जींद की महापंचायत में बोले टिकैत- जब-जब राजा डरता है, तब-तब किलेबंदी करता है

जींद की महापंचायत में बोले टिकैत- जब-जब राजा डरता है, तब-तब किलेबंदी करता है

जींद: हरियाणा के जींद जिले में किसानों की महापंचायत में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की गई है. राकेश टिकैत जब मंच पर बोलने वाले थे उससे चंद मिनट पहले ही मंच टूट गया. मंच पर तय सीमा से अधिक लोग चढ़ गए थे, जिसके बाद मंच ही टूट पड़ा. फिर सब कुछ ठीक कर जब वह दोबारा मंच पर आए तो कहा कि मंच भाग्यवानों के टूटते हैं. 

जब-जब राजा डरता है, तब-तब किलेबंदी करता है:
राकेश टिकैत ने मंच ठीक होने के बाद जब दोबारा बोलना शुरू किया तो कहा कि जब-जब राजा डरता है, तब-तब किलेबंदी करता है. दिल्ली में कीलें लगाई जा रही हैं, हम वो अपने खेतों में भी लगाते हैं. उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि अभी तो हमने बिल वापसी की बात की है अगर गद्दी वापसी की बात की तब सरकार क्या करेगी. उन्होंने ये भी कहा यह युवाओं की क्रांति का साल है. 

तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पारित हुआ: 
हरियाणा के जींद में जारी महापंचायत में तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पारित हुआ है. इसमें कानून वापसी, MSP, किसानों पर दर्ज केस वापसी की मांग की गई है. महापंचायत में किसानों ने स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू करने की मांग की है. इसके अलावा लापता किसानों का पता लगाने और किसानों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग भी की है.

कई खाप नेता भी इस महापंचायत में शामिल हुए:
टिकैत के अलावा कई खाप नेता भी इस महापंचायत में शामिल हुए हैं. टेक राम कंडेला ने कहा कि किसानों के आंदोलन का समर्थन करने के लिए यह बड़ा जमावड़ा है. करीब दो दशक पहले हरियाणा में किसानों का आंदोलन चलाने वाली कंडेला खाप ने कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों को अपना समर्थन दिया है. दूसरी खाप ने भी आंदोलन का समर्थन किया है.

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