निर्जला एकादशी पर गरीबों और जरूरतमंदों को करें दान, ऐसे करें पूजा

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/13 10:26

जयपुर: आज देशभर में निर्जला एकादशी मनाई जा रही है. ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष यानी निर्जला एकादशी पर किया गया व्रत, अनुष्ठान बेहद फलदायी है. इस दिन किए गए पूजन व दान-पुण्य से अक्षय पुण्य की प्रप्ति होती है. अगर आप साल की 24 एकादशी का व्रत नहीं पाते तो इस एक व्रत को करने मात्र से ही आप सारा पुण्य कमा सकते हैं. यह व्रत बिना पानी के रखा जाता है इसलिए इसे निर्जला एकादशी कहते हैं. 

निर्जला एकादशी पर गरीबों व जरूरतमंदों को दान करें
ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष यानी आज निर्जला एकादशी पर किया गया व्रत, अनुष्ठान बेहद फलदायी है. आज के दिन किए गए पूजन व दान-पुण्य से अक्षय पुण्य की प्रप्ति होती है. निर्जला एकादशी पर गरीबों व जरूरतमंदों को दान देने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं. निर्जला एकादशी के दिन अन्न, वस्त्र, गौ, जल, शैय्या, सुन्दर आसन और छाता दान करना चाहिए. जो इस दिन सुपात्र ब्राह्मण को जूता दान करता है उसे स्वर्गलोक की प्राप्ति होती है.  

धार्मिक मान्यता
एक बार भीम ने व्यासजी से निवेदन किया कि मुझसे कोई व्रत नहीं किया जाता. ऐसा उपाय बताएं जिसके प्रभाव से सद्गति प्राप्त हो जाए. तब व्यासजी ने कहा कि वर्षभर की सम्पूर्ण एकादशी का व्रत नहीं हो सकता तो केवल एक निर्जला कर लो, इससे सालभर की एकादशी के समान फल प्राप्त हो जाएगा. भीम ने ऐसा ही किया. इसलिए इस एकादशी को भीमसेनी एकादशी नाम से भी जाना जाता है. 

निर्जला एकादशी की पूजा विधि
निर्जला एकादशी के दौरान भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. सुबह व्रत की शुरुआत पवित्र नदियों में स्नान करके किया जाता है. अगर नदी में स्नान ना कर पाएं तो घर पर ही नहाने के बाद 'ऊँ नमो वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें. भगवान विष्णु की पूजा करते समय उन्हें लाल फूलों की माला चढ़ाएं, धूप, दीप, नैवेद्य, फल अर्पित करके उनकी आरती करें. 24 घंटे बिना अन्न-जल व्रत रखें और अगले दिन विष्णु जी की पूजा कर व्रत खोलें. इस व्रत के दौरान ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा देना शुभ माना जाता है. 

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