सुनील मित्तल बोले- दूरसंचार क्षेत्र में नए मुकदमों से बचने के लिए नियामकीय व्यवस्था को सरल बनाने की है जरूरत

सुनील मित्तल बोले- दूरसंचार क्षेत्र में नए मुकदमों से बचने के लिए नियामकीय व्यवस्था को सरल बनाने की है जरूरत

सुनील मित्तल बोले- दूरसंचार क्षेत्र में नए मुकदमों से बचने के लिए नियामकीय व्यवस्था को सरल बनाने की है जरूरत

नई दिल्ली:  भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल ने कहा है कि दूरसंचार क्षेत्र में नए मुकदमों से बचने के लिए नियामकीय व्यवस्था को सरल बनाने की जरूरत है. इसके साथ ही उन्होंने स्पेक्ट्रम की कीमतें घटाने तथा शुल्कों को कम करने पर जोर दिया.

मित्तल ने बुधवार को इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) को संबोधित करते हुए कहा कि दूरसंचार क्षेत्र में काफी मुकदमेबाजी होती है. हमें नए मुकदमों से बचना चाहिए. मित्तल ने कहा कि मैं सरकार से यह भी अनुरोध करना चाहूंगा कि एक क्षेत्र जहां हमें अपने उद्योग पर पड़ने वाले दबाव को कम करने की आवश्यकता है, वह वास्तव में मुकदमेबाजी है. काफी मुकदमे अब भी लंबित हैं." उन्होंने कहा कि मौजूदा मामलों को निपटाने और नए मुकदमों से बचने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि हमारे पास एक ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जो अपने नियामकीय क्षेत्र में सरल हो और जिसमें आगे चलकर अधिक मुकदमेबाजी की गुंजाइश न हो. इससे उद्योग की ऊर्जा बचेगी."

उन्होंने इस क्षेत्र में उच्च शुल्क का मुद्दा उठाते हुए कहा कि स्पेक्ट्रम अब भी महंगा है और सरकार को इन लंबित मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है. मित्तल ने यह भी कहा, हालांकि उद्योग बाजार में प्रतिस्पर्धा करता है, लेकिन उसे टावर और फाइबर जैसे विभिन्न क्षेत्रों में आपस में सहयोग करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि हमें एक-दूसरे से बातचीत शुरू करने की जरूरत है, जैसा दुनिया में हो रहा है. प्रतिस्पर्धा करते हुए टावर ढांचे को साझा करने की जरूरत है. सोर्स- भाषा

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