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राजस्थान सीमा सील होने के बावजूद मजदूर पहुंच रहे है अपने गांव, हरियाणा से बॉर्डर पार करके पैदल ही आने को हुए मजबूर

राजस्थान सीमा सील होने के बावजूद मजदूर पहुंच रहे है अपने गांव, हरियाणा से बॉर्डर पार करके पैदल ही आने को हुए मजबूर

बहरोड़: बहरोड़ में लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूरों का पलायन नहीं रुक पा रहा है.  हरियाणा से बॉर्डर पार कर राजस्थान सीमा सील होने के बावजूद मजदूर कच्चे रास्तों से निकलकर अपने गांव पहुंचने के लिए पैदल जा रहे हैं. मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के प्रवासी मजदूर हरियाणा के नारनौल, महेन्द्रगढ़ अटेली समेत विभिन्न शहरों एवं जिलों से सिर पर गृहस्थी की पोटली लिए अपने जन्म स्थली की ओर बढ़ रहे हैं.

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भामाशाहों ने की खूब मदद: 
इन्हें ना तो हरियाणा पुलिस रोक पा रही और ना ही राजस्थान पुलिस. आसमान से बरसती आग और तपती धरती में यह मजबूर अपने घर जाने को मजबूर हैं. मध्यप्रदेश जा रहे मजदूरों ने बताया कि घर खर्च हो गया. भामाशाहों ने खूब मदद भी की.

अब भूखे मरने की आ चुकी है नौबत:
लेकिन अब भूखे मरने की नौबत आ चूकी है. गांव में परिवार के बुजुर्ग उन्हें बुला रहे हैं. जिस ठेकेदार के पास काम करते थे. उसने हमें अपने ही हाल पर छोड़ दिया. अब अपनों के पास जाना हमारी मजबूरी है. बहरोड़ में पहुंचे मजदुरों को पंचमुखी हनुमान मंदिर भोजन सेवा समिति के द्वारा नींबू का ठंडा पानी पिलाया ओर भोजन करवाया गया. 

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Farmers Protest: हरियाणा में प्रदर्शनकारी किसानों पर हत्या के प्रयास और दंगा करने के आरोप में केस दर्ज

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अंबाला: हरियाणा पुलिस ने भारतीय किसान संघ (बीकेयू) की प्रदेश इकाई के प्रमुख गुरनाम सिंह चारूणी और अन्य किसानों पर दिल्ली चलो मार्च के दौरान हत्या का प्रयास, दंगे करने, सरकारी ड्यूटी में बाधा पैदा करने और अन्य आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है. अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी. पराव पुलिस थाने में हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार की शिकायत पर 26 नवंबर को धारा 307(हत्या का प्रयास), 147(दंगा करने), 149(गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने), 186(लोकसेवकों के सरकारी काम में बाधा पहुंचाना)और 269(बीमारी का संक्रमण फैलाने जैसे लापरवाही भरे काम कर दूसरों के जीवन को खतरे में डालना) के तहत मामला दर्ज किया गया क्योंकि सैकड़ों किसान दिल्ली जाने के लिए अंबाला छावनी के पास जीटी रोड पर जमा हो गए थे.

प्राथमिकी में चारुणी और कई अन्य अज्ञात किसानों को नामजद किया गया है. प्राथमिकी में कहा गया है कि घटनास्थल पर पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे पुलिस उपाधीक्षक राम कुमार ने चारुणी को आगे बढ़ने से रोका लेकिन उन्होंने मना कर दिया. इसमें कहा गया है कि चारुणी और अन्य किसानों ने अपने ट्रैक्टरों की मदद से पुलिस के बैरिकेड तोड़ दिए.

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एफआईआर के अनुसार, कुछ पुलिस अधिकारी बचकर वहां से निकले अन्यथा वे दिल्ली की ओर बढ़ रहे ट्रैक्टरों से कुचले जा सकते थे. इन लोगों पर कोविड-19 महामारी से संबंधित दिशानिर्देशों के उल्लंघन का भी आरोप है. पुलिस बैरियर तोड़ने व अन्य आरोपों में पंजाब के कुछ किसानों के खिलाफ पानीपत में भी मामला दर्ज किया गया है.

