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एमएल लाठर राज्य के नए पुलिस महानिदेशक की दौड़ में सबसे आगे!

जयपुर: पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र यादव ने पद से हटने के लिए वीआरएस लेने के लिए आवेदन करने के बाद अब पुलिस महकमे के नये मुखिया की तलाश तेज हो गई है. राजस्थान पुलिस के मुखिया के लिये संभावित नामों की दौड़ में 1987 बैच के IPS अफसर मोहन लाल लाठर को सबसे आगे बताया जा रहा है. हालांकि लाठर केवल 8 माह ही डीजीपी के पद पर रहेंगे. क्योंकि मई 2021 में एमएल लाठर का रिटायरमेंट हैं. 

10 दिन पहले ही VRS के लिए दे दिया था भूपेन्द्र यादव ने आवेदन:  
वर्तमान पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह यादव ने 10 दिन पहले ही सीएम गहलोत को इस्तीफा भेज दिया था. ऐसे में अब मुख्यमंत्री गहलोत ही फैसला लेंगे कि किस तारीख को VRS मंजूर होगा और किस तारीख को लाठर डीजीपी का पदभार ग्रहण करेंगे? अब हर किसी को इन दोनों सवालों के जवाब का इंतजार है. 

भूपेन्द्र यादव के बाद अब नजरें डॉ. आलोक त्रिपाठी के उत्तराधिकारी पर:
वहीं भूपेन्द्र यादव के बाद अब डॉ. आलोक त्रिपाठी के उत्तराधिकारी पर भी नजरें है. आलोक त्रिपाठी भी 30 सितंबर को लगभग साढ़े चार साल के एतिहासिक कार्यकाल के बाद रिटायर हो रहे हैं. ऐसे में अब डीजी, एसीबी की दौड़ में केवल दो अधिकारी शामिल है. बीएल सोनी पहले स्थान पर हैं और दूसरे स्थान पर सौरभ श्रीवास्तव हैं. यदि गहलोत ने एसीबी में बनाए रखा डीजी स्तर का अधिकारी तो दौड़ में केवल बीएल सोनी दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में सोनी और दिनेश की जोड़ी गहलोत का मेंडेट लागू करेगी, और यदि एसीबी में रखा गया एडीजी स्तर का अधिकारी तो फिर सीनियर एडीजी के नाते सौरभ को ये जिम्मेदारी मिलेगी. 

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आर्थिक तंगी से पति ने खाया जहर, 5 दिन बाद नवविवाहित पत्नी ने भी की जीवन लीला समाप्त

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फतेहपुर: उत्तर प्रदेश में आर्थिक तंगी के चलते एक परिवार खाक हो गया है. प्रदेश के फतेहपुर जिले के हथगाम क्षेत्र में कथित आर्थिक तंगी से परेशान होकर पांच दिन पहले एक युवक के जहर खाकर आत्महत्या करने के बाद उसकी पत्नी ने सदमे की वजह से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है. जिसके बाद हर कोई सदमें में है. बताया जा रहा है कि अभी शादी को कुछ ही महीने हुए थे और कोरोना के कारण युवक की नौकरी चली गयी जिसके चलते वह डिप्रेशन में आ गया और अपनी जीवनलीला खत्म कर बैठा और फिर  उसकी पत्नी ने भी वही मृत्युकांड दौहरा दिया. 

हथगाम थाना के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) आदित्य सिंह ने बुधवार को बताया कि क्षेत्र के कसरांव गांव के मजरे हुलासी के पुरवा में मोनी देवी (20) नामक नवविवाहिता ने मंगलवार को अपने मायके में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इससे पहले, 15 अक्टूबर को त्योंजा गांव में उसके पति हरिमोहन (24) ने जहर खाकर खुदकुशी की थी. उन्होंने बताया कि दोनों की शादी को करीब चार महीने ही हुए थे. सिंह ने दंपति के परिजन के हवाले से बताया कि हरिमोहन मुंबई में एक निजी कंपनी में काम करता था, लॉकडाउन में कंपनी बंद होने पर वह घर लौट आया. इसी दौरान 30 जून को मोनी देवी से उसकी शादी हुई थी.

