ठाकुरजी निकले नगर भ्रमण के लिए 

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/07/14 05:18

वैर (भरतपुर)। स्थानीय रियासतकालीन श्रीसीताराम जी मंदिर में ठाकुर जी की विधिविधान से पूजा अर्चना कर रथ में विराजमान किया गया है। बैंड बाजों की मधुर स्वर लहरियों के साथ मन्दिर संचालक सारथी आचार्य एवं लुपिन निदेशक के आतिथ्य में रथयात्रा का शंखनाद कर रवाना किया गया। छह दिवसीय रथयात्रा मेला महोत्सव का आयोजन सुख समृद्धि तथा आमजन की सहभागिता के लिए किया जा रहा है। 

मन्दिर पुजारी सोनू महाराज व कोमल महाराज ने बताया की प्रातः ठाकुरजी का अभिषेक कर रथ पर विराजमान किया गया तथा मंत्रोच्चारण से विशेष पूजा अर्चना के साथ महाआरती कर ठाकुरजी से नगर भ्रमण की प्रार्थना कर 11: 30 बजे संचालक आचार्य एवं निदेशक सीताराम गुप्ता, मन्दिर लश्करी महन्त मन्नुदास सहित हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में रथयात्रा को रवाना किया गया। नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह महिला-पुरूष श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर भोग प्रसाद व चढ़ावे चढाये जा रहे है। दर्जनों स्थानों पर रथयात्रा का स्वागत कर खीर, हलवा व चना के बिरहा ठण्डाई, आमरस का वितरण कर किया जा रहा है।

रामानुज सम्प्रदाय की रामस्नेही पीठ वैर महन्त गोपालराम पाठक ने बताया 300 वर्ष पूर्व प्रतापी महाराजा प्रताप सिंह के समय से श्रीसीतारामजी रथयात्रा मेला का आयोजन किया जा रहा है साथ ही यह रियासतकालीन रथ है। जिसमें लकड़ी के घोड़े है। इन घोड़ों को रस्सों से बांधकर हजारों श्रद्धालुओं द्वारा खींचकर ठाकुरजी को नगर भ्रमण कराया जाता है। मेले से पूर्व रथ की मरम्मत रंग रोगन कर तैयार किया जाता है। रियासतकाल से ही रियासत की सुख समृद्धि साम्प्रदायिक सद्भावना आमजन की सहभागिता तथा राष्ट्र की एकता व अखण्डता के लिये रथयात्रा मेला सहित अनेक कार्यक्रमों के आयोजन होते रहे है।

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