चिकित्सा विभाग ने निपाह वायरस को लेकर जारी किया अलर्ट

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/19 11:21

जोधपुर: निपाह वायरस का एक बार फिर खौफ फैल गया है. केरल में इस वायरस ने जहां भयावह रूप ले लिया है तो वही जोधपुर में भी इसको लेकर अलर्ट जारी है. फिलहाल अभी किसी तरह का केस सामने जोधपुर में नही आया है मगर चिकित्सकों की माने तो इसको लेकर पहले ही अलर्ट रहना काफी जरूरी है. चिकित्सकों ने जहां केरल से आने वाले फलो का सेवन नही करने की सलाह दी है तो वही इस वायरस के लक्षण दिखने पर तुरंत ईलाज कराने की बात भी कही है.  

स्वास्थ्य विभाग की टीमे अलर्ट
सिंगापुर के मलेशिया के बाद सबसे पहले भारत के केरला में दस्तक देने वाले निपाह वायरस का खौफ एक बार फिर देशभर में बढ़ने के साथ ही जोधपुर में भी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमे पूरे तरह से अलर्ट हो गई है. हालांकि वर्तमान में अभी तक जोधपुर में इस तरह का कोई कैस सामने नही आया है मगर बच्चो में इस वायरस का खतरा अधिक रहता है. ऐसे में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ नरेन्द्र छंगाणी ने इसके बचाव के उपाय के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस वायरस के बचाव के उपाय तो हमारे पास है मगर इसका कोई भी ईलाज अभी तक नही है. 

निपाह वायरस एक जूनोटिक डिजिट
उन्होंने कहा कि केरल से जो फ्रूट्स आ रहे है जैसे केले, पिन खजूर या फिर नारियल इत्यादी जैसे फ्रूट्स से बचे और इनका सेवन नही करें. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर यह वायरस किसी को होता भी है तो उसका तुरंत प्रभाव से ईलाज कराए और जो उनके संपर्क में रहने वाले लोग है उनका आईसोलेशन किया जाए ताकि इसके आगे से आगे फैलने का डर नही रहे. निपाह वायरस एक जुनोटिक डिजिट है जो हमारे आस-पास जो जानवर घूमते है उनसे हमको होती है. यह वायरस सबसे पहले 2001 में सिंगापुर के मलेशिया में पहली बार इस बीमारी को रिपोर्ट किया गया था जो पिग्स से आदमी संक्रमित हुआ उसके बाद आदमी से आदमी में यह आगे से आगे फैलता गया.

केरल में इस वायरस की शुरूआत 
भारत में पिछले साल भी केरल में इस वायरस की शुरूआत हुई है थी और वर्तमान की बात करे तो आज वहां यह वायरस भयावह रूप ले चुका है।. डॉ छांगाणी ने कहा कि केरल में यह पिग्स के साथ-साथ जो फ्रूट्स बेट्स होती है उनके सिक्रेसन्स होते है वह फ्रूट्स पर आ जाते है खासकर पिन खजूर पर,जैसे पाम लिक्विड्स होते है उनमें इनके एक्सिटाज आ जाने के बाद अब यह आदमी से आदमी में संक्रमित होता जा रहा हैं. डब्ल्यू एचओ ने कई बार इस पर स्टडी की है मगर इसके बचाव के उपाय हमारे पास है मगर इसका ईलाज नही है. छंगाणी ने कहा कि जोधपुर में यह वायरस दो वर्ष पूर्व एक निजी अस्पताल के दो कम्पाउंडरो को हुआ था. 

...राजीव गौड़ फर्स्ट इंडिया न्यूज जोधपुर

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