उन्होंने बताया कि आर्थिक तंगी से परेशान होकर हरिमोहन काम की तलाश में हाल ही में दिल्ली गया था, लेकिन काम न मिलने पर वापस लौट आया और 15 अक्टूबर को जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी. दूसरी ओर मोनी की मां अनारकली ने पुलिस को बताया कि दामाद के आत्महत्या करने के बाद वह बेटी को अपने साथ घर ले आयी थी. बेटी ने सदमे की वजह से खाना-पानी बंद कर दिया था और मंगलवार को उसने सूने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.

पुलिस ने बताया कि पोस्टमॉर्टम कराने के बाद मृतका का शव उसकी मां को सौंप दिया गया है. गौरतलब है कि कोरोना महामारी ना जाने ऐसी कितनी ही जिंदगीयों को काल का ग्रास बना चुकी है और आगे भी शायद इसी तरह की घटनाएं घटित होती रहेंगी क्योंकि ये बीमारी देश-दुनिया की कमर तोड़ चुकी है जिससे मध्यमवर्ग और निचले तबके बुरी तरह से प्रभावित हुए है. बीमारी के प्रभावों से निपटने का आत्महत्या कोई हल नहीं है इससे बेहतर है परिस्थिती का दिलेरी से सामना किया जाए.  (सोर्स-भाषा)

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आबूरोड: एक ट्रक चालक ने दूसरे ट्रक चालक के पैर पर चढ़ाया ट्रक, साइड व ओवर टेक को लेकर हुआ था विवाद

आबूरोड: एक ट्रक चालक ने दूसरे ट्रक चालक के पैर पर चढ़ाया ट्रक, साइड व ओवर टेक को लेकर हुआ था विवाद

आबूरोड(सिरोही): फोरलेन हाईवे 27 पर मावल के समीप दो ट्रक चालकों में साइड को लेकर विवाद हो गया. दोनों ट्रक चालक मावल से सटी अमीरगढ़ सरहद के पास पहुंचे. जहां दोनों चालकों में फिर विवाद हो गया. इस पर एक ट्रक चालक ने दूसरे ट्रक चालक पर ट्रक चढ़ा दिया. नतीजतन, ट्रक चालक के दोनों पैर बुरी तरह से जख्मी हो गए. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ट्रक चालक वाहन को वहीं छोडक़र फरार हो गया. घटना की जानकारी मिलने पर अमीरगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची. घायल को पालनपुर चिकित्सालय ले जाया गया. जहां उसकी हालत चिंताजनक होने पर उसे उपचार के लिए अहमदाबाद रेफर कर दिया गया.

ओवरटेक के चलते दोनों वाहनों के चालकों के बीच विवाद हो गया: 
राजस्थान से गुजरात की जा रहे लोहे के एंगल से भरे ट्रक आरजे 01 जीबी 5619 व दूसरा ट्रक जीजे 02 एक्स एक्स 5412  आबूरोड पहुंचा. मावल के समीप नवदीप होटल के पास ओवरटेक के चलते दोनों वाहनों के चालकों के बीच विवाद हो गया. दोनों वाहन मावल सरहद से सटी अमीरगढ़ बॉर्डर पर पहुंचे. अमीरगढ़ बॉर्डर के पास दोनों ट्रक चालकों में फिर विवाद हो गया. दोनों आपस में बुरी तरह से उलझ गए. इसी दौरान ट्रक चालक ने लोहे के एंगल से भरे ट्रक चालक पर ट्रक चढ़ा दिया. जिससे राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम तहसील के मंडावत निवासी गोविंद सिंह (46) पुत्र माखन सिंह राजपूत के दोनों पैर बुरी तरह से जख्मी हो गए. चीख-पुकार सुनकर अमीरगढ़ पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे. लेकिन, तब तक वारदात को अंजाम देकर आरोपी ट्रक चालक वाहन छोडक़र फरार हो गया. 

