राज्य की नई आबकारी नीति जारी, लाइसेंसों आवंटन के लिए होगा ऑनलाइन आवेदन

Nirmal Tiwari Published Date 2019/02/01 10:08

जयपुर। राजस्थान में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए राज्य सरकार के वित्त विभाग ने नई आबकारी नीति जारी कर दी है। इस आबकारी नीति के मुताबिक, प्रदेश में शराब की दुकानों के लिए फिर से लॉटरी होगी। देसी और अंग्रेजी शराब के लिए आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है और ऑनलाइन आवेदन की तिथि भी जल्द जारी होगी। इसके लिए 31 मार्च से पहले बंदोबस्त होगा, वहीं राजधानी जयपुर में शराब की दुकान के लिए आवेदन की फीस 28 हजार रुपए रखी गई है। 

राज्य की नई आबकारी नीति एक वर्ष के लिए जारी कर दी गई है। इसके तहत देशी मदिरा अनुज्ञा पत्र समूह वार विशेषाधिकार राशि पर एकाकी विशेषाधिकार प्रणाली के अंतर्गत आवंटित किए जाएंगे। अंग्रेजी शराब के खुदरा अनुज्ञा पत्र दुकान पर निश्चित वार्षिक लाइसेंस आवंटित किए जाएंगे, वहीं भांग समूहों का निविदाएं आमंत्रित कर बंदोबस्त किया जाएगा। शराब लाइसेंस आवंटन के लिए आबकारी विभाग ऑनलाइन आवेदन लेगा और लॉटरी के द्वारा आवंटन होगा।

नई आबकारी नीति के अनुसार, देशी मदिरा समूह के लाइसेंस फीस में 15 फीसदी की वृद्धि की गई है, वहीं लाइसेंस फीस का 8% धरोहर राशि के तौर पर जमा होगा। इसके साथ ही देशी मदिरा की 6,640 दुकान आवंटित होगी, वहीं देशी मदिरा समूह की संख्या घटाकर की 5543 की गई है। 10 लाख रुपए तक के देशी मदिरा समूह के लिए आवेदन शुल्क 23 हजार रखा गया है, वहीं 10 लाख से अधिक के समूह के लिए आवेदन शुल्क 28 हजार होगा। अंग्रेजी शराब की दुकानों के लिए 28 हजार रुपए आवेदन शुल्क निर्धारित किया गया है। जयपुर से जोधपुर के लिए बेसिक लाइसेंस फीस 22 लाख और न्यूनतम स्पेशल बैंड फीस 8 लाख होगी, कुल लाइसेंस फीस 30 लाख होगी।

चतुर्थ श्रेणी की नगर पालिका अंग्रेजी मदिरा दुकान कम्पोजिट होगी, जिसमें सागवाड़ा नगर पालिका को छोड़कर कम्पोजिट 29 मार्च तक जमा करानी होगी। इसके साथ ही देशी मदिरा, अंग्रेजी शराब एवं बीयर पर आबकारी शुल्क में बदलाव भी किया गया है। देशी मदिरा पर आबकारी शुल्क 130 रुपए प्रति एलपीएल, अंग्रेजी शराब पर 150 रुपए प्रति एलपीएल निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार से देशी मदिरा के पव्वे का न्यूनतम विक्रय मूल्य 40 यूपी, ग्लास 32, 40 यूपीटेट 31 रुपए एवं 50 रुपए से 27 रुपए किया गया है।

होटल-बार लाइसेंस फीस नए सिरे से होगी निर्धारित :
— फाइव स्टार होटल 17 लाख रुपए सालाना,
— 4 स्टार होटल में 12 लाख रुपए,
— 3 स्टार होटल 9.30 लाख रुपए,
— लग्जरी ट्रेन 9.30 लाख रुपए,
— 50 कमरों तक की होटल के लिए 9 लाख,
— 51 से 100 कमरों की होटल के लिए 11 लाख रुपए,
— 100 कमरों से अधिक की होटल के लिए 16 लाख रुपए फीस होगी।

अंग्रेजी शराब के लिए लाइसेंस फीस का निर्धारण :
— जोधपुर 30 लाख, संभागीय मुख्यालय माउंट आबू से जैसलमेर 25 लाख
— जिला मुख्यालय अलवर, सीकर भीलवाड़ा पाली, गंगानगर साढ़े 18 लाख रुपए
—अन्य जिला मुख्यालय एवं नगर पालिका, नगर परिषद कोटपूतली, बहरोड़, ब्यावर, किशनगढ़, कुचामन सिटी, मकराना, देवली, रामगंजमंडी, झालरापाटन भवानीमंडी, आबू रोड, बालोतरा, भीनमाल, गंगापुरसिटी, हिंडौनसिटी, निंबाहेड़ा, फलोदी ,सागवाड़ा, सूरतगढ़ और नीमकाथाना में 17 लाख रुपए। अन्य चतुर्थ श्रेणी की अन्य नगर पालिका को छोड़कर 15 लाख लाइसेंस फीस होगी।

डीआईओ बोंड की राशि की निर्धारित :
— विभिन्न इकाइयों के लिए लाइसेंस फीस का भी किया निर्धारण
— डिस्टलरी 30 किलो लीटर तक 25 लाख सालाना से बढ़ाकर साढ़ 37 लाख रुपए
— ब्रेवरी 30 किलोमीटर तक 20 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपए बॉटलिंग
— प्लांट 2 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपए
— रिटेल प्लांट 5 लाख से बढ़ाकर 7.30 लाख रुपए
— वायनरी 5 हजार से बढ़ाकर 75000 रुपए

पर्यटन इकाइयों के लिए अधिक अलग से फीस का निर्धारण :
— राष्ट्रवाद जयपुर जोधपुर के लिए 10 लाख रुपए लाइसेंस फीस
— अन्य संभाग मुख्यालय माउंटआबू, जैसलमेर 7.30 लाख रुपए
— अन्य जिला मुख्यालय 6 लाख रुपए
— अन्य नगर पालिका एवं भिवाड़ी 5.30 लाख रुपए
— अन्य रेस्टोरेंट्स साढ़े 4 लाख रुपए

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