जैसलमेर लॉकडाउन खत्म होने तक जैसलमेर में ही रहेंगे 53 कश्मीरी छात्र, जम्मू-कश्मीर सरकार ने लेने से मना किया

लॉकडाउन खत्म होने तक जैसलमेर में ही रहेंगे 53 कश्मीरी छात्र, जम्मू-कश्मीर सरकार ने लेने से मना किया

जैसलमेर: ईरान से एयरलिफ्ट कर जैसलमेर के मिलिट्री स्टेशन में क्वारेंटाइन में रखे गए भारतीय नागरिकों में से अब तक कोरोना पॉजिटिव भारतीयों की संख्या 17 तक पहुंच गई है. यह जानकारी प्रशासनिक सूत्रों ने दी. गौरतलब है कि ईरान में फंसे भारतीयों को मार्च माह के मध्य में एयर इंडिया के विमानों से जैसलमेर पहुंचाया गया था. जैसलमेर मिलिट्री स्टेशन में 484 भारतीय नागरिकों को लाया गया. उधर कोरोना के इस संकट की इस घड़ी में ईरान से एयरलिफ्ट कर लाए गए भारतीयों में से बिल्कुल स्वस्थ नागरिकों को भी जम्मू कश्मीर सरकार ने अपने यहां लेने से इंकार कर दिया है. इसके लिए जम्मू कश्मीर सरकार ने लॉकडाउन का हवाला दिया है.  

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जम्मू कश्मीर से जुड़े ऐसे लोगों की संख्या 53: 
जैसलमेर प्रशासन द्वारा बसों द्वारा इन नागरिकों को जम्मू-कश्मीर भेजने की पूरी व्यवस्था की जा चुकी थी. जम्मू कश्मीर से जुड़े ऐसे लोगों की संख्या 53 है. ईरान से एयरलिफ्ट किए गए दूसरे बेंच में जम्मू कश्मीर के 53 छात्रों को लाया गया जिनको जैसलमेर के सेना के वैलनेस सेंटर आइसोलेशन सेंटर में रखा गया है. वैलनेस सेंटर में सभी की मरीज मिलने पर छात्रों की जांच कराई गई. इन सभी जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई. जैसलमेर सेना के वैलनेस सेंटर में रहने वाले छात्रों में से कोई भी कोरोना पॉजिटिव नहीं पाया गया सेना इन्हें वापस भेजने की इच्छुक है.

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लॉकडाउन समाप्त होने का इंतजान करने को कहा:
बताया जाता है कि इस पर जैसलमेर कलेक्टर नमित मेहता ने इन छात्रों को यहां से बसों से रवाना करने की तैयारी कर जम्मू-कश्मीर सरकार को सूचित किया. जम्मू-कश्मीर सरकार ने ईरान से एयरलिफ्ट कर लाए अपने राज्य के 53 छात्रों को फिलहाल लेने से इंकार कर दिया. वहां से कहा गया है कि फिलहाल इन्हें नहीं भेजे लॉकडाउन समाप्त होने का इंतजार किया जाए. इधर छात्रों ने सेना से कहा कि वह अपने घर जाना चाहते हैं. वहां की सरकार ने जवाब दिया कि वर्तमान हालात में इन दिनों ठीक नहीं रहेगा. ऐसे में देशभर में लॉकडाउन समाप्त होने तक उन्हें वहीं रखा जाए. इसकी सूचना जब छात्रों को मिली तो उन्होंने अपनी नाराजगी व्यक्त की. उसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने छात्रों से समझाइश की. 

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