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फरार आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज:
बुरी तरह से जख्मी गोविंद सिंह को उपचार के लिए पालनपुर चिकित्सालय भेजा गया. लेकिन, उसकी हालत चिंताजनक होने पर उसे उपचार के लिए अहमदाबाद रेफर कर दिया गया. अमीरगढ़ पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाले फरार आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

दुनिया का हर छठा बच्चा घोर गरीबी में, Covid-19 से यह संख्या बढ़ने की आशंका : UNICEF

दुनिया का हर छठा बच्चा घोर गरीबी में,  Covid-19 से यह संख्या बढ़ने की आशंका : UNICEF

संयुक्त राष्ट्र: कोविड-19 महामारी शुरू होने से पहले दुनिया का हर छठा बच्चा (करीब 35.6 करोड़) घोर गरीबी में जीवनयापन कर रहा था और यह स्थिति और खराब होने की आशंका है. यह आकलन विश्व बैंक और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ) की नवीनतम विश्लेषण रिपोर्ट में किया गया है. ‘ग्लोबल एस्टीमेट ऑफ चिल्ड्रेन इन मॉनिटरी पॉवर्टी ऐन अपडेट’ नाम से जारी रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है कि उप सहारा क्षेत्र जहां पर सीमित समाजिक सुरक्षा ढांचा है , वहां दो तिहाई बच्चे ऐसे परिवारों में रहते हैं जो रोजाना 1.90 डॉलर या इससे कम राशि पर जीवनयापन करते हैं, जो विश्व मानकों के तहत घोर या अत्याधिक गरीबी की श्रेणी में आता है. वहीं दक्षिण एशिया में घोर गरीबी में रहने वाले बच्चों का पांचवां हिस्सा (करीब 20 प्रतिशत) निवास करता है. 

रिपोर्ट में किए गए विश्लेषण के मुताबिक वर्ष 2013 से 2017 के बीच घोर गरीबी में जीवनयापन करने वाले बच्चों की संख्या में 2.9 करोड़ की कमी आई है हालांकि, यूनीसेफ और विश्व बैंक समूह ने चेतावनी दी है कि हाल के वर्षों में की गई प्रगति की गति मंद है और असमान वितरण वाली अर्थव्यवस्था और महामारी की वजह से पड़ने वाले असर की वजह से खतरे में है. यूनीसेफ के कार्यक्रम निदेशक संजय विजेसेकरा ने कहा कि हर छह में से एक बच्चा गंभीर गरीबी में जीवनयापन कर रहा है और हर छह बच्चों में से एक बच्चा जीने के लिए संघर्ष कर रहा है. उन्होंने कहा कि यह संख्या ही किसी को भी हिला सकती है और महामारी की वजह से जो वित्तीय संकट आया है उससे यह संख्या और विभिषीका और विकराल रूप ही लेगी.

सरकारों को तुरंत बच्चों को इस संकट से उबारने की योजना बनाने की जरूरत है ताकि असंख्य बच्चों और उनके परिवारों को घोर गरीबी में जाने से रोका जा सके. विजेसेकरा ने कहा कि दुनिया की कुल आबादी में बच्चों की हिस्सेदारी एक तिहाई है लेकिन दुनिया में घोर गरीबी में जीवनयापन करने वालों में 50 प्रतिशत की हिस्सेदारी बच्चों की है.  इसके साथ ही वयस्क के मुकाबले उनके घोर गरीबी में जाने की आशंका दोगुनी है.रिपोर्ट के मुताबिक सबसे कम उम्र के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हैं और विकासशील देशों में पांच साल से कम उम्र के करीब 20 प्रतिशत बच्चे घोर गरीबी में जीवनयापन कर रहे हैं.विश्व बैंक में वैश्विक गरीबी और समानता मामलों की निदेशक कैरोलिना सैनचेज परामो ने कहा कि यह तथ्य है कि छह में से एक बच्चा घोर गरीबी में रह रहा है और दुनिया में अत्याधिक गरीबों में बच्चों की संख्या 50 प्रतिशत है.

