जानिए, क्या है दीपोत्सव की बेला के चौथा दिन गोवर्धन पूजा का महत्व

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/11/01 01:54

नई दिल्ली। लगातार पांच दिनों तक मनाए जाने वाले हिंदू धर्म के सबसे बड़े त्योहार दीपावली को लेकर हर को दशहरा के बाद से ही तैयारियों में जुट जाता है। इस कड़ी में जहां कई लोग अपने घरों-दुकानों एवं दफ्तरों की साफ-सफाई एवं रंग-रोगन का कार्य करते हैं, वहीं बाजारों में भी दीपावली की ग्राहकी को लेकर दुकानदार अपनी तैयारियां शुरू कर देते हैं। दीपावली के दिनों में यूं तो पांच दिनों का काफी महत्व होता है, लेकिन दीपावली के अगले दिन यानि गोवर्धन पूजा का भी अपने आप में खासा महत्व है। जानते हैं किस तरह मनाया जाता है गौवर्धन पूजा का त्योहार और क्या है इसका महत्व...

दीपावली के अगले दिन पड़वा को गोवर्धन पूजा की परंपरा है। इस दिन गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर उसकी पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन पशुधन की पूजा-अर्चना का भी विशेष महत्व है। वहीं घरों एवं मंदिरों में अन्नकूट अथवा छप्पन भोग के आयोजन होते हैं। इस दिन सुबह से लेकर शाम तक गाय की पूजा की जाती है और इसके बाद बैल का पूजन होता है। इस दिन लोग आपसी मेल-मिलाप भी करते हैं और इसीलिए इस दिन को राम-राम का दिन भी कहा जाता है।

कहा जाता है भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को मूसलधार वर्षा से बचने के लिए सात दिन तक गोवर्धन पर्वत को अपनी सबसे छोटी उंगली पर उठाकर रखा था। इस दिन बृजवासी गोवर्धन पर्वत की पूजा करते हैं। बिहार में लोग अपनी गायों और बैलों को स्नान कराकर उन्हें रंग लगाते हैं और उनके गले में नई रस्सी डाली जाती है। गाय और बैलों को गुड़ और चावल भी खिलाया जाता है।

क्या है गोवर्धन पूजन का महत्व :
धार्मिक एवं पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार गोवर्धन पूजा वाले दिन को गलत प्रवृत्तियों को रोकने के सामर्थ्य का दिन माना जाता है। श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को हाथ की सबसे छोटी अंगुली पर धारण कर कहर बरपाने वाले इंद्रदेव के सामने इरादों का पहाड़ खड़ा कर दिया था। लाख कोशिशों के बाद भी इंद्र देव लोगों को दु:ख देने में नाकाम रहे थे। इस दिन का महत्व इस बात का संदेश देना है कि नेक इरादों और कमजोरों की रक्षा के लिए किए जाने वाले प्रयास के सामने बड़े से बड़ा ताकतवर भी हार जाता है।

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in