जोधपुर सोलर प्लांट लगाने के नाम पर पेड़ काटने के मामले में हाईकोर्ट ने रोक को रखा बरकरार, छोटी-छोटी झाड़ियों को हटाने की दी छूट

सोलर प्लांट लगाने के नाम पर पेड़ काटने के मामले में हाईकोर्ट ने रोक को रखा बरकरार, छोटी-छोटी झाड़ियों को हटाने की दी छूट

सोलर प्लांट लगाने के नाम पर पेड़ काटने के मामले में हाईकोर्ट ने रोक को रखा बरकरार, छोटी-छोटी झाड़ियों को हटाने की दी छूट

जोधपुर: जैसलमेर जिले में सोलर प्लांट लगाने के नाम पर पेड़ काटने के मामले में  हाईकोर्ट ने अपने पुराने आदेश में संशोधन करते हुए पेड़ों को हटाने पर रोक बरकरार रखी है. साथ ही कंपनी को जमीन पर उगी छोटी-छोटी झाड़ियों को हटाने की छूट दी है. जैसलमेर जिले के रीवाड़ी गांव मैं सोलर प्लांट लगाने का काम चल रहा है. इस दौरान  पेड़ों की कटाई को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने जनहित याचिका दायर की गई थी. राजस्थान हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई.

हाईकोर्ट ने रीवाड़ी के सोलर पावर प्लांट के लिए पेड़ों को हटाने पर रोक को बरकरार रखा है, हालांकि कंपनी की जमीन पर छोटी-छोटी झाड़ियों को काटने की स्वीकृति कोर्ट ने दे दी है. कोर्ट ने इसके लिए अपने पहले के आदेश में संशोधन किया है. कोर्ट ने अपने पहले वाले आदेश में पेड़ पौधे काटने पर पूरी तरह रोक लगाई थी. इस दौरान कंपनी की ओर से आश्वस्त किया गया कि किसी भी बड़े पेड़ को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा. 

इस पर कोर्ट ने पेड़ों को हटाने पर रोक के आदेश को बरकरार रखते हुए साफ किया कि कंपनी सोलर प्लांट की जमीन पर कंस्ट्रक्शन मेटेरियल इकट्‌ठा करने के लिए छोटी झाड़ियों को साफ कर सकेगी. न्यायाधीश संदीप मेहता और विनोद कुमार की बेंच ने पिटिशनर जलग्रहण विकास संस्थान की ओर से दायर जनहित याचिका की सुनवाई की. 

खेजड़ी, नीम, पीपल, बबूल, जाल, किंकर, कुमट जैसे बड़े पेड़ों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा:
सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से वकील विकास बालिया ने कहा कि कंपनी ने सोलर प्लांट के लिए कंस्ट्रक्शन मैटेरियल खरीदने के आदेश दिये हैं. सामग्री को साइट पर इकट्‌ठा करना होगी. इस प्रक्रिया में कुछ झाड़ियों को हटाना जरुरी है. कंपनी के वकील ने आश्वस्त किया कि खेजड़ी, नीम, पीपल, बबूल, जाल, किंकर, कुमट जैसे बड़े पेड़ों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा. कोर्ट ने इस शर्त पर अपने पहले के आदेश को संशोधित करते हुए झाड़ियां हटाने की परमिशन दे दी है.

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