कोविड-19 महामारी शुरू होने से पहले भी यह हमारे लिए गंभीर चिंता का विषय रहा है. उल्लेखनीय है कि उप सहारा क्षेत्र को छोड़कर दुनिया के विभिन्न हिस्सों में वर्ष 2013 से 2017 के बीच बच्चों में अत्याधिक गरीबी में कमी देखने को मिली थी. उप सहारा क्षेत्र में घोर गरीबी में रहने वाले बच्चों की संख्या में 6.4 करोड़ की वृद्धि हुई और यह वर्ष 2013 के 17 करोड़ के मुकाबले वर्ष 2017 में 23.4 करोड़ हो गया है. अस्थिर और संघर्षरत देशों में घोर गरीबी में रहने वाले बच्चों की संख्या ज्यादा है जहां 40 प्रतिशत से अधिक बच्चे घोर गरीबी में जीवनयापन कर रहे हैं जबकि अन्य देशों में यह संख्या 15 प्रतिशत के करीब है. (सोर्स-भाषा)

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तालाब में डूबे एक ही परिवार के चार बच्चें, मौत

तालाब में डूबे एक ही परिवार के चार बच्चें, मौत

ललितपुर/लखनऊ: उत्तर प्रदेश से ह्रदयविदारक घटना सामने आई है. प्रदेश के ललितपुर जिले के पूराकलां क्षेत्र में खेत में बने तालाब में डूबने से एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत हो गयी है.  परिजनों ने  परिवार के ही एक व्यक्ति से जमीन संबंधी विवाद चलने की बात बताई है और दावा किया है कि ये उसी शख्स का काम है. ऐसे में हत्या की आशंका भी जताई जा रही है. घटना के बाद राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख प्रकट किया है.

ललितपुर जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कैप्टन मिर्ज़ा मंजर बेग ने बुधवार को बताया कि जिले के मजरे मातेरा गांव में मंगलवार की शाम मुकुंदीलाल के बेटे रवींद्र (11), बृजेन्द्र (सात) और उसके सगे भाई सन्तोष के बेटे अरविंद (आठ) तथा नरेंद्र (सात) के शव खेत में मत्स्य पालन के लिए खोदे गए तालाब में पाए गए है.

उन्होंने बताया कि शाम करीब साढ़े चार बजे चारों बच्चे खेतों से मवेशी भगाने गए थे. प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि चारों बच्चे एक-दूसरे को बचाने की कोशिश करने के दौरान गहरे पानी में डूब गए है.  शवों का  पोस्टमॉर्टम करवाके परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा.

बहरहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है. इस बीच, राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस घटना में एक ही परिवार के चार बच्चों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को पीड़ित परिवार को अनुमन्य आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने के निर्देश दिए हैं. फिलहाल मामले की जांच की जा रही है. (सोर्स-भाषा)

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जोधपुर: नाबालिक बच्ची के साथ छेड़छाड़ के मामले में 11 महीने से न्याय नहीं मिलने से आहत पूरा परिवार 10 दिन से बैठा धरने पर

जोधपुर: नाबालिक बच्ची के साथ छेड़छाड़ के मामले में 11 महीने से न्याय नहीं मिलने से आहत पूरा परिवार 10 दिन से बैठा धरने पर

फलोदी(जोधपुर): एक तरफ तो सरकार बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ को लिए नारा दे रही है वहीं दूसरी ओर फलोदी के चाखु थाना क्षेत्र के हनुमान सागर गांव में स्थित राजकीय विद्यालय में पढ़ाई करने वाली छात्रा से उसी विद्यालय के शिक्षक द्वारा छेड़खानी करने का मामला दर्ज होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित परिवार का धरना मंगलवार को दसवें दिन भी जारी रहा. घटना आज से 11 महीने पहले की बताई जा रही है. आपको बता दें की पीड़ित परिवार ने कई बार उच्च अधिकारियों के चक्कर भी काटे लेकिन अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है. 

पीड़ित परिवार उच्चाधिकारियों के पास चक्कर काटता रहा:  
वही पीड़ित परिवार ने जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक फलोदी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व उप पुलिस अधीक्षक फलोदी उच्चाधिकारियों के पास चक्कर काटता रहा लेकिन न्याय नही मिला. वहीं पीड़ित के पिता बुधाराम ने बताया कि एक तरफ सरकार बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा लगा रही वही दूसरी ओर बेटी पर शिक्षक द्वारा अत्याचार करने बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है.

