आज भगवा रंग में उतरेगी टीम इंडिया, जानिए भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी का पूरा इतिहास

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/30 12:50

बर्मिंघम: आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप का आज 38वां लीग मुकाबला इंग्लैंड और भारत के बीच खेला जाएगा। बर्मिंघम के एजबेस्टन स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच में भारतीय टीम आज बदली बदली नजर आएगी, क्योंकि आज इंग्लैंड के खिलाफ टीम इंडिया नारंगी जर्सी पहन कर खेलने उतरेगी. ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि आईसीसी के नए नियम के अनुसार यह करना जरुरी है.

दरअसल आईसीसी के नए नियमों के मुताबिक किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट में दो टीमें एक मैच में एक समान रंग की जर्सी नहीं पहन सकती. अफगानिस्तान और इंग्लैंड दोनों टीमों के खिलाड़ियों की जर्सी का रंग नीला है. ऐसे में भारत बनाम अफगानिस्तान मुकाबले में अफगानिस्तान की जर्सी बदली गई थी.  आईसीसी के नियमों के मुताबिक, किसी भी ऐसे मैच में, जिसका प्रसारण टीवी पर होता है, दोनों टीमें एक ही रंग की जर्सी पहनकर नहीं उतर सकती हैं. यह नियम फुटबॉल के 'होम और अवे' मुकाबलों में पहनी जाने वाली जर्सी से प्रेरित होकर बनाया गया है. इसी के चलते आज भारत नारंगी जर्सी में खेलेगा. 

अब तक इंग्लैंड की टीम की तरह भारत की टीम की जर्सी में बहुत सारे बदलाव देखे गए हैं. 

भारतीय टीम की जर्सी:
1985:
ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य में यूरोपियन बसावट के 150वी बरसी के उपलक्ष में खेली गई वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारतीय टीम की जर्सी में आसमानी नीला और पीला रंग का मिश्रण था. 

1992: विश्वकप से ठीक पहले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत ने आसमानी नीला और पीले रंग के मिश्रण से बनी जर्सी ही पहनी थी, लेकिन इस जर्सी में खिलाड़ियों और टीम का नाम अंकित था. 

1992: बेंसन एंड हेजेज विश्वकप की भारतीय टीम ने ऑक्सफ़ोर्ड ब्लू रंग की जर्सी पहनी. इस जर्सी को इंग्लैंड की आसमानी नीले रंग की जर्सी के कारण तैयार किया गया था. आज भी क्रिकेट फैंस के बीच 1992 की जर्सी हिट है.

1996: 96 के विश्वकप में भारत की आसमानी नीला और पीले रंग के मिश्रण वाली जर्सी ने वापसी की. 

1999: इस विश्वकप में Y शेप का बीसीसीआई लोगो टीम किट में शामिल किया गया. कलर कॉम्बिनेशन में कोई बदलाव नहीं था. 

2002: श्रीलंका में खेली गई चैंपियंस ट्रॉफी के पहले आईसीसी ने एम्बुश मार्केटिंग क्लॉज़ के तहत टूर्नामेंट स्पांसर के प्रतिद्वंदी कंपनियों के लोगो टीम किट में नहीं लगाए जा सकते. इसके आलावा कलर कॉम्बिनेशन की बात करें तो पीले रंग का इस्तेमाल सिर्फ टीम का नाम लिखने में किया गया. मज़ेदार बात यह है की भारतीय टीम किट में किसी भी स्पोंसर का लोगो नहीं था. 

2003: दक्षिण अफ्रीका में खेले गए विश्वकप में भी एम्बुश मार्केटिंग क्लॉज़ के कारण भारतीय टीम में सहारा का लोगो शामिल नहीं किया गया था. इसका कारण यह था कि सहारा की फ्लाइंग विंग का दक्षिण अफ्रीकी से कुछ मतभेद चल रहे थे. सहारा की जगह एमबी वैली का लोगो लगाया जो सहारा का रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट था.

2007: टी20 क्रिकेट के इतिहास का पहला विश्वकप दक्षिण अफ्रीका में खेला गया. भारतीय टीम की जर्सी में नीले रंग का हल्का शेड इस्तेमाल किया गया था. इस जर्सी में बायें कंधे से लेकर कमर तक तिरंगे को अंकित किया गया था. 

2009: फरवरी 2009 में न्यूजीलैंड दौरे पर 1992 की जर्सी की नक़ल करने की कोशिश की गई. हालांकि इस बार ऑक्सफ़ोर्ड ब्लू की जर्सी में तिरंगे को एक बार फिर उसी जगह अंकित किया गया, जहां 2007 की जर्सी में किया गया था. 

2011: भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश में खेले गए विश्वकप में भारतीय टीम की जर्सी में टीम का नाम नारंगी रंग से अंकित किया गया. 

2013: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई घरेलु श्रंखला में टीम किट स्पोंसर नाइकी ने कंटेम्पररी ब्लू किट लांच की थी जो पॉलिएस्टर को रीसायकल करके बनाई थी. 

2015: स्टार इंडिया ने टीम किट को 33 प्लास्टिक बॉटलों को रीसायकल करके विश्वकप की जर्सी बनाई थी.

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