गो फर्स्ट से सावधान ! एयरलाइन कर रही यात्रियों के साथ धोखा

गो फर्स्ट से सावधान ! एयरलाइन कर रही यात्रियों के साथ धोखा

जयपुर: हवाई यात्रा में इन दिनों सब कुछ सही नहीं है. फ्लाइट रद्द होना आम बात हो चुकी है. लेकिन एक एयरलाइन ऐसी भी है, जो इन दिनों रोज यात्रियों के साथ धोखाधड़ी का खेल कर रही है. एयरलाइन द्वारा रोज फ्लाइट्स के लिए टिकट तो बुक की जा रही है, लेकिन फ्लाइट्स का संचालन नहीं हो रहा है. ऑनलाइन वेबसाइट्स पर टिकट बुकिंग कर यात्रियों के पैसे फंस रहे हैं. 

गो एयर एयरलाइन का इन दिनों नाम बदल चुका है. ये एयरलाइन यात्रियों को अब अपनी सेवाएं गो फर्स्ट नाम से दे रही है. लेकिन लोगो और नाम बदलने के बावजूद एयरलाइन की प्रक्रिया में ज्यादा बदलाव नहीं दिखा है. एयरलाइन इन दिनों जयपुर एयरपोर्ट से 7 फ्लाइट संचालित करने का दावा कर रही है. इन 7 फ्लाइट्स के लिए एयरलाइन द्वारा टिकट बुकिंग भी की जा रही है. लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ और है. मौके पर जयपुर एयरपोर्ट से गो फर्स्ट एयरलाइन की रोज बमुश्किल एक फ्लाइट संचालित हो रही है. यानी रोज 6 या किसी दिन सभी 7 फ्लाइट रद्द हो रही हैं. जयपुर एयरपोर्ट से जुड़े सूत्रों की मानें तो एयरलाइन मुम्बई और कोलकाता के लिए 2-2 फ्लाइट संचालित करने और अहमदाबाद, हैदराबाद व बेंगलूरु के लिए एक-एक फ्लाइट संचालित करने का शेड्यूल दे रही है. इन सभी फ्लाइट्स में यात्रियों के टिकट भी बुक किए जा रहे हैं. लेकिन पिछले करीब 3 माह से एयरलाइन की ज्यादातर फ्लाइट रद्द चल रही हैं. कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अप्रैल और मई माह में एयरलाइन की लगभग सभी फ्लाइट रद्द रही हैं. आईए अब आपको बताते हैं कि कौन-कौन सी फ्लाइट में एयरलाइन टिकट बुक कर रही है, जो अक्सर रद्द रहती हैं.

गो फर्स्ट की ये 5 फ्लाइट, जो रोज रद्द रहती हैं: 
- सुबह 8:10 बजे मुम्बई के लिए फ्लाइट G8-389
- सुबह 8:50 बजे कोलकाता के लिए फ्लाइट G8-703
- सुबह 11:50 बजे हैदराबाद के लिए फ्लाइट G8-506
- शाम 6:45 बजे मुम्बई के लिए फ्लाइट G8-2608
- शाम 8:10 बजे कोलकाता के लिए फ्लाइट G8-702

गो फर्स्ट की ये 2 फ्लाइट, जो कभी चलती हैं और कभी रद्द:
- सुबह 11:20 बजे अहमदाबाद के लिए फ्लाइट G8-915
- दोपहर 12:40 बजे बेंगलूरु के लिए फ्लाइट G8-807

अब जानिए कि यह धोखाधड़ी कैसे है. दरअसल एयरलाइन टिकट बुक कर यात्रियों के पैसे रोक लेती है. गो फर्स्ट ने स्पाइसजेट एयरलाइन के साथ एक समझौता किया हुआ है. इसलिए यदि किसी शहर के लिए स्पाइसजेट की फ्लाइट उपलब्ध है, तो उसमें कुछ यात्रियों को एडजस्ट कर दिया जाता है. लेकिन फ्लाइट फुल होने या दूसरी एयरलाइन की फ्लाइट नहीं होने की स्थिति में गो फर्स्ट यात्रियों को फ्लाइट रद्द का मैसेज भेजती है. ऐसी स्थिति में यात्रियों को पैसे रिफंड करने या फिर दूसरी किसी तारीख में बिना अतिरिक्त चार्ज लिए टिकट बुकिंग का विकल्प दिया जाता है. ऐसे में ज्यादातर केसेज में यात्रियों के पैसे कई महीने तक एयरलाइन के पास ही फंसे रहते हैं. बड़ा सवाल यह है कि जब एयरलाइन को फ्लाइट संचालित ही नहीं करनी हैं, तो वह टिकट बुकिंग ही क्यों करती है. इस पूरे मामले में एयरलाइन पर अभी तक नियामक संस्था डीजीसीए ने भी कोई कार्रवाई नहीं की है.

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

और पढ़ें