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इस थाने पर है 136 गांवों की सुरक्षा की जिम्मेदारी, लेकिन खुद के ही हाल-बेहाल

इस थाने पर है 136 गांवों की सुरक्षा की जिम्मेदारी, लेकिन खुद के ही हाल-बेहाल

भरतपुर। उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा से सटे हुए राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित कुम्हेर थाने पर कहने को भले ही यहां के 136 गांवों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। लेकिन यहां खुद इस थाने के ही हाल बेहाल है। यहां पुलिसकर्मियों के लिए बनाए गए मकान, शौचालय जर्जर हो चुके हैं। साथ ही थाने में अपराधियों से निपटने के लिए सिर्फ एक ही जीप है, वह भी जर्जर हो चुकी है। इसको धक्का देकर स्टार्ट करना पड़ता है। जबकि पुलिस के उच्चाधिकारी एवं सरकार अपराध को थामने के दावे करते हैं, जो यहां के हालात देखकर किसी मजाक से कम नजर नहीं आ रहे हैं।

दरअसल, कुम्हेर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 136 गांवों की सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस थाने में कार्यरत पुलिसकर्मियों को भारी दिक्कतों का सामना पड रहा है। अधिकारियों की अनदेखी के चलते पुलिसकर्मियों को जर्जर एवं नकारा भवनों में रहने के साथ ही खटारा वाहन से आने जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। गौरतलब है कि कुम्हेर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 30 ग्राम पंचायतों के 136 गांव की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा कुम्हेर थाना पुलिस में कायर्रत करीब 4 दर्जन पुलिसकर्मियों के जिम्मे होने के कारण इन पुलिसकर्मियों को थाना परिसर में व्याप्त अव्यवस्थाओं के कारण जान जोखिम में डालकर भय के साये में रहना पड़ रहा है।

थाने में कार्यरत पुलिसकर्मियों के लिए न तो रहने की माकूल व्यवस्था है और न ही शौचालय व पानी आदि की सुविधा। ऐसे में पुलिसकर्मियों को किराये पर कमरा लेने को विवश होना पड़ रहा है। वहीं पुलिस के वाहन की हालत तो इस कदर दयनीय है कि इसमें बैठने से पहले पुलिसकर्मी सही सलामत वापस की आने के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।

पुलिसकर्मियों ने बताया कि कई बार अधिकारियों को अवगत कराए जाने के बाद भी न तो थाने में रहने के लिए कोई व्यवस्था हो पाई है और न ही शौचालय एव पीने के पानी की समस्या का समाधान हुआ है। वाहन की हालत खस्ता होने के कारण उसे रस्सी से बांधकर चलाया जा रहा है। ऐसे में अगर क्षेत्र में कोई अप्रिय यह बड़ी घटना घटित होती है तो पुलिस को वहां तक पहुंचने में ही काफी समय लग जाता है।

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