जैसलमेर Jaisalmer: सेक्सटॉर्शन में फंसाने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अश्लील वीडियो कॉल कर ब्लैकमेल करने का आरोपी गिरफ्तार; एक किशोर को किया निरुद्ध

Jaisalmer: सेक्सटॉर्शन में फंसाने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अश्लील वीडियो कॉल कर ब्लैकमेल करने का आरोपी गिरफ्तार; एक किशोर को किया निरुद्ध

Jaisalmer: सेक्सटॉर्शन में फंसाने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अश्लील वीडियो कॉल कर ब्लैकमेल करने का आरोपी गिरफ्तार; एक किशोर को किया निरुद्ध

जैसलमेर: जिले में सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो कॉल कर ब्लैकमेल करने के मामले सामने आ रहे हैं. अश्लील वीडियो कॉल कर ब्लैकमेल करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी गिरफ्तार किया. वहीं एक नाबालिग को निरुद्ध किया है. गिरोह के लोग नाबालिग से फोन करवाकर लोगों को फंसाते थे. जैसलमेर पुलिस ने दोनों को हरियाणा से पकड़ा है.

एसपी भंवर सिंह नाथावत ने बताया कि पीड़ित ने रिपोर्ट में बताया था कि 22 अगस्त को उसके व्हाट्सएप नंबर पर रोहतक निवासी कीर्ति आहूजा के नंबर से मैसेज आया था. अगले दिन उसी नंबर से अश्लील मैसेज और वीडियो कॉल आया. वीडियो कॉल कर न्यूड वीडियो बनाकर धमकी देकर रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए थे. जांच के बाद साइबर सेल की मदद से हरियाणा के रहने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी अंसार अहमद पुत्र कबीर अहमद को गिरफ्तार किया. एक बाल अपचारी को भी निरुद्ध किया गया है.

साइबर सेल और पुलिस की स्पेशल टीम बनाई:
एसपी ने बताया कि थानाधिकारी रामगढ़ प्रेमाराम के नेतृत्व में थाना स्तर और साइबर सेल से एसआई मुकेश बीरा समेत चुनिंदा पुलिसकर्मियों की एक स्पेशल टीम बनाई गई. टीम ने तकनीकी सहायता से प्राप्त नंबरों की पड़ताल की. बैंक खातों में जानकारी कर हरियाणा, उत्तर प्रदेश, अलवर, जयपुर, सवाई माधोपुर और भरतपुर जिले में तलाश की. 10 दिनों तक अलग-अलग जगह कैंप कर हरियाणा से आरोपी अंसार अहमद और एक नाबालिग को पकड़ने में कामयाबी हासिल की.

आवाज पतली होने के कारण बच्चों से कराते कॉल:
साइबर सेल के एसआई मुकेश बीरा ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि भरतपुर और हरियाणा के मेवात आदि इलाकों में 15 से 17 साल के बीच के बच्चों को पीड़ित से बात करवा कर सेक्सटॉर्शन में फंसाया जाता है क्योंकि इस उम्र के बच्चों की आवाज पतली और महिलाओं के जैसी होती है. इस वजह से लोग झांसे में आ जाते हैं और अपनी गाढ़ी कमाई ऐसे लोगों को दे देते है. यह गिरोह संगठित गिरोह के रूप में काम करता है. जिसमें वीडियो बनाने वाले, बैंक का खाता खोलने वाले, मोबाइल उपलब्ध कराने वाले व सिम उपलब्ध कराने वाले अलग अलग व्यक्ति होते है, जो आपस में एक दूसरे से कनेक्ट होते हैं.

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