सेक्टर 29 स्थित पानीपत के सेक्टर 29 पुलिस थाने के प्रभारी राजवीर सिंह ने फोन पर कहा कि भादंसं की धारा 188 (लोकसेवक द्वारा दिए गए आदेश की अवज्ञा करना), आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और अन्य प्रावधानों के तहत एक मामला दर्ज किया गया है. दो दिन पहले हरियाणा के पुलिस प्रमुख मनोज यादव ने कहा था कि उनके बल ने काफी धैर्य से काम लिया. प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर पथराव किया.

डीजीपी ने बयान जारी कर कहा था कि पूरे प्रकरण में न केवल काफी संख्या में पुलिसकर्मी जख्मी हुए बल्कि पुलिस के और निजी वाहनों को क्षति भी पहुंची. प्रदर्शनकारियों को इकट्ठा होने से रोकने के लिए हरियाणा के कई हिस्सों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगा दी गई है. किसान नये कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि नये कानून से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी.(भाषा)

गला रेत कर चार बच्चियों को उतारा मौत के घाट, मां पर मामला दर्ज

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चंडीगढ़: हरियाणा के नूंह जिले के एक गांव में शुक्रवार को चार बहनों के शव बरामद हुए. उनकी उम्र एक साल से सात साल के बीच है. चारों बच्चियों के गले रेते हुए थे. पुलिस ने उनकी मां पर इस वारदात को कथित तौर पर अंजाम देने का मामला दर्ज किया है.

बच्चियों की मां के खिलाफ मामला दर्ज:
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि बच्चियों की मां के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जो खुद भी गंभीर रूप से घायल मिली थी और अभी एक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है. पुलिस को इन बच्चियों के पिता से इस संबंध में शिकायत मिली थी. पुनहाना थाने के प्रभारी समरजीत ने फोन पर बताया कि यह घटना पिपरोली गांव में हुई. 

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चारों बच्चियों की उम्र एक साल से सात साल के बीच:
उन्होंने बताया कि चारों बच्चियों की उम्र एक साल से सात साल के बीच है. ऐसा लग रहा है कि मां ने बच्चियों की हत्या के बाद खुद का गला भी रेत लिया और बाद में उसे गंभीर हालत में नूंह के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया है. थाना प्रभारी ने बताया कि महिला के ऐसे भयानक कदम उठाने की वजह का पता लगाया जा रहा है.भाषा

Farmers Protest: सीएम अमरिंदर ने खट्टर पर साधा निशाना,कहा-किसानों पर क्रूर बल का इस्तेमाल अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक

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चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बृहस्पतिवार को दिल्ली की ओर मार्च कर रहे किसानों को रोकने के लिए भाजपा नीत हरियाणा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके खिलाफ कठोर बल का इस्तेमाल पूरी तरह अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक है. पंजाब के किसानों को केन्द्र के कृषि संबंधी कानूनों के खिलाफ प्रस्तावित दिल्ली चलो मार्च के लिए हरियाणा से लगी सीमाओं के पास इकट्ठा होता देख, हरियाणा ने पंजाब से लगी अपनी सभी सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया है.

खट्टर सरकार किसानों को क्यों रोक रही है दिल्ली जाने से?
सिंह ने ट्वीट किया,  हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर की सरकार किसानों को दिल्ली जाने से क्यों रोक रही है? शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे किसानों के खिलाफ क्रूर बल का इस्तेमाल अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक है. उन्होंने कहा कि किसान कृषि कानून के खिलाफ दो महीने से पंजाब में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं. सिंह ने पूछा, बल का सहारा लेकर हरियाणा सरकार उन्हें क्यों उकसा रही है? क्या किसानों को शांतिपूर्ण तरीके से एक सार्वजनिक राजमार्ग से गुजरने का अधिकार नहीं है?

तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें की:
हरियाणा पुलिस ने बृहस्पतिवार को पंजाब के किसानों के एक समूह को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें की और आंसू गैस का इस्तेमाल किया. ये किसान केन्द्र के कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्तावित ‘दिल्ली चलो’ मार्च के तहत कथित तौर पर पुलिस अवरोधक लांघ कर हरियाणा में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे. पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक दुखद विडंबना है कि संविधान दिवस पर किसानों के संवैधानिक अधिकार का दमन किया जा रहा है.

