विधानसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान सुनाई दी कई मामलों की गूंज

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/01/21 03:31

जयपुर। राजस्थान में 15वीं विधानसभा के पहले सत्र में आज प्रश्नकाल के दौरान कई मामलों की गूंज सुनाई दी और सत्ता पक्ष और विपक्ष के साथ ही निर्दलीय विधायकों ने भी एक-दूसरे पर जमकर निशाने साधे। इसके साथ ही पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर भी मौजूदा सरकार के विधायकों ने कई मामलों को लेकर सवाल उठाए। प्रश्नकाल के दौरान आज जहां किसान कर्ज माफी, बेरोजगारी भत्ते, छात्रवृत्ति, आरक्षण जैसे मुद्दे उठाए गए, वहीं विधानसभा के सदन में हिंदुत्व का मुद्दा भी उठाया गया।

विधानसभा में आज सदन की कार्यवाही में प्रश्नकाल के दौरान निर्दलीय विधायक बलजीत यादव ने किसान कर्ज माफी को लेकर पूर्ववर्ती सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में बहरोड़ में सहकारी समिति ने झूठे खाते खोलकर घोटाला किया और किसानों के नाम पर फर्जी लोन उठा लिया गया। वहीं नरेंद्र बुडानिया ने कहा परवन सिंचाई परियोजना को गहलोत सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट बताया। इस पर भाजपा विधायक मदन दिलावर ने आपत्ति जताई और कहा कि पिछले 7 सालों से कांग्रेस यह तय नहीं कर पाई कि पानी सिंचाई के लिए दिया जा सकता है या नहीं। राजे सरकार ने इसकी शुरुआत की थी और अब कांग्रेस इसका श्रेय लेना चाहती है।

इसके साथ ही मदन दिलावर ने बेरोजगारी भत्ते के मुद्दे पर मौजूदा कांग्रेस की सरकार को घेरा और कहा कि मुझसे युवाओं ने मेरे क्षेत्र में पूछा कि हमें 3500 रुपए मासिक कब मिलेंगे, तो मैंने उनसे पूछा कि कौन से 3500, इस पर तो उन्होंने कांग्रेस के घोषणा पत्र का दिया हवाला। लेकिन मैंने राज्यपाल अभिभाषण को उलटा-पुलटा, दाएं-बाएं सब तरह से देखा, इसमें कहीं बेरोजगारी भत्ते का जिक्र नहीं किया गया है। इस पर कांग्रेस सदस्यों ने भी आरोप लगाए और कहा कि साढ़े पांच लाख बेरोजगारों को रोजगार देने के भाजपा के वादे का क्या हुआ? बीच में जब हंगामा हुआ तो सभापति राजेंद्र पारीक ने कहा कि अभिभाषण पर 20 सदस्य बोलेंगे, इसलिए निवेदन है कि बीच में टोका-टोकी न करें।

मदन दिलावर ने फिर हिंदुत्व का मुद्दा उठाया और कहा कि एक हिंदू लड़की को उठाकर ले गए और सरकार के मंत्री उसे छुड़ाने के बजाय 5 लाख रुपए देने के लिए कह रहे हैं, यह कैसी सरकार है। इस पर मुख्य सचेतक महेश जोशी ने आपत्ति जताई, जिस पर सभापति राजेंद्र पारीक ने व्यवस्था दी और कहा कि नेता प्रतिपक्ष आपसे आग्रह है कि बिना नोटिस दिए आपके सदस्य कोई आरोप ना लगाएं। क्या बार-बार टोकना अच्छा लगता है, सदन की कार्यवाही में आपकी ऐसी कोई भी बात अंकित नहीं होगी।

मदन दिलावर ने कहा कि अभिभाषण में केवल अल्पसंख्यक छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति की बात की गई, अन्य समाजों की बेटियों के लिए कोई जिक्र नहीं किया गया। क्या बंजारों की बेटियां नहीं है क्या, गाड़िया लोहारों की बेटियां नहीं है? उनके उत्थान के लिए क्यों कोई घोषणा नहीं की गई?वीर सावरकर ने सच कहा था कि 1 दिन ऐसा आएगा कि लोग ढोंग के लिए जनेऊ पहनेंगे। सुप्रीम कोर्ट में जाकर यह भी कहा गया कि भगवान राम कपोल कल्पित कल्पना है, भगवान राम पैदा ही नहीं हुए। यह कहा गया, क्या यह रामायण और गीता का अपमान नहीं है। भाजपा राम मंदिर बनाने में सहयोग करेगी और दुनिया की कोई ताकत इसे रोक नहीं सकती।

महिलाओं के सम्मान का मुद्दा उठाते हुए मदन दिलावर ने कहा कि आप महिलाओं के सम्मान की चिंता करते हैं, तो आप ने भंवरी देवी के साथ क्या किया था, यह भी बता दें। इस पर ओसियां विधायक दिव्या मदेरणा ने आपत्ति जताई और कहा कि मदन दिलावर राज्यपाल अभिभाषण के एक भी अनुच्छेद पर नहीं बोले और महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं।

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