जयपुर में कल से पब्लिक ट्रांसपोर्ट में आ सकती बड़ी परेशानी, लंबित मांगों को लेकर लो-फ्लोर बसों के कर्मचारी कल से हड़ताल पर

जयपुर में कल से पब्लिक ट्रांसपोर्ट में आ सकती बड़ी परेशानी, लंबित मांगों को लेकर लो-फ्लोर बसों के कर्मचारी कल से हड़ताल पर

जयपुर में कल से पब्लिक ट्रांसपोर्ट में आ सकती बड़ी परेशानी, लंबित मांगों को लेकर लो-फ्लोर बसों के कर्मचारी कल से हड़ताल पर

जयपुर: यदि आप कल लो-फ्लोर बस में बैठकर ऑफिस या कही जाना चाहते हैं तो ये खबर आपके लिए हैं. कल से शहरी परिवहन की रीढ की हड्डी कही जाने वाली करीब 290 लो-फ्लोर बसों के पहिये थम जाएंगे. सातवां वेतनमान, एरियर बोनस सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रही जेसीटीएसएल एम्पलॉय यूनियन ने गुरुवार से हड़ताल की घोषणा कर दी हैं. ऐसे में शहर में कल से 289 से अधिक लो फ्लोर बसें नहीं चलेंगी. इससे रोजाना 2 लाख लोग परेशान होंगे और सरकार को प्रतिदिन 25 लाख का नुकसान होगा. 

बता दें कि कर्मचारी विभिन्न मांगों को लेकर सप्ताहभर से बगराना, विद्याधरनगर डिपो पर लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. जेसीटीएसएल प्रशासन ने कर्मचारी यूनियन से अब तक वार्ता नहीं की, इसलिए कर्मचारियों में आक्रोश है. बसों की हड़ताल जारी रही तो 23 एवं 24 अक्टूबर को होने वाली पटवार परीक्षा के अभ्यर्थियों को भी परेशानी होगी. 

कर्मचारियों को नियमित किया जाए:
यूनियन के अध्यक्ष विपिन चौधरी ने बताया कि सातवां वेतनमान दें, एरियर बोनस का भुगतान हो. ऑफिस में लगे कंडक्टरों को हटाया जाए. कर्मचारियों को नियमित किया जाए. बगराना डिपो में 8 घंटे से अधिक की ड्यूटी लेने की व्यवस्था खत्म हो....यूनियन का कहना है कि सातवें वेतनमान पर 25 लाख रुपए प्रतिमाह भार आएगा. यह राशि एक दिन के राजस्व जितनी है. एरियर से 15 करोड़ का भार आएगा जबकि कंडक्टर प्रति माह 7 करोड़ का राजस्व ला रहे हैं. 2013 में नियुक्त 44 कर्मी 8 साल बाद भी प्रोबेशन पर हैं, उन्हें नियमित नहीं किया जा रहा है. 

...फर्स्ट इंडिया न्यूज के लिए जयपुर से शिवेंद्र परमार की रिपोर्ट

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