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किसानों के खिलाफ नहीं करें क्रूर बल का इस्तेमाल: 
सिंह ने कहा कि यह बेहद दुखद विडंबना है कि 2020 संवैधानिक दिवस पर किसानों के संवैधानिक अधिकारों का इस तरह से दमन किया जा रहा है. खट्टर जी, उन्हें आराम से वहां से निकलने दें, उन्हें उकसाए नहीं. उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज दिल्ली तक पहुंचाने दें. उन्होंने भाजपा से आग्रह किया कि वह मनोहर लाल खट्टर नीत सरकार को किसानों के खिलाफ क्रूर बल का इस्तेमाल ना करने का निर्देश दे.

जो हाथ देश को खाना खिलाते हैं उन्हें थामा जाना चाहिए:
उन्होंने कहा कि मैं भाजपा से उनकी राज्य सरकार को किसानों के खिलाफ क्रूर बल का इस्तेमाल ना करने का निर्देश देने का आग्रह करता हूं. जो हाथ देश को खाना खिलाते हैं उन्हें थामा जाना चाहिए, धकेला नहीं जाना चाहिए. ऑल-इंडिया किसान संघर्ष कोर्डिनेशन कमिटी , राष्ट्रीय किसान महासंघ और भारतीय किसान यूनियन के विभिन्न धड़ों ने केन्द्र पर हाल के तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का दबाव बनाने के लिए 26-27 नवम्बर को दिल्ली चलो का आह्वान किया था.(भाषा)

हरियाणा: लव-जिहाद के खिलाफ कानून का मसौदा तैयार करने के लिए 3 सदस्यीय समिति का किया गठन

हरियाणा: लव-जिहाद के खिलाफ कानून का मसौदा तैयार करने के लिए 3 सदस्यीय समिति का किया गठन

चंडीगढ़: हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार ने लव जिहाद के खिलाफ कानून का मसौदा तैयार करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है. कुछ भाजपा नेता किसी हिंदू महिला से शादी की आड़ में उसका कथित तौर पर धर्मांतरण कराने को लव जिहाद कहते हैं. उत्तर प्रदेश सरकार के बल या धोखाधड़ी के जरिए धर्मांतरण के खिलाफ एक मसौदा अध्यादेश को मंजूरी देने के कुछ दिनों बाद मंत्री का यह बयान आया है.

नया कानून बनाने के लिए एक समिति का गठन:
अध्यादेश के पारित होने से पहले ही विज ने घोषणा की थी कि हरियाणा में एक नया कानून बनाने के लिए एक समिति का गठन किया जा रहा है. विज ने कहा कि हरियाणा समिति इस मामले में अन्य राज्यों में बने कानूनों का भी अध्ययन करेगी. उन्होंने ट्वीट किया था कि हरियाणा में लव जिहाद पर कानून का मसौदा तैयार करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है. राज्य गृह सचिव टी. एल. सत्यप्रकाश,अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नवदीप सिंह विर्क और अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक मनचंदा इसके सदस्य होंगे.

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लव जिहाद के खिलाफ एक कानून पर विचार :
इस महीने की शुरुआत में, विज ने हरियाणा विधानसभा को बताया था कि राज्य सरकार लव जिहाद के खिलाफ एक कानून पर विचार कर रही है और उसने हिमाचल प्रदेश से इस संबंध में जानकारी मांगी है. हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने पिछले साल जबरन या बहला-फुसलाकर धर्मांतरण या धर्मांतरण के एकमात्र मकसद से शादी के खिलाफ एक विधेयक पारित किया था.

