प्रचार से दूरियां, भाजपा-आरएलपी गठबंधन से आखिर क्यों खफा है यूनुस खान !

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/04/21 09:43

नागौर। भाजपा ने प्रदेश की 24 सीटों प्रत्याशी उतारे मगर नागौर सीट पर हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी से गठबंधन कर सीट हनुमान बेनीवाल के लिए छोड़ दी। मगर यह शायद भाजपा के पदाधिकारियों और नेताओं के गले नहीं उतर रहा है। इसमें हाथी के दांत दिखाने वाले और खाने वाले अलग-अलग वाली कहावत भी नजर आ रही हैं। मंच पर दिखने वाले नेता भी शायद पार्टी और आलाकमान के डर से मंचो पर एकसाथ नजर आ रहे है। मगर वोट कितने दिलवाएंगे यह कहा नहीं जा सकता। 

दूसरी तरफ भाजपा सरकार में नम्बर दो की हैसियत रखने वाले पूर्वमंत्री यूनुस खान नागौर विधानसभा में सक्रिय रहकर भी हनुमान बेनीवाल के साथ कहीं किसी मंच पर अब तक नजर नहीं आये हैं। बेनीवाल औऱ खान धुर विरोधी रहे है और यही कारण है खान बेनीवाल के प्रचार प्रसार से दूरी बना रखी है। मगर डीडवाना विधानसभा में उनकी सक्रियता आखिर किसके लिए है, क्या वो भाजपा के वोटों का धुर्वीकरण करवाने में लगे है! 

बीती रात डीडवाना शीतलकुण्ड बालाजी मंदिर में यूनुस खान ने नागौरिया मंदिर के मठाधीष स्वामी विष्णुप्रपनाचार्य जी महाराज का आशीर्वाद लिया और इस दौरान उनके साथ स्थानीय कार्यकर्ता भी नजर आए। इस दौरान जब हमने उनसे सवाल करना चाहा तो बात करने से मना कर दिया। तो क्या युनुस खान नहीं चाहते कि हनुमान बेनीवाल नागौर से सांसद बनकर जाए और केंद्र में मोदी सरकार बने! या फिर खान की इस बेरुखी का वही मतलब है, उन्हें पहले टिकट नहीं दिया गया और बाद में टोंक से टिकट दिया और वो हार गए। कहीं खान को हिंदुत्ववादी सोच के चलते भाजपा दरकिनार कर हाशिये पर तो नहीं धकेल रही है! वर्तमान हालात में खान की दूरियां भाजपा और आरएलपी गठबंधन के लिए मुसीबत बन सकती है।

... नागौर संवाददाता नरपत ज़ोया की रिपोर्ट 

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