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11 माह बीतने के बावजूद न्याय नही मिल रहा:
बताया जा रहा है कि आरोपी शिक्षक का भाई थानाधिकारी पद पर कार्यरत होने की वजह से इस मामले में बेटी को 11 माह बीतने के बावजूद न्याय नही मिल रहा है. वहीं पीड़ित का पूरा परिवार आज दसवें दिन भी अनशन व भूख हड़ताल पर है. जिसमे उसके छोटे बच्चे भी शामिल है. पीड़ित के पिता ने कहा कि चाहे मेरे पूरे परिवार की जान भी चली जाए जब तक आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार नही किया जाएगा तब तक अनशन व भूख हड़ताल जारी रहेगी. 

कमला हैरिस के जन्मदिन पर पार्टी प्रमुख बाइडेन का ऐलान, अगला जन्मदिन व्हाइट हाउस में

कमला हैरिस के जन्मदिन  पर पार्टी प्रमुख बाइडेन का ऐलान, अगला जन्मदिन व्हाइट हाउस में

ऐरी:  अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी की उपराष्ट्रपति उम्मीदवार कमला हैरिस मंगलवार को 56 साल की हो गई है और इस मौके पर पार्टी के राष्ट्रपति पद उम्मीदवार जो बाइडेन ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उनका अगला जन्मदिन हम व्हाइट हाउस में मनाएंगे. बाइडेन ने इस मौके को स्पेशल बताते हुए अपने ट्विटर अकाउंट से एक तस्वीर भी साझा की जिसमें दोनों हाथ मिलाते दिख रहे हैं.

उन्होंने ट्वीट किया कि कमला हैरिस को जन्मदिन की बधाई. अगले साल आइसक्रीम के साथ इस दिन को व्हाइट हाउस में मनाएंगे. उल्लेखनीय है कि अगस्त में बाइडेन ने कमला हैरिस को उप राष्ट्रपति पद उम्मीदवार के तौर पर नामित किया था. जिसके बाद हर कोई हैरान था. आपको बता दे कि अगर कमला हैरिस निर्वाचित होती हैं तो वह अमेरिका की पहली महिला उप राष्ट्रपति होंगी. 

बाइडेन अगले महीने अपना 78वां जन्मदिन मनाएंगे. हैरिस ने कहा कि जन्मदिन पर उनकी इच्छा है कि सभी लोग घरों से बाहर निकलकर मतदान करें. हैरिस की भांजी मीना हैरिस का जन्मदिन भी 20 अक्टूबर को ही पड़ता है और इस मौके पर उन्होंने अपनी भांजी को भी बधाई दी है. सारी दुनिया की नजरें अमेरिका के आगामा चुनावों की ओर टिकी हुई है. (सोर्स-भाषा)

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61 वें पुलिस शहीद दिवस पर राजस्थान पुलिस अकादमी में शहीद पुलिस कर्मियों को दी गयी श्रद्धांजली

जयपुर: 61 वें पुलिस शहीद दिवस पर आज राजस्थान पुलिस अकादमी में शहीद पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजली दी गयी. डीजीपी एमएल लाठर सहित विभाग के पुलिसकर्मियों व रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों ने शहीद पुलिसकर्मियो को श्रद्धांजली देकर शहीदों के प्रति श्रद्धाभाव व्यक्त किये. 

पदनाम व उनके नाम को बोलकर उनको सम्मान दिया: 
समारोह में राजस्थान के डीजीपी एमएल लाठर ने देश के सभी राज्य व केन्द्र शासित प्रदेशों व अर्द्ध सैन्य बलों के शहीद होने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के पदनाम व उनके नाम को बोलकर उनको सम्मान दिया. इसके बाद डीजीपी एमएल लाठर, रिटायर्ड डीजीपी कपिल गर्ग, डीजी जेल राजीव दासोत, DG एसीबी बीएल सोनी, पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजयपाल लाम्बा ओर राहुल प्रकाश ने शहीद स्थल पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी. परेड में भाग ले रहे पुलिस अधिकारियों व कर्मियों ने शोक शस्त्र करके सिर झुका कर दो मिनिट का मौन धारण कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी. परेड में शामिल पुलिस बैण्ड ने लास्ट पोस्ट व राउज/रिवेली की धुन बजायी. शहीद दिवस परेड में शामिल पुलिस कर्मियों ने तीन-तीन राउन्ड फायर किये. 