नए कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन, अंबाला से हरियाणा सीमा में दाखिल हुए किसान, पुलिस पर पथराव, हुआ लाठीचार्ज

 नए कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन, अंबाला से हरियाणा सीमा में दाखिल हुए किसान, पुलिस पर पथराव, हुआ लाठीचार्ज

नई दिल्ली: नए कृषि कानून के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन जारी हैं. किसान अंबाला से हरियाणा सीमा में दाखिल हुए. अंबाला-पटियाला बॉर्डर पर किसानों ने बैरिकेड तोड़ दिए हैं. पुलिस ने किसानों पर पानी की बौछार, आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं. उग्र हुए किसानों ने पुलिस पर पथराव शुरू किया. आपको बता दें कि दिल्ली कूच कर रहे किसानों का प्रदर्शन अंबाला-पटियाला बॉर्डर पर आक्रामक होता नजर आ रहा हैं. यहां किसानों ने पुलिस द्वारा लगाएं गए बैरिकेडिंग को उखाड़ फेंका है, जिसके बाद किसानों पर पानी की बौछार की जा रही है, आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं. 

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किसानों के प्रदर्शन की वजह से मेट्रो बंद:
किसानों के प्रदर्शन के कारण मेट्रो को भी बंद रखा गया है.अंबाला पटियाला बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने कुछ ट्रकों को खड़ा किया है, ताकि किसान आगे ना आ सके. लेकिन अब किसानों ने उसी ट्रक को तोड़ना शुरू कर दिया और धक्का देकर आगे किया जा रहा है. जिसके बाद पुलिस ने फिर आंसू गैस के गोले छोड़े हैं और पानी की बौछार की जा रही है. 

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किसानों और पुलिस में टकराव जारी:
किसानों की ओर से पुलिस पर पथराव किया गया है. अंबाला पटियाला बॉर्डर पर किसानों और पुलिस में टकराव जारी है. किसानों ने जबरन हरियाणा सीमा में प्रवेश कर लिया है, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया है. किसान अब अपने ट्रैक्टर पर चढ़कर जबरन आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं और लगातार नारेबाजी कर रहे हैं.

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शांतिपूर्ण प्रदर्शन उनका संवैधानिक अधिकार है:
किसानों के प्रदर्शन पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया है. केंद्र सरकार के तीनों खेती बिल किसान विरोधी हैं. ये बिल वापिस लेने की बजाय किसानों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है, उन पर वॉटर कैनन चलाई जा रही हैं. किसानों पर ये जुर्म बिलकुल गलत है, शांतिपूर्ण प्रदर्शन उनका संवैधानिक अधिकार है.

किसानों के दिल्ली चलो मार्च को विफल करने के लिए हरियाणा ने पंजाब के साथ लगी सीमा सील की

किसानों के दिल्ली चलो मार्च को विफल करने के लिए हरियाणा ने पंजाब के साथ लगी सीमा सील की

चंडीगढ़: केन्द्र के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के दिल्ली चलो मार्च को विफल बनाने के लिए उसके एक दिन पहले बुधवार को हरियाणा ने पंजाब से सटी अपनी सीमा पर अवरोधक लगाए हैं और पड़ोसी राज्य के साथ बस सेवा भी निलंबित कर दी है. हरियाणा पुलिस ने किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए अंबाला और कुरुक्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर पानी की बौछारों का भी उपयोग किया.

भाजपा शासित हरियाणा ने किसानों के ‘दिल्ली चलो मार्च’ के मद्देनजर पंजाब के साथ अपनी बस सेवा बुधवार से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी है. हरियाणा के परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने पीटीआई-भाषा को बताया कि हमने पंजाब के लिए रोडवेज सेवा अगले दो दिन के लिए निलंबित कर दी है. अधिकारियों ने बताया कि इसबीच बुधवार की शाम चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग ने भी किसानों के दिल्ली चलो मार्च के मद्देनजर अगले दो दिन के लिए हरियाणा की अपनी बस सेवा निलंबित कर दी है.

वहीं, ठंड और बारिश से जूझते हुए हजारों की संख्या में किसान अंतरराज्यीय सीमा पर अपने ट्रैक्टरों के साथ पंजाब में जमा हुए. उन्हें आगे दिल्ली की ओर बढ़ना था लेकिन सीमा पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के कारण उन्हें पंजाब में ही रुकना पड़ा. किसानों के मार्च वाले दिनों 26-27 नवंबर को हरियाणा पंजाब के साथ अपनी सीमाएं पूरी तरह सील कर देगा.

