जयपुर जयपुर डेयरी में तीसरी आंख का कमाल, रुक गई चोरियां, कम हुए झगड़े !

जयपुर डेयरी में तीसरी आंख का कमाल, रुक गई चोरियां, कम हुए झगड़े !

जयपुर: देश में पहली बार किसी डेयरी में कैमरे लगाए गए. उद्देश्य था कि दूध में मिलावट की घटनाएं रुकें और कामकाज में भी पारदर्शिता आए. जयपुर सरस डेयरी की इस पहल के सार्थक परिणाम सामने आने लगे हैं. जयपुर डेयरी (jaipur dairy) में अब झगड़े, विवाद और चोरियां थम गई हैं. 

26 मई 2022 को जयपुर सरस डेयरी कार्यालय में पहली बार सीसीटीवी कंट्रोल रूम सेंटर का लोकार्पण किया गया. ऐसा देश में पहली बार किसी डेयरी कार्यालय में किया गया. यहां डेयरी परिसर और प्लांट में करीब 300 कैमरे लगाए गए हैं. जयपुर डेयरी प्रशासन का उद्देश्य यह है कि कैमरों की निगरानी के जरिए एक तरफ जहां कार्मिकों के कामकाज में पारदर्शिता दिखेगी, वहीं दूध और अन्य दुग्ध उत्पादों में होने वाली मिलावट की घटनाओं को भी रोका जा सकेगा. 

इसके लिए डेयरी के जयपुर और दौसा प्लांट में चप्पे-चप्पे पर कैमरे लगाए गए हैं. प्रत्येक हिस्से की निगरानी के लिए 24 घंटे का कंट्रोल रूम सेंटर भी बनाया गया है. कंट्रोल रूम सेंटर की निगरानी के अब सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं. जयपुर डेयरी में आए दिन होने वाली छोटी-छोटी घटनाओं को अब कैमरों की मदद से सुलझाया जा रहा है. चाहे दूध, घी चोरी की बात हो या फिर कर्मचारियों के आपसी झगड़े की. इन विवादों को सीसीटीवी फुटेज देखकर सुलझाया जा रहा है.

जानिए, कैसे सुलझ रहे डेयरी में विवाद:- 

केस- 1
- कंट्रोल रूम सेंटर के उद्घाटन से पहले 11 मई को हुई एक चोरी की घटना
- घी खरीदने आए एक व्यक्ति का किसी ने पर्स चुरा लिया
- पर्स में 7000 रुपए थे, चूंकि कैमरे लग चुके थे, ऐसे में फुटेज जांचा गया
- और महज एक घंटे में ही चोरी करने वाले एक आरोपी को पकड़ लिया गया
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केस- 2
- कंट्रोल रूम सेंटर के उद्घाटन के बाद एक दिन टेट्रा मशीन का बोल्ट खुल गया
- बोल्ट नहीं मिलने की वजह से मशीन ने काम करना बंद कर दिया
- कर्मचारियों ने बोल्ट ढूंढा तो नहीं मिला
- फिर बोल्ट खुलने के समय की फुटेज देखी गई, बोल्ट ढूंढा गया और मशीन चालू हुई

जयपुर डेयरी प्रबंधन को कैमरे लगाने के बाद से कई मामलों में राहत मिली है. दरअसल, जयपुर डेयरी में सुरक्षा गार्डों और दूध के टैंकर ले जाने वाले ड्राइवरों में आए दिन विवाद होते रहते हैं. कैमरे लगने की वजह से अब किसी भी विवाद या झगड़े के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाली जाती है. जिस भी पक्ष की गलती होती है, उसे दंडित किया जाता है. ऐसे में कर्मचारियों के हड़ताल होने की आशंका कम हो गई हैं. 

अब प्रदेश की दूसरी डेयरियां भी जानकारी ले रही:
जयपुर डेयरी में किए गए इस नवाचार को लेकर अब प्रदेश की दूसरी डेयरियां भी जानकारी ले रही हैं. प्रदेश में कुल 23 जिला दुग्ध संघ हैं. आरसीडीएफ की एमडी और प्रशासक सुषमा अरोड़ा भी इसे अन्य डेयरियों में लागू करने के लिए निर्देश दे चुकी हैं. ऐसे में आगामी समय में प्रदेश की अन्य डेयरियों में भी यह अत्याधुनिक तकनीक शुरू होने की संभावना है.
 

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