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इस वजह से मनाया जाता है शहीद दिवस:
आपको बता दे कि 21 अक्टूबर 1959 को सी.आर.पी.एफ. के पुलिस अधिकारी श्री करम सिंह के नेतृत्व में 20 जवानों की पुलिस टोली पर हॉट स्प्रिंग्स, लद्दाख में 16,000 फीट की ऊंचाई पर विषम परिस्थितियों में गश्त के दौरान चीन की सेना द्वारा घात लगाकर हमला किया गया. इस आक्रमण में पुलिस के 10 जवान वीर गति को प्राप्त हुए. इन वीरों के बलिदान को स्मरण करने व उनसे प्रेरणा ग्रहण करने के उद्देश्य से हर साल 21 अक्टूबर को अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए शहीद हुए पुलिस के शुरवीरों की स्मृति में सम्पूर्ण देश में पुलिस शहीद दिवस मनाया जाता है. 

एलएसी क्रास कर लद्दाख के डेमचोक सेक्टर में आए चीनी सैनिक की वतन वापसी

एलएसी क्रास कर लद्दाख के डेमचोक सेक्टर  में आए चीनी सैनिक की वतन वापसी

नई दिल्ली/बीजिंग:  पूर्वी लद्दाख के डेमचोक सेक्टर में सोमवार को भारतीय सेना ने एक चीनी सैनिक को पकड़ने के मामले में नया मोड़ आया है. असल में द्वारा पकड़े गये चीनी सैनिक को चीन को सौंप दिया गया है. जिसकी जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी है.  सूत्रों ने बताया कि पूर्वी लद्दाख में चुशुल-मोल्दो सीमा बिंदु पर मंगलवार की रात को कॉरपोरल वांग या लॉन्ग को चीनी सेना को सौंप दिया गया है. 

उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने पूर्वी लद्दाख में पकड़े गए एक चीनी सैनिक को बुधवार को चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को सौंप दिया है. भारतीय सेना ने सोमवार को एक बयान में कहा था कि डेमचोक सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के इस पार एक चीनी सैनिक को पकड़ा गया है. पकड़े गए सैनिक की पहचान चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के कॉरपोरल वांग या लॉन्ग के रूप में हुई है और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें चुशुल-मोल्दो सीमा पर चीनी सेना को सौंप दिया जाएगा.

बीजिंग में चीनी रक्षा मंत्रालय के एक बयान में कहा गया कि चीन और भारत के बीच प्रासंगिक समझौते के अनुसार रविवार को चीन-भारत सीमा के पास लापता हुए याक को खोजने में स्थानीय चरवाहों की मदद करते हुए गायब हुए चीनी पीएलए सैनिक को भारतीय सेना ने चीनी सीमा पर तैनात सैनिकों को 21 अक्टूबर, 2020 को तड़के सौंप दिया है. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मई में शुरू हुए सीमा गतिरोध के बाद से ही दोनों सेनाओं ने क्षेत्र में सैनिकों की भारी तैनाती कर रखी है.

पीएलए के वेस्टर्न थिएटर कमांड के प्रवक्ता, वरिष्ठ कर्नल झांग शुइली ने सोमवार रात एक बयान में कहा था कि चीन को उम्मीद है कि भारत 18 अक्टूबर की शाम को चीन-भारत सीमा क्षेत्रों में लापता हुए चीनी सैनिक को जल्द ही सौंप देगा.भारतीय और चीन, दोनों सेनाओं ने डेमचोक सेक्टर समेत पूर्वी लद्दाख में एलएसी के पास अपने 50,000 से अधिक सैनिकों को तैनात किया है.

इस बीच भारत और चीन इस हफ्ते के अंत में पूर्वी लद्दाख में सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया पर अपनी चर्चा को आगे बढ़ाने पर ध्यान देने के साथ कोर कमांडर-स्तरीय सैन्य वार्ता का एक और दौर आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं. दोनों पक्षों ने अब तक सीमा गतिरोध पर उच्च स्तरीय सैन्य वार्ता के सात दौर आयोजित किए हैं. सातवें दौर की वार्ता 12 अक्टूबर को हुई थी. मगर अब तक टकराव स्थलों से सैनिकों को पीछे हटाने के मुद्दे पर कोई सफलता नहीं मिली है. (सोर्स-भाषा)

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