इस लोकसभा सीट पर कांटे की टक्कर, वैभव को लीड दिलाना बड़ी चुनौती

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/04/12 12:31


जैसलमेर। लोकसभा चुनाव के लिए मतदान में कुछ दिन ही शेष हैं, दूसरी ओर पोकरण से जीत कर कैबिनेट मंत्री बने शालेह मोहम्मद और जैसलमेर विधायक रूपाराम धनदे के लिए ये चुनाव किसी चुनौती से कम नहीं हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पोकरण में महंत प्रतापपुरी को हराने वाले कांग्रेसी विधायक शालेह मोहम्मद को सौगात के रूप में मंत्री पद दिया, लेकिन अब उनके लिए बड़ी चुनौती यह है कि वे सीएम गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को पोकरण विधानसभा से बढ़त दिलाएं, जबकि इसी विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी गजेंद्र सिंह ने गत बार 45 हजार मतों की बढ़त हासिल की थी। 

दूसरी तरफ जैसलमेर विधानसभा सीट से कांग्रेस के रूपाराम धनदे इस बार 29 हजार मतों से जीते हैं और उनके सामने भी चुनौती यह है कि कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी मानवेंद्र सिंह को इतने या इससे भी ज्यादा मतों से बढ़त दिलाना। लोकसभा चुनावों की रणभेरी बज चुकी है। जैसलमेर बाड़मेर सीट से कांग्रेस के मानवेंद्र सिंह व भाजपा के कैलाश चौधरी के बीच मुकाबला है। मानवेंद्र सिंह के पिता जसवंत सिंह गत चुनावों में निर्दलीय के तौर पर मैदान में थे। 

हालांकि वे 80 हजार मतों से हार गए थे। इसके बाद से जसवंत प्रकरण हावी रहा और भाजपा को कई जगह नुकसान भी झेलना पड़ा। विधानसभा चुनावों से पहले मानवेंद्र सिंह ने कांग्रेस ज्वॉइन कर ली थी। अब वे अपने क्षेत्र से लोकसभा उम्मीदवार हैं, वहीं पोकरण विधानसभा सीट जोधपुर लोकसभा क्षेत्र में है। 

ऐसे में वहां सीएम गहलोत के पुत्र वैभव का मुकाबला गत बार रिकॉर्ड मतों से जीते केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह से है। राज्य के कैबिनेट मंत्री शालेह मोहम्मद को पोकरण विधानसभा में सीएम के बेटे को बड़ी बढ़त दिलाना चुनौती भरा रहेगा। हालांकि वे खुद 800 मतों से ही जीते थे, लेकिन अब हालात अलग है। 
यहां से भाजपा के उम्मीदवार गजेंद्र सिंह ने गत बार 45 हजार मतों की बढ़त ली थी।

ऐसे में वैभव को बढ़त दिलाने के लिए कैबिनेट मंत्री को दिन-रात एक करने होंगे।  गौरतलब है कि केबीनेट मंत्री सालेह मोहम्मद पोकरण से विधायक है तथा पोकरण विधानसभा जोधपुर संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है। जोधपुर संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार की घोषणा होते ही केबीनेट मंत्री ने पोकरण में डेरा डाल दिया है तथा वैभव गहलोत के प्रचार प्रसार में चैबीसों घंटे मेहनत कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि हालही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में जोधपुर संसदीय क्षेत्र की 8 में से 6 सीटों पर कांग्रेस ने बाजी मारी है। वहीं दो विधानसभा सीटों पर कम मार्जन से कांग्रेस को हार झेलनी पडी है। वहीं अब समूचे जोधपुर संसदीय क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। उन्होंने कहा कि जननायक व मुख्यमंत्री अषोक गहलोत के पुत्र वैभव को जोधपुर संसदीय क्षेत्र से निष्चित रूप से ऐतिहासिक जीत मिलेगी।  

दोनों की बढ़त को बरकरार रखना चुनौती 

जैसलमेर व पोकरण विधायकों के लिए पार्टी के लोकसभा प्रत्याशियों को जिताना कठिन चुनौती है। जैसलमेर सीट पर गत बार जसवंत सिंह 20 हजार मतों से आगे थे, रूपाराम इस बार 29 हजार मतों से जीते हैं। इतना ही नहीं मानवेंद्र सिंह वर्ष 2004 में भाजपा की तरफ से खड़े थे और करीब 45 से 50 हजार मतों की लीड ली थी। इस बार मानवेंद्र सिंह कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। विधायक को प्रदेश संगठन में अपना ग्राफ बढ़ाने के लिए मनवेंद्र सिंह को बढ़त दिलाने के लिए खासी मशक्कत करनी होगी।

 केबीनेट मंत्री सालेह मोहम्मद ने बाडमेर-जैसलमेर लोकसभा सीट से कांग्रेस की एकतरफा जीत का दावा करते हुए कहा कि जैसलमेर विधानसभा सीट से मानवेन्द्रसिंह को एक लाख मतों की बढत मिलेगी। उन्होंने कहा कि जसवंतसिंह व उनके परिवार के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने के बाद भाजपा का दामन छोडकर मानवेन्द्रसिंह ने कांग्रेस का दामन थामा है।

उन्होंने कहा कि मानवेन्द्रसिंह ने सही समय पर सही निर्णय लिया है। केबीनेट मंत्री ने कहा कि बाडमेर-जैसलमेर लोकसभा संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस व मानवेन्द्रसिंह की लहर चल रही है। हालही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने बाडमेर-जैसलमेर संसदीय सीट में 8 में से 7 सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं समूचे संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस को लेकर जनता में उत्साह का माहौल है। वहीं कांग्रेस ने मानवेन्द्रसिंह के रूप में मजबूत उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। उन्होंने कहा कि निष्चित रूप से बाडमेर-जैसलमेर संसदीय सीट पर मानवेन्द्रसिंह विजयी पताका लहराएंगे।  

दोनों विधायकों की प्रतिष्ठा लगी दांव पर 
जैसलमेर जिले के दोनों विधायकों के लिए लोकसभा चुनाव महत्वपूर्ण होगा। सीएम गहलोत के दावों पर खरा उतरने के लिए इनकी प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। दोनों ही विधायकों की प्रतिष्ठा दांव पर होने से वे मानसिक तनाव में हैं और आगामी लोकसभा चुनावों को लेकर गंभीर मंथन में अपने अपने क्षेत्रों में जुटे हुए हैं। 

मोदी फेक्टर फेर सकता है उम्मीदों पर पानी 

गत विधानसभा चुनावों में जैसलमेर जिले की दोनों सीटों पर अलग माहौल था। उस दौरान मतदाताओं में वसुंधरा राजे और राजपूतों से नाराजगी थी। राजनीतिक जानकार बताते हैं कि इन्हीं दो फेक्टर पर मतदाताओं ने मतदान किया था, लेकिन लोकसभा चुनावों में मोदी फेक्टर हावी रहने की संभावना है और यही फेक्टर दोनों विधायकों की उम्मीदों पर पानी फेर सकता है।   

       फर्स्ट इंडिया न्यूज के लिए जैसलमेर से सूर्यवीर सिंह की रिपोर्ट

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