Jhunjhunu: ढाई साल की मासूम से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने 17 दिनों में पेश की चार्जशीट, 63 पेज की चार्जशीट में बनाए गए 26 गवाह

Jhunjhunu: ढाई साल की मासूम से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने 17 दिनों में पेश की चार्जशीट, 63 पेज की चार्जशीट में बनाए गए 26 गवाह

Jhunjhunu: ढाई साल की मासूम से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने 17 दिनों में पेश की चार्जशीट, 63 पेज की चार्जशीट में बनाए गए 26 गवाह

झुंझुनूं: जिले के नवलगढ़ क्षेत्र के एक गांव में ढाई साल के मासूम के गुनहगार को जल्दी सजा दिलाने के लिए पुलिस ने घटना के 17 दिन बाद चालान पेश कर दिया. जांच अधिकारी डीएसपी सतपालसिंह ने यह चालान झुंझुनूं के पॉक्सो न्यायालय में पेश किया है. इस मामले में आरोपी मासूम की मां का मामा है. इस कारण परिवार ने मुकदमा दर्ज नहीं करवाया था. पुलिस की ओर से पीड़ित परिवार की काउंसलिंग करने के बाद ही मासूम के पिता ने मुकदमा दर्ज कराया था. 

63 पेज की चार्जशीट में 26 गवाह बनाए गए:
डीएसपी ने बताया कि 63 पेज की चार्जशीट है. पुलिस ने आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए हर सबूत जुटाने का प्रयास किया है. आरोपी के खिलाफ करीब 26 गवाह बनाए गए हैं, जिसमें पीड़िता का 10 वर्षीय मामा व 5 साल का बड़ा भाई भी शामिल है. इस मामले में आरोपी परिवार का होने कारण पुलिस के सामने साक्ष्य जुटाने के लिए चुनौतियों का सामना करना पड़ा. पहले तो पीड़ित पक्ष ने मामला दबाने का प्रयास किया, लेकिन जब आमजन के बीच यह मामला आ गया तो किसी व्यक्ति ने इसकी सूचना दे दी. फिर पुलिस ने गुपचुप तरीके से इसका सत्यापन कराया.

आरोपी परिवार का होने के कारण मुकदमा दर्ज कराने से इनकार कर दिया:
डीएसपी सतपालसिंह व सीआई सुनील शर्मा मौके पर पहुंचे और पूरी जानकारी जुटाई, तब मामले की सच्चाई सामने आई. पीड़ित बच्ची के माता-पिता ने दुष्कर्म का आरोपी परिवार का होने के कारण मुकदमा दर्ज कराने से इनकार कर दिया, इसके बाद पुलिस ने काउंसलिंग की, तब जाकर मुकदमा दर्ज हुआ. दुष्कर्म की पीड़िता का अब तक दो बार ऑपरेशन हो चुका है. पीड़िता का अभी भी जयपुर में इलाज चल रहा है. पुलिस लगातार पीड़िता के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ले रही है. 

मासूम के साथ उसकी ही मां के मामा ने दुष्कर्म किया था:
मामले के मुताबिक नवलगढ़ के एक गांव में ढाई साल की मासूम के साथ उसकी ही मां के मामा ने दुष्कर्म किया था. आरोपी नजदीकी रिश्तेदार होने के कारण परिवार ने मुकदमा दर्ज नहीं करवाया था. पीड़ित परिवार की काउंसलिंग के बाद बच्ची के पिता ने रिपोर्ट दी. 21 मार्च दिन में तीन- चार बजे बच्ची घर पर थीं. परिवार की महिलाएं मंदिर गई हुई थीं. अन्य सदस्य इधर-उधर थे. इस दौरान बच्ची की मां के मामा ने मासूम को अकेली देखकर दुष्कर्म किया. आरोपी बच्ची के रोने पर उसे छोड़कर भाग गया. परिवार के सदस्य घर पहुंचे तो घटना की जानकारी मिली.

बदनामी के डर से पिता ने पुलिस में रिपोर्ट नहीं लिखाई:
आरोपी परिवार का सदस्य था. इसलिए बदनामी के डर से पिता ने पुलिस में रिपोर्ट नहीं लिखाई. पीड़ित मासूम की स्थिति खराब होने के कारण उसे थानाधिकारी ने नवलगढ़ अस्पताल में भर्ती करवाया गया. इस दौरान मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हुई. मामले में 30 साल के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. पूरे मामले की मॉनिटरिंग खुद एसपी मनीष त्रिपाठी ने की. उन्होंने तत्काल अस्पताल पहुंचकर बच्ची के परिजनों से मुलाकात की. बच्ची को अच्छे इलाज के लिए जयपुर में भर्ती करवाया गया. साथ ही घटनास्थल का भी मौका मुआयना किया गया. एफएसएल की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाए. 

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