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किसानों के मुद्दे पर विधानसभा में चला आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला

किसानों के मुद्दे पर विधानसभा में चला आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला

जयपुर: किसानों के मुद्दे पर आज विधानसभा में पक्ष-विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप के सिलसिले चले. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पात्रताधारी किसानों से जुड़े सवाल पर विपक्ष ने जहां सरकार पर लेटलतीफी के आरोप लगाए, तो वही सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने इसके लिए केंद्र सरकार को दोषी बताया.

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मंन्त्री आंजना ने बखूबी दिया सवालों का जवाब:
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि मामले पर आज विपक्ष ने सरकार को घेरने की पूरी कोशिश की लेकिन सहकारिता मंन्त्री आंजना उदयलाल ने राठौड़ व गुलाबचंद कटारिया के हमलों का बखूबी जवाब दिया. राजेंद्र राठौड़ के सवाल के जवाब में मंत्री आंजना ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सुरक्षित है और योजना के अंतर्गत आवेदन करना किसान की इच्छा पर निर्भर है. उन्होंने सदन को बताया कि 6 फरवरी 2020 तक 67 लाख 10 हजार 471 किसानों ने आवेदन किया है और जिला स्तर पर राजस्व अधिकारियों द्वारा सत्यापन किए जाने के बाद 63 लाख 41 हजार 441 आवेदन पीएम किसान पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके. मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत 47 लाख 32 हजार 573 किसानों को प्रथम किस्त 46 लाख 50 हजार 480 किसानों को द्वितीय किस्त 36 लाख 51 हजार 284 किसानों को तृतीय किस्त और 15 लाख 85 हजार 995 किसानों को चतुर्थ क़िस्त से लाभान्वित किया गया. उन्होंने सदन को बताया कि सत्यापन से शेष रहे 1 लाख 75 हजार 404 किसानों के आवेदन पत्रों का सत्यापन प्रक्रियाधीन है.

राजेन्द्र राठौड़ व कटारिया ने मंत्री उदयलाल आंजना को घेरा:
जवाब से अंसतुष्ट नजर आए उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ व नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने मंत्री उदयलाल आंजना को घेरा. उन्होंने आरोप लगया की समय पर वेरिफाई नहीं होने से किसानों का डेटा नहीं मिला. इसलिए किसानों को पैसा नहीं मिला. दोनों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की मशीनरी की नाकामी के कारण ऐसा हुआ. 

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वेरिफिकेशन के आधार पर कोई दिक्कत नहीं:
वहीं सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने पलटवार करते हुए कहा कि पैसा सीधा कृषकों को जाता है. वेरिफिकेशन के आधार पर कोई दिक्कत नही है, बल्कि धन के अभाव में किसानो का पैसा रुका हुआ है. केंद्र सरकार ने किसानों को पैसा दिया ही नहीं किसानों तक पैसा पहुंचेगा कैसे. इस बात पर पक्ष विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चला भाजपा विधायकों ने जहां शेम शेम के नारे लगाए वहीं सत्ताधारी विधायक बने आंजना के जवाब पर मेजे थपथपाई.

श्री डूंगरगढ़ क्षेत्र में किसानों की भूमि कुर्की का मामला भी गूंजा:
प्रश्न काल के दौरान ही आज विधानसभा में श्री डूंगरगढ़ क्षेत्र में किसानों की भूमि कुर्की का मामला भी गूंजा. विधायक गिरधारी लाल के प्रश्न के जवाब में सहकारिता मंत्री आंजना उदयलाल ने स्वीकार किया कि 1 जनवरी 2018 से 25 जनवरी 2020 के बीच में बैंकों का ऋण नहीं चुकाने के कारण 840 किसानों की कृषि भूमि कुर्की के आदेश दिए गए. हालांकि विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार के द्वारा यह आंकड़ा गलत बताया जा रहा है. हकीकत में करीब 3000 किसानों की जमीन कुर्क हो गई. इस पर मंत्री ने कहा कि यदि अधिकारियों ने गलत आंकड़ा बताया है तो उन पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए.

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काश्तकारों की ऋण माफी का प्रश्न उठाया:
किसानों की जमीन नीलामी कुकुर किसे बचाने के लिए सरकार की योजना के बारे में जब विधायक ने सवाल पूछा तो मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा ऋण माफी का लाभ दिया जा रहा है, लेकिन मंत्री ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि भविष्य में जमीन कुर्की पर स्थाई रोक लगाने के बारे में सरकार के स्तर पर कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. वही अनूपगढ़ विधायक संतोष ने अनूपगढ़ विधानसभा क्षेत्र के काश्तकारों की ऋण माफी का प्रश्न उठाया. मंत्री ने बताया कि अनूपगढ़ विधानसभा क्षेत्र में गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक द्वारा 25 जनवरी 2020 तक राजस्थान फसली ऋण माफी योजना 2018 में 11155 किसानों को 36 करोड़ 94 लाख तथा राजस्थान कृषि ऋण माफी योजना 2019 में 11214 किसानों को 65 करोड़ 96 लाख की ऋण माफी की गई है. 

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