हरियाणा पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि कोविड-19 संबंधी पाबंदियों के मद्देनजर वे इतनी बड़ी संख्या में लोगों को राष्ट्रीय राजधानी की ओर मार्च करने की अनुमति नहीं दे सकते हैं. हरियाणा प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को जमा होने से रोकने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा भी लगाई है.

इसबीच अंबाला के मोहरा गांव में जीटी रोड पर हरियाणा बीकेयू प्रमुख गुरनाम सिंह के नेतृत्व में आज दिन में बड़ी संख्या में एकत्र किसान शाम को कथित रूप से अवरोधक पार करने लगे, जिसके कारण पुलिस को उनपर पानी की बौछार करनी पड़ी. इसके बावजूद कुछ लोग अंमाला-कुरुक्षेत्र सीमा पर त्योरा-त्योरी गांव तक पहुंचने में कामयाब रहे, जहां पुलिस को फिर से उनपर पानी की बौछार करनी पड़ी.

किसानों द्वारा सड़कें अवरुद्ध किए जाने के कारण घंटों जाम लगा रहा. अधिकारियों ने बताया कि कुरुक्षेत्र जिले में भी घंटों जाम की स्थिति रही. गुरनाम सिंह ने पत्रकारों से कहा कि पुलिस लाठी चार्ज करे या बल प्रयोग करे, किसानों को कोई नहीं रोक सकता. हम दिल्ली की ओर अपना मार्च जारी रखेंगे. हम केन्द्र को किसान विरोधी काले कानून वापस लेने पर मजबूर करेंगे. किसानों के ट्रैक्टर पर राशन, पानी सहित सभी इंतजाम दिख रहे हैं. सर्दी के इस मौसम में वे अपनी ट्रैक्टर ट्रॉली में या फिर सड़कों के किनारे अस्थाई तंबू लगाकर रहेंगे.

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करनाल के पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया ने पत्रकारों से कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए और किसानों के प्रदर्शन मार्च के मद्देनजर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. हरियाणा पुलिस विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी करा रही है. खनौरी अंतरराज्यीय सीमा पर ड्यूटी पर तैनात पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने पत्रकारों को बताया कि हरियाणा पुलिस ने क्रेन की मदद से सड़कों पर बड़े-बड़े पत्थर रखे हैं और दूसरी ओर से यातायात की आवाजाही ठप है.

उन्होंने कहा कि हम वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से भेज रहे हैं. हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही प्रभावित ना हो. जालंधर से आवश्यक वस्तुएं लेकर मुंबई जा रहे एक ट्रक चालक ने बताया कि फतेहाबाद में परिवहन की अंतरराज्यीय आवाजाही बंद होने के कारण वह फंस गया है. इसबीच हरियाणा कांग्रेस की अध्यक्ष कुमारी शैलजा ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है. उन्होंने दावा किया कि भाजपा नीत सरकार किसानों की आवाज को दबाना चाहती है और केन्द्र के कृषि विरोधी कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करने से उन्हें रोकना चाहती है. शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किसानों की चिंताएं दूर करने का अनुरोध किया. उन्होंने ट्वीट किया कि किसानों के साथ सरकार की झड़प पंजाब और देश को ‘अनिश्चितता’ की ओर ले जा रही है. भाषा

पंजाब के किसान संगठनों ने सीमा सील करने के हरियाणा सरकार के फैसले की निंदा की

पंजाब के किसान संगठनों ने सीमा सील करने के हरियाणा सरकार के फैसले की निंदा की

चंडीगढ़: पंजाब के किसान संगठनों ने केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ उनके प्रस्तावित दिल्ली मार्च के मद्देनजर 26 और 27 नवंबर को हरियाणा सरकार द्वारा पड़ोसी राज्य से लगी अपनी सीमाएं सील करने का निर्णय लिए जाने की मंगलवार को निंदा की.

