जयपुर मंत्री पुत्र प्रकरण का एक "साइड इफेक्ट" ? ऐसे में सूत्रों की माने तो जोशी उठा सकते कोई बड़ा कदम

मंत्री पुत्र प्रकरण का एक "साइड इफेक्ट" ? ऐसे में सूत्रों की माने तो जोशी उठा सकते कोई बड़ा कदम

जयपुर: राजस्थान सरकार में जलदाय मंत्री डॉ. महेश जोशी (Mahesh Joshi) के बेटे और जयपुर के युवा कांग्रेसी नेता रोहित जोशी (Rohit Joshi) विवादों में फंस गए हैं. महेश जोशी की अभी तक एक स्वच्छ और ईमानदार राजनेता की छवि रही है. लेकिन इस सारे घटनाक्रम से उनकी और गहलोत सरकार की छवि को धक्का लगा है. ऐसे में सूत्रों की माने तो जोशी कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं. वो पुत्र पर लगे आरोपों की जांच पूरी होने तक मंत्रिमंडल से अलग होने का कदम उठा सकते हैं. लेकिन इस बारे में अभी तक उन्होंने कोई अंतिम फैसला नहीं लिया.  

वहीं दूसरी ओर भाजपा ने अभी से 2023की तैयारियां शुरू कर दी है! भाजपा की ओर से चुन-चुन कर मुद्दे उठाए जा रहे हैं. करौली और अलवर के बाद अब मंत्री पुत्र का मुद्दा उठाया है. इसी बीच कल रात 12:30 बजे महेश जोशी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की और इस सारे प्रकरण में अपना पक्ष रखा. इन सारे प्रकरणों में एक खास बात देखने को मिल रही है. इस बार रीजनल चैनल्स के बजाय नेशनल चैनल्स ज्यादा जोर-शोर से मुद्दे उठा रहे हैं और इस प्रकार भाजपा की चुनावी रणनीति के तहत गहलोत सरकार की छवि को नुकसान हो रहा है. सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में ऐसे मामलों की संख्या और बढ़ सकती है. 

रोहित पर रेप और ब्लैकमेलिंग के अलावा शारीरिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगे: 
आपको बता दें कि मंत्री के बेटे पर दिल्ली में दक्षिणी इलाके में सदर बाजार थाने में एक जीरो FIR दर्ज की गई है. जिसमें रोहित पर रेप और ब्लैकमेलिंग के अलावा शारीरिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. मंत्री के बेटे के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.  दिल्ली से यह मामला सवाई माधोपुर (Sawai Madhopur) के महिला थाने को भेजा गया है.  

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