाकामयाब होंगी। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। सुरक्षाबलों को पूर्ण स्वतंत्रता दे दी गई है।

हिंदुस्तान का दुश्मन नंबर वन मसूद अज़हर खूंखार आतंकी और हिंदुस्तान का दुश्मन नंबर वन मसूद अज़हर आतंक के गढ़ पाकिस्तान में बैठकर दहशतग्दी की दुकान चला रहा है। उरी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद मसूद अज़हर के पसीने छूट गए और उसने अपने ठीकाने को बदलकर अपने गुर्गो के साथ पाकिस्तन के भीड़-भाड़ वाले इलाके में रहने लगा है। उसकी सोच है की घनी आबादी के बीच रहना ज्यादा महफूज है। 

पठानकोट हमले के मास्टर माइंड और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने की कोशिशों पर चीन के लगातार लगते वीटो से सरकार इस मसले पर नए तरीके तलाश रही है। भारत के पास पठानकोट हमले का बदला लेने और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठन पर लगाम लगाने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक का ऑप्शन जरूर मौजूद है। हाल ही में पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ही ली है।

इसके अलावा भारत का दुश्मन नंबर दो, जिसका भारत के नाम से ही खून खौलता है। वह है हाफ़िज़ सईद। हाफ़िज़ सईद भी पाकिस्तान के ही मुरीद के इलाक़े में रह कर अलग-अलग नामों से दहशत की दुकान चलाता है। हाफिज सईद अपने ठिकाने बदलता रहता है। वो अपनी जान बचाने के लिए घनी बस्तियों में लोगों के बीच जाकर छुप जाता है। गौरतलब है कि मुंबई आतंकी हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद का संगठन जमात-उद-दावा पाकिस्तान में स्वतंत्र है। उसने वहां चुनाव भी लड़ा था लेकिन वो बुरी तरह से हार गया था।

भारत के सर्जिकल स्ट्राइक और इंटरनेशनल प्रेशर का ही असर है कि पाकिस्तान अब खुलकर हाफ़िज़ सईद का साथ नहीं पाता। पाकिस्तान ने दुनिया को दिखाने के लिए हाफिज सईद की नजरबंदी भी की थी। पाक का कहना है कि उसकी गतिविधियां देश में शांति के लिए खतरा थीं। 

ठीक इसी तरह सैयद मोहम्मद यूसुफ शाह को सैयद सलाहुद्दीन के नाम से ही जाना जाता है। उसका मकसद कश्मीर को आजाद कराना है। सलाउद्दीन ने पिछले साल धमकी दी थी कि वह जम्मू-कश्मीर को भारतीय सैनिकों की कब्रगाह बना देगा। भारत पिछले कुछ समय से इसे अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कराने में जुटा था। उसके पिता भारतीय डाक विभाग में काम करते थे। पहले उसने मेडिसिन की पढ़ाई की लेकिन वह सिविल सर्विस में जाना चाहता था। बाद में उसका रुझान जमात-ए-इस्लामी संगठन की तरफ हो गया और वह उस संगठन के लिए कश्मीर में काम करने लगा।

बाद में उसने सलाहुद्दीन ने हिज्ब-उल-मुजाहिदीन की सदस्यता ले ली। उसके बाद वह आईएसआई के संपर्क में आ गया। तभी से वह भारत के खिलाफ साजिश रचता रहता है। एनआईए ने उसे मोस्ट वॉन्टेड घोषित कर रखा है। पुलवामा हमले के बाद भारत के लोग चाहते हैं कि इन आतंकवादियों को उसी तरह से घर में घुसकर मारा जाए, जैसे ओसामा बिन लादेन को अमेरिकी नेवी सील ने उसके घर में घुस कर मारा था।
 

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