1 जुलाई को खुलेगा जन जन की आस्था का प्रतीक लोकदेवता रामदेव बाबा का दरबार

1 जुलाई को खुलेगा जन जन की आस्था का प्रतीक लोकदेवता रामदेव बाबा का दरबार

1 जुलाई को खुलेगा जन जन की आस्था का प्रतीक लोकदेवता रामदेव बाबा का दरबार

जयपुर: राज्य सरकार द्वारा अनलॉक (unlock-3) की प्रक्रिया शुरू करने के साथ ही हाल ही में जारी की गई गाइड लाइन में सभी धार्मिक स्थलों और मंदिरों को शाम 4 बजे तक खोलने के आदेश दिए गए हैं. वहीं पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े मंदिर बाबा रामदेव समाधि परिसर (ramdevra) पर अभी भी ताले लगे हैं. सरकार के आदेशों के बावजूद जिला कलेक्टर द्वारा बाबा रामदेव की समाधि परिसर को 1 जुलाई को खोलने के निर्देश दिए हैं. 76 दिन बाद मंदिर में भक्त दर्शन कर सकेंगे. जिसके चलते सभी व्यापारियों की निगाह इन दिनों बाबा रामदेव की समाधि के खुलने पर टिकी हुई है. वहीं स्थानीय लोगों के साथ साथ व्यापारियों द्वारा भी संपूर्ण तैयारियां कर ली है.

राज्य सरकार की तरफ से धार्मिक स्थल खोलने की अनुमति देने के पश्चात पश्चिमी राजस्थान का सबसे बड़ा आस्था स्थल बाबा रामदेव समाधि स्थल को खोलने को लेकर बाबा रामदेव समाधि समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. जिसमें सरकारी गाइडलाइन के अनुसार धार्मिक स्थल खोलने के दौरान आवश्यक सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण की गई. समाधि स्थल व उसके आसपास के संपूर्ण परिसर को सैनेटाइज किया गया. वहीं दो व्यक्तियों के बीच कम से कम 6 फीट की दूरी हो इसके लिए जगह-जगह अलग स्थानों पर गोल घेरे भी बनाए गए. इसके अलावा तापमान मापने के लिए मशीन लाकर तापमान लेने का रिहर्सल किया गया. 

बाबा के भक्त गण भी समाधि स्थल को खोलने को लेकर काफी उत्साहित: 
गौरतलब है कि जिला कलेक्टर की तरफ से अनुमति मिलने के पश्चात बाबा रामदेव समाधि स्थल के पट खोल दिया जाएगा. इससे पूर्व समाधि समिति की तरफ से सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई है. समाधि समिति की सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण है अब समाधि समिति जिला प्रशासन की तरफ से आदेश मिलने का इंतजार कर रही है. देश भर में रहने वाले बाबा के भक्त गण भी समाधि स्थल को खोलने को लेकर काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं. इस अवसर पर बाबा रामदेव समाधि समिति के अध्यक्ष गादीपति राव भोमसिंह तंवर, सरपंच समंदरसिंह तंवर, उपसरपंच खीवसिंह तंवर, अभयसिंह तंवर, दौलतसिंह, मगसिंह, प्रयागसिंह, समाधि समिति व्यवस्थापक कपिल छंगाणी, कमल छंगाणी सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे.

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