जयपुर नव भारत के निर्माता...सीनियर RAS टीकम चंद बोहरा ने बाल दिवस पर लिखी पंडित जवाहर लाल नेहरू पर कविता

नव भारत के निर्माता...सीनियर RAS टीकम चंद बोहरा ने बाल दिवस पर लिखी पंडित जवाहर लाल नेहरू पर कविता

नव भारत के निर्माता...सीनियर RAS टीकम चंद बोहरा ने बाल दिवस पर लिखी पंडित जवाहर लाल नेहरू पर कविता

जयपुर: स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का देश में क्रान्ति लाने में बहुत बड़ा सहयोग था. वे बहुत उच्च और सकारात्मक विचार वाले व्यक्ति थे. उन्हें भारत देश और उसकी संस्कृति से बहुत प्रेम था. उनको बच्चों से भी बेहद प्रेम था. छोटे बच्चे उन्हें बहुत अच्छे लगते थे. 

अपने प्रधानमंत्री के कार्यकाल में वे वक्त वक्त पर बच्चों से भेंट करने जाते थे. आज बाल दिवस के मौके पर उनके चाहने वाले पंडित नेहरू को याद कर रहे हैं. आज इस पोस्ट में हम आपके लिए राजस्थान के सीनियर आएएएस टीकम चंद बोहरा की जवाहर लाल नेहरू के प्रति दिल छु लेने वाली एक ऐसी कविता लेकर आएं हैं जिसे पढ़कर आप भी उनकी याद में खो जाएंगे. बता दें कि RAS टीकम चंद बोहरा भू प्रबंध विभाग में एडीशनल कमिश्नर के पद पर कार्यरत है. 

टीकम चंद बोहरा की पंडित जवाहर लाल नेहरू पर लिखी गई कविता के बोल कुछ इस तरह है...

नव भारत के निर्माता, पण्डित नेहरू जवाहर लाल। 
चाचा नेहरू कहते प्यार से, जिनको बाल गोपाल॥

स्वतंत्रता सेनानी बनकर, कराया भारत को आज़ाद। 
अंग्रेज़ों से आपने कभी, नहीं की माफ़ी की फ़रियाद॥
प्रथम प्रधानमंत्री बनकर रखी, नवभारत की बुनियाद। 
सियासी गुरु गाँधीजी की, सीख रखी सदा ही याद॥
पंचवर्षीय योजनाएं बनाकर, काम किया कमाल। 
नव भारत के निर्माता, पण्डित नेहरू जवाहर लाल॥

रूढ़ियों को त्यागकर, लागू किया भारत का संविधान। 
सरदार पटेल की अगुआई में, बनाया देश यह महान॥
आपकी ही बदौलत बना, कश्मीर भारतवर्ष की शान। 
लोकतंत्र की स्थापना में, आपका अहम योगदान॥
सार्वजनिक उपक्रम लगाकर, काम किया बेमिसाल। 
नव भारत के निर्माता, पण्डित नेहरू जवाहर लाल॥

पड़ौसी देशों के साथ में, नीति पंचशील की अपनाई। 
दोस्त समझा मगर दुश्मन, निकला चाऊ-एन-लाई॥
गुट निरपेक्ष की नीति पर, की कई देशों की अगुआई। 
शीतयुद्ध के दौर में ख्याति, भारत को अपार दिलाई॥
दुनिया में मान बढ़ाया, रखा भारत का ऊँचा भाल। 
नव भारत के निर्माता, पण्डित नेहरू जवाहर लाल॥

क़ैद कारा में रहकर किया, आज़ादी का स्वप्न साकार। 
स्वतंत्र भारत की नींव के प्रस्तर, देश माने तेरा उपकार॥
ज्ञान विज्ञान और आधुनिकता के, आप प्रबल पैरोकार। 
बात क़लम के धनी आप, भारत की खोज के रचनाकार॥
विश्व इतिहास की पैनी निगाह से, की आपने पड़ताल। 
नव भारत के निर्माता, पण्डित नेहरू जवाहर लाल॥

नव रीति नीति से कर दिया, आपने देश का कायाकल्प। 
बदली तक़दीर भारत की, राष्ट्र निर्माण का लिया संकल्प॥
विरले विद्वान का भारत-भू पर, मिला न कोई विकल्प। 
मन वचन कर्म से की जनसेवा, किया नहीं कोई गल्प॥
लाख आंधियाँ चले भले, तेरी बुझ न सकेगी मशाल। 
नव भारत के निर्माता, पण्डित नेहरू जवाहर लाल॥

और पढ़ें