नई दिल्ली वैवाहिक बलात्कार मामला: केंद्र ने आपराधिक कानूनों में व्यापक संशोधन की प्रक्रिया शुरू की

वैवाहिक बलात्कार मामला: केंद्र ने आपराधिक कानूनों में व्यापक संशोधन की प्रक्रिया शुरू की

वैवाहिक बलात्कार मामला: केंद्र ने आपराधिक कानूनों में व्यापक संशोधन की प्रक्रिया शुरू की

नई दिल्ली: केंद्र ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि वैवाहिक बलात्कार के संबंध में देश की आपराधिक न्याय प्रणाली की व्यापक समीक्षा सहित विभिन्न सिफारिशों पर गौर करते हुए सरकार ने सभी हितधारकों के परामर्श से आपराधिक कानूनों में व्यापक संशोधन की प्रक्रिया शुरू की है.

महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि वैवाहिक बलात्कार का मामला भारत संघ के विरुद्ध आरआईटी फाउंडेशन द्वारा दाखिल रिट याचिका में पुनरीक्षा याचिका माननीय दिल्ली उच्च व्यायालय में विचाराधीन है.

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही, गृह मंत्रालय की स्थायी संसदीय समिति ने अपनी 146 वीं रिपोर्ट में देश की आपराधिक न्याय प्रणाली की व्यापक समीक्षा किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया है. समिति ने संसद में एक व्यापक कानून पेश करके देश के आपराधिक कानून में संशोधन करने तथा इसे तर्कसंगत बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया था. ईरानी ने कहा कि इन सिफारिशों के तदनुसार भारत सरकार ने सभी हितधारकों के परामर्श से आपराधिक कानूनों में व्यापक संशोधन की प्रक्रिया शुरू की है.

निर्भया निधि के तहत एक अप्रैल, 2015 से पूरे देश में वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) योजना चला रहा:
उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 के तहत संरक्षण आदेश मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किए जाते हैं. उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों में हिंसा (घरेलू हिंसा सहित) से प्रभावित महिलाओं की पुलिस, चिकित्सा, कानूनी सहायता और परामर्श सहित अन्य सेवाओं के साथ समर्थन एवं सहायता करने के उद्देश्य से निर्भया निधि के तहत एक अप्रैल, 2015 से पूरे देश में वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) योजना चला रहा है.

ताजा स्थिति के अनुसार देश भर में 733 ओएससी मंजूर किए गए:
इस स्कीम के तहत केंद्र सरकार ओएससी की स्थापना और प्रबंधन के लिए जिलों को सीधे 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान करती है. ताजा स्थिति के अनुसार देश भर में 733 ओएससी मंजूर किए गए हैं जिनमें से 704 चालू हैं और उनसे 4.54 लाख से अधिक महिलाओं की मदद हुयी है. सोर्स- भाषा 

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