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'पापा दुश्मनों को मार रहे हैं, मैं भी बंदूक लेकर फौज में जाऊंगा'
'पापा दुश्मनों को मार रहे हैं, मैं भी बंदूक लेकर फौज में जाऊंगा'

झुंझुनूं। अपने पिता के शहीद होने से अन्जान बेटे खुशांक का जज्बा देखिए कि उसने भी उसने 5 साल की उम्र में ही बन्दूक लेकर सेना में जाने की इच्छा जता दी और दुश्मनों को ढेर करने की बात कही है। पुलवामा जिले में कल देर रात से जारी सुरक्षा बलों और आतंकियों की मुठभेड़ शहीद होने वाले झुंझुनूं जिले के जांबाज श्योराम सिराधना के घर के साथ ही पूरे गांव में शोक की लहर है।

पुलवामा में रविवार देर रात को हुए सुरक्षा बलों की आतंकियों से मुठभेड़ में शहादत देकर राजस्थान में रणबांकुरों की खान कहे जाने वाले झुंझुनूं के नाम एक और तमगा जुड़ा है। झुंझुनूं में खेतड़ी के टीबागांव में रहने वाले श्योराम इस मुठभेड़ में आतंकियो से लोहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त हुए हैं। शहीद के पिता बालूराम की पहले मौत हो चुकी है, जबकि माता शारली देवी, वीरांगना सरिता देवी व एक 5 साल का बच्चा है, जो कि अभी एलकेजी में पढ़ाई कर रहा है।

अपने पिता के शहीद हो जाने की बात से अन्जान शहीद श्योराम सिराधना के पांच साल के बेटे ने इस छोटी सी उम्र में ही देशभक्ति का जज्बा दिखाया है। 5 साल के मासूम ने कहा कि, 'मेरे पापा दुश्मनों को मार रहे हैं और मैं भी बंदूक लेकर फौज में जाऊंगा और दुश्मनों को मारूंगा।' दूसरी ओर, गांव के सपूत के शहीद हो जाने को लेकर पूरे गांव में शोक की लहर है, लेकिन हर कोई अपने गांव के नाम पर नाज भी कर रहा है।

श्योराम के शहीद होने के बारे में गांव में सूचना पहुंच चुकी है और अभी परिजनों को यह सूचना नहीं दी गई है, लेकिन गांव के लाल के शहीद होने की सूचना से पूरा गांव शोकमग्न है। गांव में जिन घरों में शादी-ब्याह होने है, उन घरों में गाए जा रहे मंगल गीत भी बंद कर दिए गए हैं। बता दें कि शहीद जवान 55 आरआर कंपनी में कश्मीर के पुलवामा में तैनात थे। रविवार रात को आतंकवादियों से चली मुठभेड़ में मेजर सहित चार जवान शहीद हुए हैं।

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