Jaipur: पुलिस इंस्पेक्टर की वर्दी पहन ठगी की वारदातों को अंजाम देने वाला अन्तर्राज्यीय ठग गिरफ्तार, जानिए लोगों को कैसे बनाता था शिकार

Jaipur: पुलिस इंस्पेक्टर की वर्दी पहन ठगी की वारदातों को अंजाम देने वाला अन्तर्राज्यीय ठग गिरफ्तार, जानिए लोगों को कैसे बनाता था शिकार

जयपुर: राजधानी की झोटवाड़ा थाना पुलिस ने एक ऐसे मास्टर मांइड को गिरफ्तार किया है. जो पुलिस इंस्पेक्टर की वर्दी पहन ठगी की वारदातों को अंजाम देता है. फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर कालू उर्फ राहुल शेखावत को जब गिरफ्तार किया गया और उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास जयपुर पुलिस इंस्पेक्टर, आबकारी पुलिस इंस्पेक्टर और एन्टी करप्शन ब्यूरो इंसपेक्टर के कार्ड भी बरामद हुए. 

- फर्जी इंस्पेक्टर "नटरवरलाल"  
- झोटवाडा थाना पुलिस की गिरफ्त में अन्तर्राज्यीय ठग
- पुलिस इंस्पेक्टर की वर्दी पहन कर देता है वारदात को अंजाम
- दस से अधिक आईडी भी हुए ठग राहुल शेखावत से बरामद
- प्रदेश के थानों में दर्ज है 21 से अधिक ठगी के मुकदमे
- पुलिसकर्मियों की नजरों को भी दे देता है धोखा

जरा गौर से देखिए इस शक्स को..वर्दी में देखकर आप भी इसे पुलिस इंस्पेक्टर ही समझेंगे..लेकिन ये शक्स पुलिस इंस्पेक्टर नही बल्कि मास्टरमाइंड अर्न्तराज्य ठग है..जो की पुलिस इंस्पेक्टर की वर्दी पहन ठगी की वारदात को अंजाम देता है. पुलिस इंस्पेक्टर की वर्दी पहन कर ये शातिर ठग झोटवाड़ा थाना इलाके की एक बडी दुकान पर पहुंच गया और वहां अपने आप को रिर्जव पुलिस लाइन में तैनात होना बताया और पुलिस लाइन की मैस के नाम पर दस लाख रुपए के सामान का ऑर्डर भी दे दिया. आरोपी ने किराणा संचालक को बताया कि पुलिस लाईन मैस मे हर रोज 5000 जवान खाना खाते हैं. उसने बताया कि पुलिस लाईन चांदपोल, पुलिस लाईन जलमहल के लिये राशन चाहिए. 

यही नहीं आरोपी ने तीन लेटर जिसके साथ राशन की सूची भी दे गया. तीनो लेटर कार्यालय रिजर्व पुलिस लाईन चांदपोल के लेटरपेड के थे. जिन पर नीचे जिला पुलिस अधीक्षक जयपुर शहर की सील भी लगी हुई थी. आरोपी के हावभाव देखकर किराणा संचालक को शक हुआ और उसने परिचित पुलिसवालों से पता करवाया तो सभी ने राहुल शेखावत नाम के पुलिस इन्सपेक्टर को पहचानने से मना कर दिया. जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर परिवादी द्वारा बताये समय अनुसार फर्जी इंस्पेक्टर को पकड़ने के लिए जाल बिछाया. जिसे आज वर्दी में परिवादी की दुकान पर सामान की डिलेवरी लेने के लिए आने पर टीम द्वारा घेराबंदी कर पकडा गया. पुलिस को फर्जी इंस्पेक्टर के कब्जे से चार पुलिस वर्दी, एसीबी इंस्पेक्टर, पुलिस इंस्पेक्टर और आबकारी इंस्पेक्टर के फर्जी आईडी मिले. इसके अलावा सचिव राजभवन, एनआईए, अतिरिक्त महानिदेशक भ्रष्टाचार निरोधक ब्युरो जोधपुर, अतिरिक्त महानिदेशक भ्रष्टाचार निरोधक ब्युरो जयपुर, आयुक्त राजस्थान आबकारी विभाग उदयपुर, उपायुक्त राजस्थान आबकारी विभाग उदयपुर, पुलिस अधीक्षक बाडमेर,आयुक्त राजस्थान पुलिस जयपुर, जिला पुलिस अधीक्षक जयपुर शहर की सील और मोहर भी बरादम की गई. 

जब पकड़ा गया तो उसने असली पुलिस टीम पर भी अपना रौब झाड़ा:
फर्जी इंस्पेक्टर कालू उर्फ राहुल शेखावत जब पकड़ा गया तो उसने असली पुलिस टीम पर भी अपना रौब झाड़ा. उसने पुलिसकर्मियों से रौब झाड़ते हुए कहा कि "मैं एसीबी इंस्पेक्टर राहुल शेखावत हूँ. आप मुझे जानते नहीं मैं तुम्हारा बुरा करवा दूंगा. इसके बाद आरोपी भागने लगा. जिसको स्पेशल टीम के सदस्यों ने काबू में किया. पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पूर्व मे भी ठगी के 20-21 मामलो मे गिरफ्तार हो चुका है. पुलिस टीम द्वारा पूछताछ में आरोपी ने खुद को पूर्व मे बोर्डर होमगार्ड गंगानगर मे ड्यूटी होना बताया. पैसों के लालच के चक्कर 2015 से 2019 तक आर्मी, पुलिस व आबकारी मे नौकरी लगाने के नाम पर पंजाब, हरियाणा व राजस्थान में अलग-अलग 19 से 20 मुकदमों में गिरफ्तार हुआ था. आरोपी की जमानत होने के बाद स्वयं की टीम बना कर राजस्थान में अलग-अलग जिलों में नौकरी लगाने के नाम ठगी की वारदात की गई. जिसमें आरोपी इंस्पेक्टर की वर्दी लगा कर भोले भाले लोगों से मुलाकात करता और उनको झांसे में लेकर उनके साथ ठगी करता.

शातिर नटवरलाल एक बार फिर पुलिस की गिरफ्त में आ चुका:
बहरहाल शातिर नटवरलाल एक बार फिर पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है. अब देखना होगा कि इस बार की सजा से ये आरोपी अपने आप को बदल पायेगा या फिर हमेशा की तरह जेल से छूटते ही फिर इसी गोरखधंधे में लिप्त हो जाएगा. 

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