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किसान संगठनों ने कहा- यह एक ऐतिहासिक आंदोलन होगाः
किसान संगठनों ने कहा कि वे अपने प्रस्तावित मार्च के लिए तैयार हैं क्योंकि यह एक ऐतिहासिक आंदोलन होगा, जिसमें महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में हिस्सा लेंगे. ऑल-इंडिया किसान संघर्ष कोर्डिनेशन कमिटी, राष्ट्रीय किसान महासंघ और भारतीय किसान यूनियन के विभिन्न धड़ों ने केंद्र पर हाल के तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का दबाव बनाने के लिए 26-27 नवंबर को ‘दिल्ली चलो’ का आह्वान किया था. उन्होंने घोषणा की थी कि वे राष्ट्रीय राजधानी को जोड़ने वाले पांच राजमार्गों से दिल्ली पहुंचेंगे और यदि उन्हें कहीं रोका गया तो वे वहीं अनिश्चित काल के लिए धरने पर बैठ जाएंगे.

पंजाब के साथ लगती सीमा को सील करने के हरियाणा सरकार के कदम की कड़ी निंदाः
भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के प्रमुख बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि पंजाब के साथ लगती सीमा को सील करने के हरियाणा सरकार के कदम की हम कड़ी निंदा करते हैं. उसने कई किसान नेताओं को एहतियाती हिरासत में ले लिया है. उन्होंने सवाल दागा कि कैसे वह किसानों को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने से रोकने के लिए ऐसी पाबंदियां लगा सकती है. प्रस्तावित मार्च पर उन्होंने कहा कि यह ऐतहासिक आंदोलन होगा.

सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा- 26 और 27 नवंबर को पंजाब से लगती राज्य की सीमा सील रहेगीः
तीन दिसंबर को तीसरे दौर की वार्ता के लिए केंद्र द्वारा निमंत्रण दिए जाने पर राजेवाल ने कहा कि किसान संगठनों की अगली बैठक में इस विषय पर निर्णय लिया जाएगा. आप और अकालियों समेत कई राजनीतिक दलों ने किसानों के मार्च के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया. शिरोमणि अकाली दल ने हरियाणा सरकार के कदम की निंदा. इस बीच, केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश ने प्रदर्शनकारी किसानों से अपना विरोध मार्च टाल देने की अपील की. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को कहा कि 26 और 27 नवंबर को पंजाब से लगती राज्य की सीमा सील रहेगी.
सोर्स भाषा

हरियाणा : पत्नी से झगड़े के बाद पिता ने अपने तीन मासूम बच्चों को नहर में फेंका, आरोपी गिरफ्तार 

हरियाणा : पत्नी से झगड़े के बाद पिता ने अपने तीन मासूम बच्चों को नहर में फेंका, आरोपी गिरफ्तार 

करनाल: हरियाणा के करनाल जिले में रिश्तों को शर्मसार करने का मामला सामने आया है. यहां एक पिता ने अपनी पत्नी से झगड़े के बाद अपने तीन मासूम बच्चों को नहर में फेंक दिया. हालांकि मामले की जानकारी पुलिस को लगने के बाद उन्होंने गोताखोरों की मदद से बच्चों को ढूंढने की कोशिश की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

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पत्नी के साथ बहस के बाद तीनों नाबालिग बच्चों को नहर में फेंकाः
जानकारी के अनुसार हरियाणा के करनाल जिले में पत्नी के साथ बहस होने के बाद अपने तीन नाबालिग बच्चों को कथित रूप से नहर में फेंकने के आरोपी पिता को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि बच्चों का पता लगाने के लिए तीन गोतोखोरों को लगाया गया है.

पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह कबूलाः
कुंजापुरा थाने के प्रभारी मुनीष कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सुशील कुमार की सोमवार को पत्नी के साथ बहस हुई थी जिसके बाद उसने क्रमश: तीन, पांच और सात साल के तीन बच्चों को कुछ दिलाने के बहाने अपने साथ बाजार चलने को कहा तथा उन्हें नहर में फेंक दिया. पुलिस के अनुसार बाद में उसने पत्नी को इस घटना के बारे में बताया. थाना प्रभारी के मुताबिक सुशील कुमार को सोमवार रात को गिरफ्तार कर लिया गया और पूछताछ के दौरान उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया.
सोर्स भाषा