नवरात्रि पंचमी आज, स्कंदमाता की पूजा से मिलेंगे ये लाभ

नवरात्रि पंचमी आज, स्कंदमाता की पूजा से मिलेंगे ये लाभ

नवरात्रि पंचमी आज, स्कंदमाता की पूजा से मिलेंगे ये लाभ

जयपुर: नवदुर्गा के पांचवें स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है. स्कन्दमाता की उपासना से बालरूप स्कन्द भगवान् की उपासना स्वयमेव हो जाती है. कार्तिकेय (स्कन्द) की माता होने के कारण इनको स्कंदमाता कहा जाता है. कमल के आसन पर विराजमान होने के कारण से इन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है.

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स्कन्दमाता पूजा मंत्र-
सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कंदमाता सशस्विनी।।

स्कंदमाता की पूजा से मिलेंगे ये लाभ:
- स्कंदमाता की पूजा से संतान प्राप्ति में आसानी हो जाती है.
- इसके साथ ही अगर संतान की तरफ से कोई कष्ट हो तो वह भी समाप्त हो जाता है.
- पीले वस्त्र धारण कर पूजा करने से परिणाम अति शुभ मिलता है.
- संकदमाता की पूजा करने से शत्रु पराजित नहीं कर सकता.
- स्कंदमाता की कृपा से व्यक्ति जीवन मरण के चक्र से मुक्त होता है.
- साधना में लीन साधक सिद्धि प्राप्ति के लिए भी मां स्कंदमाता की उपासना करते हैं.

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